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पीयू समागम
Updated Wed, 02 May 2018 10:40 PM IST
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सूबे का एक समान शहरी विकास कराना प्राथमिकता : बाजवा
पीयू के स्थापना दिवस पर संगीयमय शाम में कैबिनेट मंत्री ने की शिरकत
प्रोफेसर निवेदिता सिंह के गीतों ने समां बांधा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत, भवन निर्माण व शहरी विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि शहरी विकास विभाग की ओर से सूबे का एक समान शहरी विकास कराना उनकी पहली तरजीह होगा। नई कॉलोनियों में बीपीएल वर्ग के हित विशेष तौर पर सुरक्षित रखे जाएंगे और इनका बनता हक जरूर दिलाया जाएगा। वह पंजाबी यूनिवर्सिटी के 57वें स्थापना दिवस पर करवाई जा रही सातवीं विश्व पंजाबी साहित्य कान्फ्रेंस के दौरान मंगलवार देर शाम को कला भवन में रखी संगीतमय शाम के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।
इससे पहले समागम को संबोधित करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाबी भाषा, साहित्य, गीत संगीत और पंजाबियत के सभ्याचारक खजाने को संभालने में पीयू की ओर से डाला जा रहा योगदान अहम है। इस संगीयमय शाम में प्रोफेसर निवेदिता सिंह की ओर से गाए गीतों ने समा बांध दिया। बाजवा ने प्रोफेसर निवेदिता की ओर से गाए गीतों की तारीफ की। इससे पहले पीयू के वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने कहा कि यूनिवर्सिटी का अकादमिक जगत में एक अनूठा स्थान है। वह इसको और भी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी वचनबद्धता पूरी शिद्दत के साथ निभाएंगे। इस दौरान उन्होंने बाजवा का सम्मान भी किया। प्रोफेसर निवेदिता सिंह ने डॉ. हरभजन सिंह की रचना दो टार सफे दरदां दे लिखे ने के साथ शुरू होकर हरभजन हलवारवी की आज दी रुते मैं तुर जाना, तू तुर जाना भलके, डॉ. जगतार की रचना हर मोड़ ते सलीबां, हर मोड़ ते हनेरा गाकर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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पीयू के स्थापना दिवस पर संगीयमय शाम में कैबिनेट मंत्री ने की शिरकत
प्रोफेसर निवेदिता सिंह के गीतों ने समां बांधा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत, भवन निर्माण व शहरी विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि शहरी विकास विभाग की ओर से सूबे का एक समान शहरी विकास कराना उनकी पहली तरजीह होगा। नई कॉलोनियों में बीपीएल वर्ग के हित विशेष तौर पर सुरक्षित रखे जाएंगे और इनका बनता हक जरूर दिलाया जाएगा। वह पंजाबी यूनिवर्सिटी के 57वें स्थापना दिवस पर करवाई जा रही सातवीं विश्व पंजाबी साहित्य कान्फ्रेंस के दौरान मंगलवार देर शाम को कला भवन में रखी संगीतमय शाम के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।
इससे पहले समागम को संबोधित करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाबी भाषा, साहित्य, गीत संगीत और पंजाबियत के सभ्याचारक खजाने को संभालने में पीयू की ओर से डाला जा रहा योगदान अहम है। इस संगीयमय शाम में प्रोफेसर निवेदिता सिंह की ओर से गाए गीतों ने समा बांध दिया। बाजवा ने प्रोफेसर निवेदिता की ओर से गाए गीतों की तारीफ की। इससे पहले पीयू के वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने कहा कि यूनिवर्सिटी का अकादमिक जगत में एक अनूठा स्थान है। वह इसको और भी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी वचनबद्धता पूरी शिद्दत के साथ निभाएंगे। इस दौरान उन्होंने बाजवा का सम्मान भी किया। प्रोफेसर निवेदिता सिंह ने डॉ. हरभजन सिंह की रचना दो टार सफे दरदां दे लिखे ने के साथ शुरू होकर हरभजन हलवारवी की आज दी रुते मैं तुर जाना, तू तुर जाना भलके, डॉ. जगतार की रचना हर मोड़ ते सलीबां, हर मोड़ ते हनेरा गाकर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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