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कर्मचारियों की रैली
Updated Thu, 10 May 2018 10:48 PM IST
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सरकार के खिलाफ बरसे मुलाजिम और पेंशनर
मिनी सचिवालय में रैली करके की जोरदार नारेबाजी
कांट्रेक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने, कर्मियों के बकाया का भुगतान करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
सरकारी-अर्द्ध सरकारी विभागों के मुलाजिमों और पेंशनरों ने मांगों के समर्थन में वीरवार को मिनी सचिवालय में रैली की। मौके पर सरकार से कांट्रेक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने, कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इनके जल्द पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
मुलाजिम नेताओं बचित्तर सिंह, गुरमीत सिंह, बहादुर सिंह, दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि मुलाजिमों को कुछ देने की बजाय सरकार उन्हें मिल रही सुविधाओं को छीनने की तरफ चल रही है। मुलाजिमों के महंगाई भत्ते की तीन किश्तों का बकाया नहीं दिया जा रहा है। तीन सालों के महंगाई भत्ते का बकाया पेंडिंग है। साथ ही मांग की कि कच्चे व कांट्रेक्ट और आउट सोर्स कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए, 2004 के बाद बंद की पेंशन बहाल करने, 200 रुपये प्रोफेशनल टैक्स वापस करने, बराबर काम बराबर तनख्वाह देने, नई रेगुलर भर्ती चालू करने, 4, 9, 14 सालों का उच्च स्केल लागू करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने, 125 फीसदी महंगाई भत्ता मर्ज करके 20 फीसदी अंतरिम राहत देने, नई भर्ती पूरे तनख्वाह स्केल व भत्ते देकर करने की मांग की गई। साथ ही पंजाब वेतन आयोग को समयबद्ध करने की भी मांग की गई।
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मिनी सचिवालय में रैली करके की जोरदार नारेबाजी
कांट्रेक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने, कर्मियों के बकाया का भुगतान करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
सरकारी-अर्द्ध सरकारी विभागों के मुलाजिमों और पेंशनरों ने मांगों के समर्थन में वीरवार को मिनी सचिवालय में रैली की। मौके पर सरकार से कांट्रेक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने, कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इनके जल्द पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
मुलाजिम नेताओं बचित्तर सिंह, गुरमीत सिंह, बहादुर सिंह, दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि मुलाजिमों को कुछ देने की बजाय सरकार उन्हें मिल रही सुविधाओं को छीनने की तरफ चल रही है। मुलाजिमों के महंगाई भत्ते की तीन किश्तों का बकाया नहीं दिया जा रहा है। तीन सालों के महंगाई भत्ते का बकाया पेंडिंग है। साथ ही मांग की कि कच्चे व कांट्रेक्ट और आउट सोर्स कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए, 2004 के बाद बंद की पेंशन बहाल करने, 200 रुपये प्रोफेशनल टैक्स वापस करने, बराबर काम बराबर तनख्वाह देने, नई रेगुलर भर्ती चालू करने, 4, 9, 14 सालों का उच्च स्केल लागू करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने, 125 फीसदी महंगाई भत्ता मर्ज करके 20 फीसदी अंतरिम राहत देने, नई भर्ती पूरे तनख्वाह स्केल व भत्ते देकर करने की मांग की गई। साथ ही पंजाब वेतन आयोग को समयबद्ध करने की भी मांग की गई।
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