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फसलें गिरीं, किसान हताश

Wed, 11 Apr 2018 10:16 PM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:16 PM IST
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फसलें गिरीं, किसान हताश
बारिश और तेज हवाओं से 60 फीसदी रकबे पर फसल बिछी
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20 प्रतिशत तक गेहूं का झाड़ घटने की आशंका, दाने के रंग व क्वालिटी पर भी पड़ेगा असर
इसी तरह से बारिश पड़ती रही, तो नुकसान बढ़ सकता है: किसान नेता जगमोहन सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिले में किसानों पर मौसम की बड़ी मार पड़ी है। बारिश के बाद तेज हवाएं चलने सेखेतों में खड़ी गेहूं की फसलें गिर गई हैं। जिससे गेहूं का झाड़ कम होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। साथ ही इससे गेहूं के दाने का रंग और इसकी क्वालिटी पर भी बुरा असर पड़ेगा। जिससे किसान काफी निराश हैं। जिले के मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी डा. अरविंदर सिंह मनकू ने माना कि गेहूं की फसलें गिरी हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के खेतीबाड़ी अफसरों से सर्वे करके रिपोर्टें मंगाई जा रही हैं।
पटियाला जिले में पिछले दो दिनों से मौसम के तेवर बिगड़े हैं। रूक-रूक कर बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 2.4 मिलीमीटर बारिश और सुबह साढ़े आठ बजे से बाद दोपहर ढाई बजे तक दो मिलीमीटर बारिश पड़ी है। इस समय गेहूं की फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं और ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के प्रदेश नेता जगमोहन सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यूनियन को अब तक मिली रिपोर्टों के आधार पर बारिश व तेज हवाओं से खास तौर से पटियाला जिले के भादसों, नाभा, पातडां, समाना, पटियाला व घन्नौर हलकों में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब 60 फीसदी रकबे पर फसलें गिर गई हैं। जिससे 10 से 20 फीसदी तक गेहूं का झाड़ कम होने की संभावना है। साथ ही फसलें गिरने के कारण गेहूं के दाने के रंग और इसकी क्वालिटी पर भी बुरा असर पड़ेगा। जिससे किसानों को अपनी फसल चने में दिक्कत होगी। उन्हें अपनी फसलों को बेचने से कम पैसा मिलेगा। किसान नेता ने कहा कि अगर और बारिश पड़ी, तो नुकसान बढ़ सकता है।
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तूड़ी की क्वालिटी भी गिरेगी
किसान नेता ने बताया कि गिरी फसलों की मशीनों से कटाई के वक्त तूड़ी में मिट्टी मिल जाएगी। जिससे इसकी क्वालिटी गिरेगी और किसानों को तूड़ी के दाम कम मिलेंगे। जिससे किसानों को दोहरा नुकसान होगा।
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एकदम से मंडियों में फसलों की भारी आवक होगी, किसानों को होगी दिक्कत
बारिश के कारण भीगी फसलों को सूखने में अब तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद किसान अपनी फसल लेकर मंडियों का रुख करेंगे। जिससे मंडियों में गेहूं की आवक में तेजी आएगी। इससे किसानों को दिक्कत होने की पूरी संभावना है। किसानों को फसलें रखने के लिए जगह मिलने में परेशानी होने और फसलें बेचने के लिए मंडियों में इंतजार करना पड़ेगा।
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