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पूर्व डीएसपी के खिलाफ तीन साल की सजा बरकरार
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sun, 31 Jul 2016 03:11 PM IST
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अदालत
- फोटो : डेमो फोटो
सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज हरजीत सिंह खालसा ने पंजाब पुलिस के एक पूर्व डीएसपी को निचली अदालत की ओर से दो सगे भाइयों को लापता करने के मामले में की गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने पूर्व डीएसपी एवं जालंधर के भोगपुर के रहने वाले जोगिंदर सिंह की अपील को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है। पूर्व डीएसपी ने अपने वकीलों के जरिये सजा माफी के लिए अपील दायर की थी।
यह सजा पूर्व डीएसपी के खिलाफ पटियाला के प्रताप नगर के रहने वाले दो सगे भाइयों बलविंदर सिंह व गुरिंदर सिंह दोनों पुत्र धर्म सिंह के संदिग्ध हालात में लापता करने के केस में बरकरार रखी गई है। लापता हुए दोनों नौजवानों के पिता की ओर से हाईकोर्ट में अपील डाली गई थी। दोनों सगे भाइयों के पिता धर्म सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी कि उसके लड़के बलविंदर सिंह को पुलिस उस थाने में उठाकर ले गई थी, जहां पूर्व डीएसपी बतौर इंस्पेक्टर एसएचओ था। बाद में उसके दूसरे लड़के गुरिंदर सिंह को भी उसने खुद पुलिस के पास पेश किया। लेकिन उसके दोनों लड़कों का आज तक पता नहीं लग सका है कि वह कहां गए।
इस पर सुनवाई के बाद अदालत की ओर से जारी आदेश पर सीबीआई ने 29 जनवरी, 1998 में यह केस दर्ज किया गया था। यह पर्चा धारा 120-बी, 365, 368 और 343 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था। उक्त पूर्व डीएसपी जोगिंदर सिंह के अलावा सीबीआई ने दो और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी दो भाइयों को लापता करने का केस दर्ज किया था। इनमें से हवालदार हजूरा सिंह बरी हो गया था, लेकिन बाद में उसने आत्महत्या कर ली थी। जबकि तत्कालीन डीएसपी सिटी व बाद में एसपी के तौर पर सेवामुक्त हुए मदनजीत सिंह की मौत हो चुकी है।
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उस समय इंस्पेक्टर व थाना सिविल लाइन पटियाला के तत्कालीन एसएचओ जोगिंदर सिंह को उस समय सीबीआई के स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट जापइंद्र सिंह ने दोषी करार दिया था। बाद में दोषी जोगिंदर सिंह को 26 मार्च 2013 को एसीजीएम बलवंत सिंह की अदालत ने धारा 365, 368 में तीन-तीन साल की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा की गई थी, जबकि एक अन्य धारा 343 में जोगिंदर सिंह को एक साल की सजा सुनाई गई थी। यानी साजिश रच कर गैरकानूनी ढंग से उठाकर ले जाने और हिरासत में रखने के दोष में सजा सुनाई थी।
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यह सजा पूर्व डीएसपी के खिलाफ पटियाला के प्रताप नगर के रहने वाले दो सगे भाइयों बलविंदर सिंह व गुरिंदर सिंह दोनों पुत्र धर्म सिंह के संदिग्ध हालात में लापता करने के केस में बरकरार रखी गई है। लापता हुए दोनों नौजवानों के पिता की ओर से हाईकोर्ट में अपील डाली गई थी। दोनों सगे भाइयों के पिता धर्म सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी कि उसके लड़के बलविंदर सिंह को पुलिस उस थाने में उठाकर ले गई थी, जहां पूर्व डीएसपी बतौर इंस्पेक्टर एसएचओ था। बाद में उसके दूसरे लड़के गुरिंदर सिंह को भी उसने खुद पुलिस के पास पेश किया। लेकिन उसके दोनों लड़कों का आज तक पता नहीं लग सका है कि वह कहां गए।
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इस पर सुनवाई के बाद अदालत की ओर से जारी आदेश पर सीबीआई ने 29 जनवरी, 1998 में यह केस दर्ज किया गया था। यह पर्चा धारा 120-बी, 365, 368 और 343 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था। उक्त पूर्व डीएसपी जोगिंदर सिंह के अलावा सीबीआई ने दो और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी दो भाइयों को लापता करने का केस दर्ज किया था। इनमें से हवालदार हजूरा सिंह बरी हो गया था, लेकिन बाद में उसने आत्महत्या कर ली थी। जबकि तत्कालीन डीएसपी सिटी व बाद में एसपी के तौर पर सेवामुक्त हुए मदनजीत सिंह की मौत हो चुकी है।
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उस समय इंस्पेक्टर व थाना सिविल लाइन पटियाला के तत्कालीन एसएचओ जोगिंदर सिंह को उस समय सीबीआई के स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट जापइंद्र सिंह ने दोषी करार दिया था। बाद में दोषी जोगिंदर सिंह को 26 मार्च 2013 को एसीजीएम बलवंत सिंह की अदालत ने धारा 365, 368 में तीन-तीन साल की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा की गई थी, जबकि एक अन्य धारा 343 में जोगिंदर सिंह को एक साल की सजा सुनाई गई थी। यानी साजिश रच कर गैरकानूनी ढंग से उठाकर ले जाने और हिरासत में रखने के दोष में सजा सुनाई थी।