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बिजली मुलाजिमों का प्स्त्रदर्शन
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:53 PM IST
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सरकार के खिलाफ बरसे बिजली मुलाजिम
बहादुरगढ़ उपमंडल दफ्तर में पुतला फूंककर किया प्रदर्शन
बठिंडा प्लांट बंद करने का विरोध किया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। टेक्निकल सर्विस यूनियन के आह्वान पर सोमवार को बहादुरगढ़ उपमंडल में बिजली मुलाजिमों ने सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। मौके पर बठिंडा थर्मल प्लांट को पूरी तरह से और रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया गया। मुलाजिमों ने मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी।
मुलाजिम नेताओं गुरिंदर सिंह, प्रदीप कुमार ने कहा कि पावरकॉम मैनेजमेंट की ओर से यूनियन के साथ 14 नवंबर 2017 को जो समझौता किया गया था उस समझौते के तहत मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। उसपर बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद कर दिया गया है। रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए गए हैं। मुलाजिमों की छटनी की जा रही है। डीए का 22 महीने का एरियर नहीं दिया जा रहा है। जनवरी 2017 और जुलाई 2017 डीए की किश्तें जाम कर दी गई हैं। जनवरी 216 से बनते स्केल नहीं दिए जा रहे हैं। पक्की भर्ती नहीं की जा रही है। ठेकेदारी सिस्टम के तहत वर्करों से काम लिया जा रहा है। इस सबके विरोध में 15 मार्च को प्रदेशस्तरीय धरना हेडऑफिस के बाहर लगाया जाएगा। फिर भी मांगें न मानीं गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार मैनेजमेंट व सरकार होगी।
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बहादुरगढ़ उपमंडल दफ्तर में पुतला फूंककर किया प्रदर्शन
बठिंडा प्लांट बंद करने का विरोध किया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। टेक्निकल सर्विस यूनियन के आह्वान पर सोमवार को बहादुरगढ़ उपमंडल में बिजली मुलाजिमों ने सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। मौके पर बठिंडा थर्मल प्लांट को पूरी तरह से और रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद करने का विरोध किया गया। मुलाजिमों ने मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी।
मुलाजिम नेताओं गुरिंदर सिंह, प्रदीप कुमार ने कहा कि पावरकॉम मैनेजमेंट की ओर से यूनियन के साथ 14 नवंबर 2017 को जो समझौता किया गया था उस समझौते के तहत मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। उसपर बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद कर दिया गया है। रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए गए हैं। मुलाजिमों की छटनी की जा रही है। डीए का 22 महीने का एरियर नहीं दिया जा रहा है। जनवरी 2017 और जुलाई 2017 डीए की किश्तें जाम कर दी गई हैं। जनवरी 216 से बनते स्केल नहीं दिए जा रहे हैं। पक्की भर्ती नहीं की जा रही है। ठेकेदारी सिस्टम के तहत वर्करों से काम लिया जा रहा है। इस सबके विरोध में 15 मार्च को प्रदेशस्तरीय धरना हेडऑफिस के बाहर लगाया जाएगा। फिर भी मांगें न मानीं गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार मैनेजमेंट व सरकार होगी।
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