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सीवरेज के पानी को ट्रीट करके खेतों में किया जाएगा इस्तेमाल
Updated Fri, 25 May 2018 10:01 PM IST
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राजपुरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी से होगी खेतों में सिंचाई
पौने दो करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट होगा तैयार : एडीसी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पानी की बढ़ रही किल्लत को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने राजपुरा में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी से खेतों में सिंचाई करनेे संबंधी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। मिनी सचिवालय में शुक्रवार को कृषि विभाग और इसके सहायक भूमि व जल संरक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता एडीसी पूनम दीप कौर ने की। उन्होंने बताया कि जिले में सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं है। वहीं भविष्य की जरूरतों को देखते हुए की जाने वाली तैयारियों के तहत राजपुरा के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को पूरी तरह से जांच परख कर सिंचाई के लिए प्रयोग किए जाने की योजना पर काम चल रहा है।
एडीसी ने कहा कि इसके संपन्न होने पर राजपुरा इलाके के खेतों को हर रोज 70 लाख लीटर पानी मिलेगा। यह पानी कृषि के लिहाज से पूरी तरह उपयुक्त होगा। इससे किसानों को जहां आर्थिक लाभ होगा, वहीं भूमिगत जल स्तर में भी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि से यह प्रोजेक्ट तैयार होगा।
एडीसी ने बताया कि सात एमएलडी पानी के इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। कुछ कार्यों के वर्क आर्डर भी जारी हो चुके हैं। वहीं उपमंडल भूमि संरक्षण अधिकारी रमिंदर सिंह गिल ने बताया कि इस कार्य के लिए सिंचाई के पाइपों की एक गाड़ी आ चुकी है, लेकिन समस्या यह है कि यह कार्य सिर्फ गेहूं के सीजन के बाद ही खाली हुए खेतों में किया जा सकता है। खड़ी फसल में कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में संभव है कि अगले साल यह सिरे चढ़े पर इसकी शुरुआत हो गई है। उन्होंने कहा कि जिले में इससे पहले समाना में 10 एमएलडी और पातड़ां में चार एमएलडी के प्रोजेक्ट काम कर रहे हैैं।
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पौने दो करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट होगा तैयार : एडीसी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पानी की बढ़ रही किल्लत को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने राजपुरा में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी से खेतों में सिंचाई करनेे संबंधी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। मिनी सचिवालय में शुक्रवार को कृषि विभाग और इसके सहायक भूमि व जल संरक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता एडीसी पूनम दीप कौर ने की। उन्होंने बताया कि जिले में सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं है। वहीं भविष्य की जरूरतों को देखते हुए की जाने वाली तैयारियों के तहत राजपुरा के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को पूरी तरह से जांच परख कर सिंचाई के लिए प्रयोग किए जाने की योजना पर काम चल रहा है।
एडीसी ने कहा कि इसके संपन्न होने पर राजपुरा इलाके के खेतों को हर रोज 70 लाख लीटर पानी मिलेगा। यह पानी कृषि के लिहाज से पूरी तरह उपयुक्त होगा। इससे किसानों को जहां आर्थिक लाभ होगा, वहीं भूमिगत जल स्तर में भी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि से यह प्रोजेक्ट तैयार होगा।
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एडीसी ने बताया कि सात एमएलडी पानी के इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। कुछ कार्यों के वर्क आर्डर भी जारी हो चुके हैं। वहीं उपमंडल भूमि संरक्षण अधिकारी रमिंदर सिंह गिल ने बताया कि इस कार्य के लिए सिंचाई के पाइपों की एक गाड़ी आ चुकी है, लेकिन समस्या यह है कि यह कार्य सिर्फ गेहूं के सीजन के बाद ही खाली हुए खेतों में किया जा सकता है। खड़ी फसल में कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में संभव है कि अगले साल यह सिरे चढ़े पर इसकी शुरुआत हो गई है। उन्होंने कहा कि जिले में इससे पहले समाना में 10 एमएलडी और पातड़ां में चार एमएलडी के प्रोजेक्ट काम कर रहे हैैं।
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