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बिजली मुलाजिमों का प्रदर्शन
Updated Tue, 06 Mar 2018 09:52 PM IST
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सरकार पर बरसे बिजली मुलाजिम
रीठखेड़ी उपमंडल दफ्तर में अर्थी फूंक प्रदर्शन किया
बठिंडा प्लांट बंद करने का विरोध किया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। टेक्निकल सर्विस यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर रीठखेड़ी उपमंडल दफ्तर में बिजली मुलाजिमों ने सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। मुलाजिमों ने बठिंडा थर्मल प्लांट को पूरी तरह से और रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया और मांगें उठाईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
मुलाजिम नेता जतिंदर सिंह चड्डा, चरनजीत सिंह ने कहा कि पावरकाम मैनेजमेंट की ओर से यूनियन के साथ 14 नवंबर 2017 को जो समझौता किया गया था, उस समझौते के तहत मानी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। ऊपर से बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद कर दिया गया है, रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए गए हैं। मुलाजिमों की छटनी की जा रही है, डीए का 22 महीने का एरियर नहीं दिया जा रहा है।
जनवरी 2017 और जुलाई 2017 डीए की किश्तें जाम कर दी गई हैं, जनवरी 216 से बनते स्केल नहीं दिए जा रहे हैं। पक्की भरती नहीं की जा रही है। ठेकेदारी सिस्टम तहत वर्करों से काम लिया जा रहा है। इस सब के विरोध में 15 मार्च को प्रदेशस्तरीय धरना हेडआफिस के बाहर लगाया जाएगा। फिर भी मांगें न मानीं गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार मैनेजमेंट व सरकार होगी।
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रीठखेड़ी उपमंडल दफ्तर में अर्थी फूंक प्रदर्शन किया
बठिंडा प्लांट बंद करने का विरोध किया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। टेक्निकल सर्विस यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर रीठखेड़ी उपमंडल दफ्तर में बिजली मुलाजिमों ने सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। मुलाजिमों ने बठिंडा थर्मल प्लांट को पूरी तरह से और रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया और मांगें उठाईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
मुलाजिम नेता जतिंदर सिंह चड्डा, चरनजीत सिंह ने कहा कि पावरकाम मैनेजमेंट की ओर से यूनियन के साथ 14 नवंबर 2017 को जो समझौता किया गया था, उस समझौते के तहत मानी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। ऊपर से बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद कर दिया गया है, रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए गए हैं। मुलाजिमों की छटनी की जा रही है, डीए का 22 महीने का एरियर नहीं दिया जा रहा है।
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जनवरी 2017 और जुलाई 2017 डीए की किश्तें जाम कर दी गई हैं, जनवरी 216 से बनते स्केल नहीं दिए जा रहे हैं। पक्की भरती नहीं की जा रही है। ठेकेदारी सिस्टम तहत वर्करों से काम लिया जा रहा है। इस सब के विरोध में 15 मार्च को प्रदेशस्तरीय धरना हेडआफिस के बाहर लगाया जाएगा। फिर भी मांगें न मानीं गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार मैनेजमेंट व सरकार होगी।
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