{"_id":"5a7b2d684f1c1ba4268b921d","slug":"91518021992-patiala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैप्टन के मोती महल की तरफ बिजली मुलाजिमों का रोष मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैप्टन के मोती महल की तरफ बिजली मुलाजिमों का रोष मार्च
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
बिजली मुलाजिमों का पावरकॉम हेडआफिस के सामने धरना
मोती महल की ओर निकाला रोष मार्च, मुख्यमंत्री के नाम पर ओएसडी को सौंपा मांगपत्र
बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद करने का विरोध, ठेका मुलाजिमों को पक्का करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बिजली मुलाजिमों ने बुधवार को माल रोड पर पावरकॉम हेडआफिस के सामने रोष धरना दिया। इसके बाद मोती महल की ओर रोष मार्च कर राजेश कुमार ओएसडी के जरिये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम मांग पत्र दिया। इस दौरान बिजली मुुलाजिमों ने खास तौर से बठिंडा थर्मल प्लांट की सभी यूनिटें पूरी तरह से बंद करने और रोपड़ थर्मल के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया। साथ ही अन्य कई लंबे समय से लटक रहीं मांगों को भी उठाया।
सुबह 9 बजे सेे ही सूबे के कोने-कोने से बड़ी संख्या में बिजली मुलाजिम वाहनों के जरिये पावरकॉम हेडआफिस के सामने माल रोड पर पहुंचने शुरू हो गए थे। फोरम के ओहदेदारों कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह खन्ना, बीएस सेखों, प्रकाश सिंह मान, हरमेश धीमान और जैल सिंह ने मांग की कि पावरकॉम मैनेजमेंट एक दिसंबर 2011 से पे बैंड दे। वर्कचार्ज और कांट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का किया जाए, 23 साल सेवा होने पर तरक्की लाभ दिए जाए, 39 हजार खाली पदों को नई भर्ती के जरिये भरा जाए, आउटसोर्सिंग की नीति बंद की जाए। मृतकों के आश्रितों को पहल के आधार पर नौकरियां दी जाए, योग्य मुलाजिमों की पदोन्नति की जाएं, सियासी व गलत आधार पर नाजायज तबादले रद किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट लगातार बैठकों में मांगों को लेकर भरोसा दिलाती रही है, लेकिन बाद में मांगों को लागू करने में टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पावरकॉम मैनेजमेंट और सरकार की ओर से सूबे के प्राइवेट थर्मलों से महंगी बिजली खरीदने के लिए सरकारी थर्मलों को बंद किया जा रहा है। पंजाब सरकार पावरकॉम को सब्सिडी का 4000 करोड़ अदा नहीं कर रही है। इस वजह से विभाग लगातार घाटे में जा रहा है। बठिंडा थर्मल प्लांट में लोकतंत्रीय ढंग से प्रदर्शन कर रहे बिजली मुलाजिमों पर पुलिस की ओर से केस दर्ज करने की निंदा की गई। साथ ही मांग की गई कि इस झूठे केस को तुरंत वापस लिए जाए। बंद किए यूनिट चालू करने की भी मांग की गई।
विज्ञापन
अप्रैल के पहले हफ्ते हड़ताल का एलान
बिजली मुलाजिमों ने चेतावनी दी है कि अगर मैनेजमेंट ने मानी मांगें लागू न कीं तो बिजली मुलाजिम 19 फरवरी से वर्क टू रूल काम शुरू कर देंगे। दोनों बिजली निगमों के चेेयरमैन समेत डायरेक्टरों की फील्ड में जाने के समय उनके खिलाफ काले झंडों के साथ प्रदर्शन करेंगे और अप्रैल के पहले हफ्ते हड़ताल करने का भी एलान किया गया।
शेरां वाला गेट पर लगा जाम, फंसे रहे वाहन
