कैप्टन का ड्रीम प्रोजेक्ट: 2006 में पटियाला में घोषित कैनाल बेस्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट 15 साल से अधूरा
503 करोड़ की लागत वाले इस कैनाल बेस्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड की ओर से पूरा किया जाना है। प्रोजेक्ट तहत पटियाला शहर की पांच लाख की आबादी को दिन में 24 घंटे साफ पीने का पानी सप्लाई किया जाना है।
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पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से 2006 में पटियाला के लिए घोषित करोड़ों का ड्रीम प्रोजेक्ट कैनाल बेस्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट 15 साल बाद भी अधर में लटका हुआ है। यह उनके ड्रीम प्रोजेक्टों में शामिल है। आलम यह है कि प्रोजक्ट का केवल कुछ ही काम हो सका है। 15 साल गुजर जाने के बाद भी इस योजना के पूरे नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष है।
मई 2021 में नजदीकी गांव अबलोवाल में 115 मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी ट्रीट करने वाले प्लांट लगाने की शुरुआत की गई थी, अब तक वह भी पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा पानी की टंकियों को बनाने का काम भी अभी चल ही रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहरवासियों को 24 घंटे साफ पीने का पानी देने का एलान किया था। लेकिन प्रोजेक्ट के पूरा न होने के कारण पटियाला के लोगों के लिए पानी की किल्लत फिलहाल बनी हुई है। मेयर संजीव शर्मा बिट्टू का कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों के चलते प्रोजेक्ट को पूरा करने में दिक्कतें आईं। लेकिन अब प्रोजेक्ट का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 22 महीने और लगेंगे।
पांच लाख की आबादी को होगा फायदा
503 करोड़ की लागत वाले इस कैनाल बेस्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड की ओर से पूरा किया जाना है। प्रोजेक्ट तहत पटियाला शहर की पांच लाख की आबादी को दिन में 24 घंटे साफ पीने का पानी सप्लाई किया जाना है। प्रोजेक्ट के तहत बड़ी-बड़ी पाइप लाइनों के जरिये भाखड़ा नहर से पानी लाया जाना है और फिर इसे गांव अबलोवाल में लगाए जाने वाले ट्रीटमेंट प्लांट की मदद से ट्रीट करने के बाद पटियाला के लोगों को सप्लाई किया जाना है । प्रोजेक्ट के पहले चरण में भाखड़ा नहर से गांव अबलोवाल के ट्रीटमेंट प्लांट तक 35 क्यूसिक पानी लाया जाएगा और इसे स्टोर करने के बाद ट्रीट किया जाएगा।
पानी की मांग पूरी करना हो रहा मुश्किल
गिरते भू-जल स्तर के कारण पटियाला शहर के लोगों की पानी की मांग को ट्यूबवैलों के जरिये पूरा करना मुश्किल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इस समय शहर में 145 ट्यूबवैल हैं। लेकिन समय के साथ जमीन के नीचे पानी का स्तर गिरता जा रहा है। जिस कारण लोगों को पानी की सप्लाई प्रभावित होने से फिलहाल शहर में पानी की किल्लत बनी हुई है। इस समस्या को देखते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 2006 में अपनी सरकार में पटियाला में इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लगाने की घोषणा की थी।
2017 में किया था कैप्टन ने वादा
2017 में दोबारा कैप्टन की सरकार बनने पर इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने का वादा किया गया था। लेकिन फिर भी यह प्रोजेक्ट कभी जगह न मिलने कारण, कभी टेंडरिंग प्रक्रिया में देरी और कभी अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने कारण लगातार लटकता ही रहा। मई 2021 में सांसद परनीत कौर ने पटियाला के गांव अबलोवाल में इस प्रोजेक्ट तहत एक्वायर की गई जमीन पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का उद्घाटन किया था। लेकिन वर्तमान में यह प्लांट लगाने का काम चल ही रहा है। उधर सप्लाई के लिए पानी की टंकियां लगाने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। रेजरवायर बनाने का काम भी पेंडिंग है।