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Patiala News: पंजाब में बिजली की मांग बढ़ी, थर्मल प्लांटों से 1140 मेगावाट सप्लाई ठप
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-तकनीकी खराबी के चलते तलवंडी साबो व रोपड़ के यूनिट बंद पड़े
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में गर्मी के तीखे होते तेवरों और धान की सीधी बिजाई शुरू होने से शुक्रवार को बिजली की मांग में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। बिजली की अधिकतम मांग 11329 मेगावाट रही, जो मई में अब तक की सबसे अधिक है। इस बीच विभिन्न थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद रहने से कुल 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई भी ठप रही। हालांकि, फिलहाल बिजली की इस मांग को पूरा करने में पावरकॉम को कोई मुश्किल नहीं हो रही है, लेकिन 1 जून से पंजाब में जोन वाइज धान की बिजाई शुरू हो जाएगी, उस वक्त यूनिटों में तकनीकी खराबी के चलते इस तरह से बंद रहने से पावरकाम के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
पावरकाॅम अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इस तरह की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए पूरी तैयारी है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 11329 मेगावाट दर्ज की गई। यह मई महीने में अब तक की सबसे अधिक बिजली की मांग है। आंकड़ों के मुताबिक 11 मई को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 8911 मेगावाट, 12 मई को 9156 मेगावाट, 13 मई को 10387 मेगावाट व 14 मई को 10613 मेगावाट दर्ज की गई थी। दरअसल, इस महीने में पाक-भारत तनाव के चलते ब्लैक आउट रहने और तेज हवाएं व बारिश पड़ने के कारण गर्मी के कम होने से बिजली की मांग में ज्यादा वृद्धि दर्ज नहीं की गई थी, लेकिन गर्मी के तीखे होते तेवरों के कारण आने वाले दिनों में बिजली की मांग में और वृद्धि की पूरी संभावना है। ऊपर से धान का सीजन भी शुरू हो गया है, लेकिन इन सबके बीच थर्मलों के यूनिटों में तकनीकी खराबी का सिलसिला जारी है।
ये यूनिट रहे बंद
शुक्रवार को सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल का 1 नंबर यूनिट, वहीं रोपड़ प्लांट का 210 मेगावाट का चार नंबर यूनिट और गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का दो नंबर यूनिट बंद रहे। इसके चलते कुल 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप रही। तलवंडी व रोपड़ थर्मलों के यूनिटों में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसे ठीक करने में अभी समय लग सकता है, जबकि गोइंदवाल थर्मल के यूनिट की जरूरी मरम्मत का काम चल रहा है। पावरकॉम को अपने थर्मलों से 1627 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 243 मेगावाट, प्राइवेट थर्मलों से 2566 समेत अन्य स्रोतों से कुल 4500 मेगावाट बिजली की उपलब्धता रही। बाकी बिजली बाहर से ली गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में गर्मी के तीखे होते तेवरों और धान की सीधी बिजाई शुरू होने से शुक्रवार को बिजली की मांग में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। बिजली की अधिकतम मांग 11329 मेगावाट रही, जो मई में अब तक की सबसे अधिक है। इस बीच विभिन्न थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद रहने से कुल 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई भी ठप रही। हालांकि, फिलहाल बिजली की इस मांग को पूरा करने में पावरकॉम को कोई मुश्किल नहीं हो रही है, लेकिन 1 जून से पंजाब में जोन वाइज धान की बिजाई शुरू हो जाएगी, उस वक्त यूनिटों में तकनीकी खराबी के चलते इस तरह से बंद रहने से पावरकाम के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
पावरकाॅम अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इस तरह की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए पूरी तैयारी है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 11329 मेगावाट दर्ज की गई। यह मई महीने में अब तक की सबसे अधिक बिजली की मांग है। आंकड़ों के मुताबिक 11 मई को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 8911 मेगावाट, 12 मई को 9156 मेगावाट, 13 मई को 10387 मेगावाट व 14 मई को 10613 मेगावाट दर्ज की गई थी। दरअसल, इस महीने में पाक-भारत तनाव के चलते ब्लैक आउट रहने और तेज हवाएं व बारिश पड़ने के कारण गर्मी के कम होने से बिजली की मांग में ज्यादा वृद्धि दर्ज नहीं की गई थी, लेकिन गर्मी के तीखे होते तेवरों के कारण आने वाले दिनों में बिजली की मांग में और वृद्धि की पूरी संभावना है। ऊपर से धान का सीजन भी शुरू हो गया है, लेकिन इन सबके बीच थर्मलों के यूनिटों में तकनीकी खराबी का सिलसिला जारी है।
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ये यूनिट रहे बंद
शुक्रवार को सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल का 1 नंबर यूनिट, वहीं रोपड़ प्लांट का 210 मेगावाट का चार नंबर यूनिट और गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का दो नंबर यूनिट बंद रहे। इसके चलते कुल 1140 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप रही। तलवंडी व रोपड़ थर्मलों के यूनिटों में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसे ठीक करने में अभी समय लग सकता है, जबकि गोइंदवाल थर्मल के यूनिट की जरूरी मरम्मत का काम चल रहा है। पावरकॉम को अपने थर्मलों से 1627 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 243 मेगावाट, प्राइवेट थर्मलों से 2566 समेत अन्य स्रोतों से कुल 4500 मेगावाट बिजली की उपलब्धता रही। बाकी बिजली बाहर से ली गई।
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