बिजली मुलाजिमों के धरने से पावरकॉम हेडआफिस से फव्वारा चौक तक माल रोड बंद था। इस वजह से वाहन चालकों को रूट बदल कर जाना पड़ा। इस दौरान शेरां वाला गेट से धर्मपुरा बाजार और भाषा विभाग की ओर आती सड़क पर जाम लग गया। इस वजह से घंटे भर से भी ज्यादा वाहन चालक फंसे रहे। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
मोती महल की ओर निकाला रोष मार्च, मुख्यमंत्री के नाम पर ओएसडी को सौंपा मांगपत्र
बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद करने का विरोध, ठेका मुलाजिमों को पक्का करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बिजली मुलाजिमों ने बुधवार को माल रोड पर पावरकॉम हेडआफिस के सामने रोष धरना दिया। इसके बाद मोती महल की ओर रोष मार्च कर राजेश कुमार ओएसडी के जरिये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम मांग पत्र दिया। इस दौरान बिजली मुुलाजिमों ने खास तौर से बठिंडा थर्मल प्लांट की सभी यूनिटें पूरी तरह से बंद करने और रोपड़ थर्मल के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया। साथ ही अन्य कई लंबे समय से लटक रहीं मांगों को भी उठाया।
सुबह 9 बजे सेे ही सूबे के कोने-कोने से बड़ी संख्या में बिजली मुलाजिम वाहनों के जरिये पावरकॉम हेडआफिस के सामने माल रोड पर पहुंचने शुरू हो गए थे। फोरम के ओहदेदारों कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह खन्ना, बीएस सेखों, प्रकाश सिंह मान, हरमेश धीमान और जैल सिंह ने मांग की कि पावरकॉम मैनेजमेंट एक दिसंबर 2011 से पे बैंड दे। वर्कचार्ज और कांट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का किया जाए, 23 साल सेवा होने पर तरक्की लाभ दिए जाए, 39 हजार खाली पदों को नई भर्ती के जरिये भरा जाए, आउटसोर्सिंग की नीति बंद की जाए। मृतकों के आश्रितों को पहल के आधार पर नौकरियां दी जाए, योग्य मुलाजिमों की पदोन्नति की जाएं, सियासी व गलत आधार पर नाजायज तबादले रद किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट लगातार बैठकों में मांगों को लेकर भरोसा दिलाती रही है, लेकिन बाद में मांगों को लागू करने में टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि पावरकॉम मैनेजमेंट और सरकार की ओर से सूबे के प्राइवेट थर्मलों से महंगी बिजली खरीदने के लिए सरकारी थर्मलों को बंद किया जा रहा है। पंजाब सरकार पावरकॉम को सब्सिडी का 4000 करोड़ अदा नहीं कर रही है। इस वजह से विभाग लगातार घाटे में जा रहा है। बठिंडा थर्मल प्लांट में लोकतंत्रीय ढंग से प्रदर्शन कर रहे बिजली मुलाजिमों पर पुलिस की ओर से केस दर्ज करने की निंदा की गई। साथ ही मांग की गई कि इस झूठे केस को तुरंत वापस लिए जाए। बंद किए यूनिट चालू करने की भी मांग की गई।
विज्ञापन
अप्रैल के पहले हफ्ते हड़ताल का एलान
बिजली मुलाजिमों ने चेतावनी दी है कि अगर मैनेजमेंट ने मानी मांगें लागू न कीं तो बिजली मुलाजिम 19 फरवरी से वर्क टू रूल काम शुरू कर देंगे। दोनों बिजली निगमों के चेेयरमैन समेत डायरेक्टरों की फील्ड में जाने के समय उनके खिलाफ काले झंडों के साथ प्रदर्शन करेंगे और अप्रैल के पहले हफ्ते हड़ताल करने का भी एलान किया गया।
शेरां वाला गेट पर लगा जाम, फंसे रहे वाहन
बिजली मुलाजिमों के धरने से पावरकॉम हेडआफिस से फव्वारा चौक तक माल रोड बंद था। इस वजह से वाहन चालकों को रूट बदल कर जाना पड़ा। इस दौरान शेरां वाला गेट से धर्मपुरा बाजार और भाषा विभाग की ओर आती सड़क पर जाम लग गया। इस वजह से घंटे भर से भी ज्यादा वाहन चालक फंसे रहे। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।