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ीयू धरना
Updated Fri, 04 May 2018 10:24 PM IST
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पीयू में ठेका मुलाजिमों का धरना जारी
वीसी के मांगों को मानने के आश्वासन के बाद उठाया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में ठेका मुलाजिमों का धरना शुक्रवार भी जारी रहा। इस दौरान पांच साल से ज्यादा की नौकरी कर चुके मुलाजिमों को रेगुलर करने, नौकरी से निकाले सुरक्षा गार्डों के बहाली, सफाई कर्मचारियों की वर्किंग 22 दिनों के बजाय 26 दिन करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। दोपहर बाद वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने कर्मचारी नेताओं से बैठक कर भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की मांगें मान ली जाएंगी। तब जाकर धरना समाप्त किया गया।
कर्मचारी नेता डॉ. जतिंदर सिंह मट्टू ने कहा कि एक तो यूनिवर्सिटी की ओर से पहले ही सफाई सेवकों को बहुत कम तनख्वाहें दी जा रही हैं, ऊपर से अब इन कर्मचारियों को केवल 22 दिन की तनख्वाह देने के आदेश दिए गए हैं। इससे तनख्वाहें और कम हो जाएंगी और कर्मचारियों के परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी 10-10 सालों से काम करते आ रहे कर्मचारियों को रेगुलर करने के बजाय उनको मिलती कम तनख्वाहों पर ही डाका मार रही है, जो सरासर धक्का है। उन्होंने चेतावनी दी कि निकाले गए सिक्योरिटी गार्डों को वापस नौकरी पर लिया जाए। सफाई कर्मियों की वर्किंग के दिन पहले की तरह किए जाएं। ठेका मुलाजिम रेगुलर किए जाएं। वादे मुताबिक जल्द मांगें पूरी न कीं, तो आंदोलन दोबारा से छेड़ा जाएगा।
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वीसी के मांगों को मानने के आश्वासन के बाद उठाया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में ठेका मुलाजिमों का धरना शुक्रवार भी जारी रहा। इस दौरान पांच साल से ज्यादा की नौकरी कर चुके मुलाजिमों को रेगुलर करने, नौकरी से निकाले सुरक्षा गार्डों के बहाली, सफाई कर्मचारियों की वर्किंग 22 दिनों के बजाय 26 दिन करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। दोपहर बाद वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने कर्मचारी नेताओं से बैठक कर भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की मांगें मान ली जाएंगी। तब जाकर धरना समाप्त किया गया।
कर्मचारी नेता डॉ. जतिंदर सिंह मट्टू ने कहा कि एक तो यूनिवर्सिटी की ओर से पहले ही सफाई सेवकों को बहुत कम तनख्वाहें दी जा रही हैं, ऊपर से अब इन कर्मचारियों को केवल 22 दिन की तनख्वाह देने के आदेश दिए गए हैं। इससे तनख्वाहें और कम हो जाएंगी और कर्मचारियों के परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी 10-10 सालों से काम करते आ रहे कर्मचारियों को रेगुलर करने के बजाय उनको मिलती कम तनख्वाहों पर ही डाका मार रही है, जो सरासर धक्का है। उन्होंने चेतावनी दी कि निकाले गए सिक्योरिटी गार्डों को वापस नौकरी पर लिया जाए। सफाई कर्मियों की वर्किंग के दिन पहले की तरह किए जाएं। ठेका मुलाजिम रेगुलर किए जाएं। वादे मुताबिक जल्द मांगें पूरी न कीं, तो आंदोलन दोबारा से छेड़ा जाएगा।
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