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सीबीआई ने अधिकारी समेत दो को रिश्वत लेते धरा
अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 22 Nov 2013 11:01 PM IST
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पटियाला में सीबीआई ने अमृतसर से डिफेंस पेंशन डिसबर्सिंग आफिस (डीपीडीओ) के असिस्टेंट अकाउंट्स आफिसर समेत आफिस के ही एक अन्य कर्मचारी को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
इन दोनों को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया। दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर सेंट्रल जेल भेज दिया है।
जिला तरनतारन के गांव बागरियां के गुरदीप सिंह ने 19 नवंबर को सीबीआई को शिकायत की थी। उसने बताया था कि उसके पिता मंगल सिंह आर्मी के साथ-साथ पंजाब सरकार के रिटायर पेंशनर हैं।
पिता की मौत के बाद उसकी माता मोहिंदर कौर को पंजाब सरकार से पेंशन मिल रही थी। नवंबर 2012 में केंद्र सरकार के एक आर्डर के मुताबिक उसकी मां आर्मी से भी पेंशन लेने के योग्य बन गई थी।
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इसलिए उन्होंने इस संबंध में 27 सितंबर 2013 को एक आवेदन दिया। इसके जवाब में 12 अक्तूबर 2013 को इलाहाबाद पेंशन रिकार्ड सेंटर से उन्हें पेंशन लेने के लिए जरूरी कागजात पेश करने को कहा गया। इसके लिए पिता के सर्विस संबंधी कागजातों की अमृतसर स्थित डीपीडीओ से वेरिफिकेशन करानी जरूरी थी।
वे अमृतसर में डीपीडीओ गए, तो वहां वेरिफिकेशन करने के लिए असिस्टेंट अकाउंट्स आफिसर युगदीप बक्शी ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
रिश्वत के पैसे अरेंज करने के बाद आरोपी युगदीप ने शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह को आफिस के एक अन्य मुलाजिम रिकार्ड कीपर मनजीत सिंह से मिलने के लिए कहा। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सूचित कर दिया।
सीबीआई ने वीरवार को युगदीप और मनजीत को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों अमृतसर से काबू कर लिया है। दोनों को पटियाला में सीबीआई स्पेशल जज कंवलजीत सिंह की कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला की सेंट्रल जेल भेज दिया है।
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इन दोनों को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया। दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर सेंट्रल जेल भेज दिया है।
जिला तरनतारन के गांव बागरियां के गुरदीप सिंह ने 19 नवंबर को सीबीआई को शिकायत की थी। उसने बताया था कि उसके पिता मंगल सिंह आर्मी के साथ-साथ पंजाब सरकार के रिटायर पेंशनर हैं।
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पिता की मौत के बाद उसकी माता मोहिंदर कौर को पंजाब सरकार से पेंशन मिल रही थी। नवंबर 2012 में केंद्र सरकार के एक आर्डर के मुताबिक उसकी मां आर्मी से भी पेंशन लेने के योग्य बन गई थी।
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इसलिए उन्होंने इस संबंध में 27 सितंबर 2013 को एक आवेदन दिया। इसके जवाब में 12 अक्तूबर 2013 को इलाहाबाद पेंशन रिकार्ड सेंटर से उन्हें पेंशन लेने के लिए जरूरी कागजात पेश करने को कहा गया। इसके लिए पिता के सर्विस संबंधी कागजातों की अमृतसर स्थित डीपीडीओ से वेरिफिकेशन करानी जरूरी थी।
वे अमृतसर में डीपीडीओ गए, तो वहां वेरिफिकेशन करने के लिए असिस्टेंट अकाउंट्स आफिसर युगदीप बक्शी ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
रिश्वत के पैसे अरेंज करने के बाद आरोपी युगदीप ने शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह को आफिस के एक अन्य मुलाजिम रिकार्ड कीपर मनजीत सिंह से मिलने के लिए कहा। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सूचित कर दिया।
सीबीआई ने वीरवार को युगदीप और मनजीत को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों अमृतसर से काबू कर लिया है। दोनों को पटियाला में सीबीआई स्पेशल जज कंवलजीत सिंह की कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला की सेंट्रल जेल भेज दिया है।