{"_id":"90226cc65e6dd1680e8b05d4c0549a5c","slug":"education-department-clerk-takes-a-bribe-red-handed-grip-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा विभाग का क्लर्क घूस लेता रंगे हाथ काबू ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिक्षा विभाग का क्लर्क घूस लेता रंगे हाथ काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Mon, 25 May 2015 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षा विभाग के क्लर्क को साढ़े पांच हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपी खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर में केस दर्ज कर लिया गया है।
डीएसपी विजिलेंस ब्यूरो सुरिंदर कुमार ने बताया कि नवतेज सिंह गांव संगला (धर्मकोट) ने विजिलेंस को शिकायत की थी कि उसके पिता जगतरन सिंह पंजाब शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी प्राइमरी स्कूल संगला ब्लाक धर्मकोट में से 28 फरवरी 2006 को बतौर हेड टीचर सेवानिवृत्त हुए थे।
उनकी मां सुखजिंदर कौर ने एक प्राइवेट अस्पताल में से अपनी बायीं आंख कर इलाज कराया था। अध्यापक के वारिसों ने इस इलाज पर आए खर्च का बिल 17,700 रुपये का मेडिकल दावा हासिल करने के लिए ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफसर, धर्मकोट-1 के दफ्तर में दिया।
विज्ञापन
इस पर बिल क्लर्क सचिन कुमार ने उसके पास से 5,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। बिल क्लर्क सचिन कुमार को रंगे हाथ घूस लेते काबू करने के लिए विभाग की तरफ से प्राथमिक कार्यवाई करने बाद डॉ. मनिंदर जीत सिंह और फार्मासिस्ट गुरप्रीत सिंह सिविल अस्पताल मोगा को बतौर सरकारी गवाह के तौर पर विजिलेंस ने साथ लिया और ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफसर, धर्मकोट-1 में जाल बिछा दिया।
दोपहर बाद बिल क्लर्क को 5500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू कर लिया। डीएसपी ने बताया आरोपी के बैंक खाते और अन्य संपत्ति आदि बारे पड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन
डीएसपी विजिलेंस ब्यूरो सुरिंदर कुमार ने बताया कि नवतेज सिंह गांव संगला (धर्मकोट) ने विजिलेंस को शिकायत की थी कि उसके पिता जगतरन सिंह पंजाब शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी प्राइमरी स्कूल संगला ब्लाक धर्मकोट में से 28 फरवरी 2006 को बतौर हेड टीचर सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
उनकी मां सुखजिंदर कौर ने एक प्राइवेट अस्पताल में से अपनी बायीं आंख कर इलाज कराया था। अध्यापक के वारिसों ने इस इलाज पर आए खर्च का बिल 17,700 रुपये का मेडिकल दावा हासिल करने के लिए ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफसर, धर्मकोट-1 के दफ्तर में दिया।
विज्ञापन
इस पर बिल क्लर्क सचिन कुमार ने उसके पास से 5,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। बिल क्लर्क सचिन कुमार को रंगे हाथ घूस लेते काबू करने के लिए विभाग की तरफ से प्राथमिक कार्यवाई करने बाद डॉ. मनिंदर जीत सिंह और फार्मासिस्ट गुरप्रीत सिंह सिविल अस्पताल मोगा को बतौर सरकारी गवाह के तौर पर विजिलेंस ने साथ लिया और ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफसर, धर्मकोट-1 में जाल बिछा दिया।
दोपहर बाद बिल क्लर्क को 5500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू कर लिया। डीएसपी ने बताया आरोपी के बैंक खाते और अन्य संपत्ति आदि बारे पड़ताल की जाएगी।