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जाली जमाबंदी पर बैंक से बीस लाख ठगे
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sat, 11 Jul 2015 10:10 PM IST
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भारत-पाक सीमा स्थित गांव जंडवाला मीरांसांगला निवासी दो लोगों ने जाली जमाबंदी के जरिये किसान क्रेडिट कार्ड व लोन के रूप में बैंक से 10-10 लाख रुपये हासिल कर लिए। इस जालसाजी का पता चलते ही बैंक मैनेजर ने एसएसपी फाजिल्का को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने दो किसानों सहित संबंधित हलका पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर के प्रबंधक संग्राम सिंह पुत्र शेखावत ने बताया कि गांव जंडवाला मीरांसांगला निवासी हरीचंद और मथरादास ने 2007 में बैंक से 7-7 लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड व 3-3 लाख रुपये का लोन लिया। उसके बाद जब इन्होंने लोन की किस्त बैंक में जमा नहीं करवाई तो बैंक ने इन्हें नोटिस जारी किए, लेकिन इन्होंने ध्यान नहीं दिया।
मामला जमीन की नीलामी तक पहुंच गया और जब लोन के समय बैंक में दी गई जमीन की जमाबंदियों की जांच हुई तो उक्त नंबर की जमाबंदियां असल रिकार्ड में किसी और के नाम दर्ज हैं।
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जांच में पता चला कि इन दोनों किसानों ने तत्कालीन हलका पटवारी कैलाश नगर निवासी प्रितपाल सिंह के साथ मिलकर जाली जमाबंदियां तैयार करवा ली जिस पर बैंक से कर्ज हासिल कर लिया था।
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स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर के प्रबंधक संग्राम सिंह पुत्र शेखावत ने बताया कि गांव जंडवाला मीरांसांगला निवासी हरीचंद और मथरादास ने 2007 में बैंक से 7-7 लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड व 3-3 लाख रुपये का लोन लिया। उसके बाद जब इन्होंने लोन की किस्त बैंक में जमा नहीं करवाई तो बैंक ने इन्हें नोटिस जारी किए, लेकिन इन्होंने ध्यान नहीं दिया।
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मामला जमीन की नीलामी तक पहुंच गया और जब लोन के समय बैंक में दी गई जमीन की जमाबंदियों की जांच हुई तो उक्त नंबर की जमाबंदियां असल रिकार्ड में किसी और के नाम दर्ज हैं।
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जांच में पता चला कि इन दोनों किसानों ने तत्कालीन हलका पटवारी कैलाश नगर निवासी प्रितपाल सिंह के साथ मिलकर जाली जमाबंदियां तैयार करवा ली जिस पर बैंक से कर्ज हासिल कर लिया था।