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जाली बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के आरोप में पंचायत सचिव नामजद
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 19 Mar 2016 10:18 PM IST
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भूनरहेड़ी के पंचायत सचिव को पुलिस ने जाली बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के आरोप में नामजद किया है। आरोपी पंचायत सचिव प्रत्येक जाली सर्टिफिकेट बनाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये वसूलता था। पुलिस ने जांच के बाद पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जांच अधिकारी त्रिपड़ी थाने के एएसआई जतिंदर कुमार ने बताया कि जोरावर सिंह ने पुलिस के पास पटियाला के भूनरहेड़ी में बतौर पंचायत सचिव तैनात सतविंदर सिंह कंग के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में जोरावर ने पंचायत सचिव पर आरोप लगाए थे कि उसने पैसे लेकर उसका बर्थ सर्टिफिकेट बना कर दिया था। इसी तरह से उसकी मौसी दविंदर कौर, उनकी लड़की बलविंदर कौर, लड़के सुखजिंदरजीत सिंह को भी पासपोर्ट बनवाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट बना कर दिया था। बाद में मासी व उनके बच्चों के जन्म सर्टिफिकेट जाली निकले। इसके कारण उन तीनों के खिलाफ केस दर्ज हो गया।
जोरावर सिंह ने आशंका जताई कि उसका बर्थ सर्टिफिकेट भी जाली ही होगा। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में जांच की, तो सामने आया कि 2006 से 2010 के दौरान पंचायत सचिव के पास बर्थ सर्टिफिकेट बनाने की पावर थी, लेकिन बाद में यह उनसे ले ली गई। आरोपी पंचायत सचिव सतविंदर सिंह कंग फिर भी पैसे लेकर रिकार्ड में हेरफेर करके जाली सर्टिफिकेट बनाता रहा। शिकायतकर्ता, उसकी मासी व उनके बच्चों के जाली बर्थ सर्टिफिकेट आरोपी ने साल 2015 में बना कर दिए हैं।
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प्रत्येक सर्टिफिकेट के लिए आरोपी पंचायत सचिव 15 से 20 हजार रुपये लेता था। आरोपी के खिलाफ थाना त्रिपड़ी में केस दर्ज कर लिया है।
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जांच अधिकारी त्रिपड़ी थाने के एएसआई जतिंदर कुमार ने बताया कि जोरावर सिंह ने पुलिस के पास पटियाला के भूनरहेड़ी में बतौर पंचायत सचिव तैनात सतविंदर सिंह कंग के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में जोरावर ने पंचायत सचिव पर आरोप लगाए थे कि उसने पैसे लेकर उसका बर्थ सर्टिफिकेट बना कर दिया था। इसी तरह से उसकी मौसी दविंदर कौर, उनकी लड़की बलविंदर कौर, लड़के सुखजिंदरजीत सिंह को भी पासपोर्ट बनवाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट बना कर दिया था। बाद में मासी व उनके बच्चों के जन्म सर्टिफिकेट जाली निकले। इसके कारण उन तीनों के खिलाफ केस दर्ज हो गया।
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जोरावर सिंह ने आशंका जताई कि उसका बर्थ सर्टिफिकेट भी जाली ही होगा। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में जांच की, तो सामने आया कि 2006 से 2010 के दौरान पंचायत सचिव के पास बर्थ सर्टिफिकेट बनाने की पावर थी, लेकिन बाद में यह उनसे ले ली गई। आरोपी पंचायत सचिव सतविंदर सिंह कंग फिर भी पैसे लेकर रिकार्ड में हेरफेर करके जाली सर्टिफिकेट बनाता रहा। शिकायतकर्ता, उसकी मासी व उनके बच्चों के जाली बर्थ सर्टिफिकेट आरोपी ने साल 2015 में बना कर दिए हैं।
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प्रत्येक सर्टिफिकेट के लिए आरोपी पंचायत सचिव 15 से 20 हजार रुपये लेता था। आरोपी के खिलाफ थाना त्रिपड़ी में केस दर्ज कर लिया है।