{"_id":"5728d2854f1c1bb2775ccf9f","slug":"retired-police-officer-sons-murder-police-investigation-the-case-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और बेटे का हुआ था मर्डर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और बेटे का हुआ था मर्डर
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 03 May 2016 10:02 PM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : डेमो फोटो
रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर हजूरा सिंह व उनके बेटे की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने अब जांच के बाद खुलासा किया है कि दोनों का कत्ल हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि हत्याकांड के पीछे पैसों का लेनदेन कारण हो सकता है। मामले के जांच अधिकारी एसआई सुरिंदर पाल सिंह के मुताबिक पर्चा दर्ज किए जाने के बाद अब संदिग्धों को राउंडअप करके उनसे सख्ती से पूछताछ की जा सकेगी। इससे जल्द ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पटियाला की बाजवा कालोनी के रहने वाले रिटायर पुलिस इंस्पेक्टर हजूरा सिंह (63) और उनका बेटा गुरप्रीत सिंह (33) कुछ दिन पहले स्कार्पियो में पटियाला से समाना किसी काम से गए थे। बाद में दोनों के शव कार समेत भाखड़ा नहर से मिले थे। अब तक पुलिस इसे एक्सीडेंट ही बता रही थी। अब पुलिस ने जांच के बाद और हजूरा सिंह के भाई मंजूर सिंह के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और मामले को छिपाने के लिए लाश को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मंजूर सिंह ने बताया कि उनका भतीजा गुरप्रीत सिंह फाइनेंस का काम करता था। कई लोगों से उसका लाखों रुपये का लेनदेन चल रहा था। वारदात वाले दिन उनका भाई हजूरा सिंह व उनका बेटा गुरप्रीत सिंह समाना के गांव धरमेड़ी के रहने वाले एक व्यक्ति के बुलावे पर समाना गए थे। दरअसल उक्त व्यक्ति ने उसके भतीजे गुरप्रीत सिंह से करीब 21 लाख की कीमत के टिप्पर खरीदे थे। यह पैसे वह किश्तों में ब्याज समेत दे रहा था। कई बार वह किश्त नहीं देता था। पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी बीच वारदात वाले दिन उक्त व्यक्ति ने गुरप्रीत को एक अच्छी जमीन का सौदा सस्ते में करा कर देने और किश्त के पैसे देने का झांसा देकर समाना बुला लिया। उन्हें संदेह है कि उक्त व्यक्ति ने ही दोनों को मारकर मामले को छिपाने के लिए भाखड़ा नहर में कार समेत फेंक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटियाला की बाजवा कालोनी के रहने वाले रिटायर पुलिस इंस्पेक्टर हजूरा सिंह (63) और उनका बेटा गुरप्रीत सिंह (33) कुछ दिन पहले स्कार्पियो में पटियाला से समाना किसी काम से गए थे। बाद में दोनों के शव कार समेत भाखड़ा नहर से मिले थे। अब तक पुलिस इसे एक्सीडेंट ही बता रही थी। अब पुलिस ने जांच के बाद और हजूरा सिंह के भाई मंजूर सिंह के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और मामले को छिपाने के लिए लाश को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
मंजूर सिंह ने बताया कि उनका भतीजा गुरप्रीत सिंह फाइनेंस का काम करता था। कई लोगों से उसका लाखों रुपये का लेनदेन चल रहा था। वारदात वाले दिन उनका भाई हजूरा सिंह व उनका बेटा गुरप्रीत सिंह समाना के गांव धरमेड़ी के रहने वाले एक व्यक्ति के बुलावे पर समाना गए थे। दरअसल उक्त व्यक्ति ने उसके भतीजे गुरप्रीत सिंह से करीब 21 लाख की कीमत के टिप्पर खरीदे थे। यह पैसे वह किश्तों में ब्याज समेत दे रहा था। कई बार वह किश्त नहीं देता था। पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी बीच वारदात वाले दिन उक्त व्यक्ति ने गुरप्रीत को एक अच्छी जमीन का सौदा सस्ते में करा कर देने और किश्त के पैसे देने का झांसा देकर समाना बुला लिया। उन्हें संदेह है कि उक्त व्यक्ति ने ही दोनों को मारकर मामले को छिपाने के लिए भाखड़ा नहर में कार समेत फेंक दिया।
विज्ञापन