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पीयू को मिली अकादमिक स्वतंत्रता
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:45 PM IST
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यूजीसी ने पीयू को दी अकादमिक स्वतंत्रता
अब अपने स्तर पर नए कोर्स शुरू और नए विभाग स्थापित कर सकेगी यूनिवर्सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने नैक की एक्रीडेशन ए की श्रेणी दो के तहत पंजाबी यूनिवर्सिटी को अकादमिक स्वतंत्रता दे दी है। यूजीसी ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए पीयू को पहले से चल रहे कोर्सों के अलावा नए कोर्स शुरू करने, नए विभाग स्थापित करने, नए स्कूल, नए सेंटर और नए स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने के अधिकार दे दिए हैं। यूनिवर्सिटी अब यह यूजीसी की बिना मंजूरी के शुरू कर सकेगी।
इस संबंध में वीसी प्रोफेसर बीएस घुम्मन ने बताया कि अब पंजाबी यूनिवर्सिटी यूजीसी और केंद्र सरकार के विषय संबंधी नियमों की मंजूरी लिए बिना विदेशी फैकल्टी की सेवाएं अपने फंडों के साथ सीधे तौर पर हासिल कर सकेगी। जिसमें विदेश की उच्च कोटि की पांच सौ यूनिवर्सिटियों का स्टाफ शामिल है। वीसी ने बताया कि इससे अध्यापन और खोज के लिए अध्यापकों व शोधकर्ताओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे। इस नए रूप के बाद यूनिवर्सिटी को गुणवान और ज्यादा योग्य अध्यापकों को खींचने के लिए यूजीसी पे स्केल से ज्यादा वेतन देने का अधिकार भी होगा। इतना ही नहीं इसके बाद विदेशी स्टूडेंट्स की गिनती बढ़ाने का भी यूनिवर्सिटी के पास अधिकार आ जाएगा।
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अब अपने स्तर पर नए कोर्स शुरू और नए विभाग स्थापित कर सकेगी यूनिवर्सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने नैक की एक्रीडेशन ए की श्रेणी दो के तहत पंजाबी यूनिवर्सिटी को अकादमिक स्वतंत्रता दे दी है। यूजीसी ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए पीयू को पहले से चल रहे कोर्सों के अलावा नए कोर्स शुरू करने, नए विभाग स्थापित करने, नए स्कूल, नए सेंटर और नए स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने के अधिकार दे दिए हैं। यूनिवर्सिटी अब यह यूजीसी की बिना मंजूरी के शुरू कर सकेगी।
इस संबंध में वीसी प्रोफेसर बीएस घुम्मन ने बताया कि अब पंजाबी यूनिवर्सिटी यूजीसी और केंद्र सरकार के विषय संबंधी नियमों की मंजूरी लिए बिना विदेशी फैकल्टी की सेवाएं अपने फंडों के साथ सीधे तौर पर हासिल कर सकेगी। जिसमें विदेश की उच्च कोटि की पांच सौ यूनिवर्सिटियों का स्टाफ शामिल है। वीसी ने बताया कि इससे अध्यापन और खोज के लिए अध्यापकों व शोधकर्ताओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे। इस नए रूप के बाद यूनिवर्सिटी को गुणवान और ज्यादा योग्य अध्यापकों को खींचने के लिए यूजीसी पे स्केल से ज्यादा वेतन देने का अधिकार भी होगा। इतना ही नहीं इसके बाद विदेशी स्टूडेंट्स की गिनती बढ़ाने का भी यूनिवर्सिटी के पास अधिकार आ जाएगा।
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