फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   जिले की मंडियों में लिफ्टिंग का बुरा हाल

जिले की मंडियों में लिफ्टिंग का बुरा हाल

Fri, 13 Apr 2018 10:16 PM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
जिले की मंडियों में लिफ्टिंग का बुरा हाल
सीएम जिले की मंडियों में लिफ्टिंग का बुरा हाल
विज्ञापन

77,715 टन गेहूं बिका, लिफ्टिंग हुई केवल 9616 टन
किसान निराश, मंडियों में गेहूं की आवक हो रही है प्रभावित
रिंपी गुप्ता
पटियाला।
मुख्यमंत्री के जिले की मंडियों में लिफ्टिंग की रफ्तार सुस्त है। मंडियों में अब तक हजारों टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन इसमें केवल कुछ टन माल ही लिफ्ट हो पाया है। इससे किसानों में निराशा है। मंडियों में गेहूं की आवक प्रभावित होने से किसान भटकने को मजबूर हो रहे हैं। जिला मंडी अफसर जसविंदर धालीवाल ने कहा कि ट्रकों के टेंडर में कुछ समस्या हुई है, जिससे दिक्कत आई है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए इस बार 105 मंडियां तैयार की गई हैं। इनमें से अब तक 70 मंडियों में एक अप्रैल से खरीद का काम शुरू हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक 92734 टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से अब तक 77715 टन गेहूं खरीद किया जा चुकी है। वहीं 15,019 टन गेहूं बिना बिके पड़ा है।
विज्ञापन

हैरानी की बात है कि सरकार व प्रशासन के बड़े-बड़े दावों के विपरीत बिके 77715 टन गेहूं में से केवल 9616 की लिफ्टिंग हो सकी है। जिले की मंडियों में इस समय 68,099 टन गेहूं लिफ्टिंग के इंतजार में पड़ा है। इतनी भारी मात्रा में गेहूं लिफ्टिंग के लिए मंडियों में पड़ा होने से आवक पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे किसान काफी निराश है। वीरवार से मौसम साफ होने से काफी संख्या में किसान अपनी फसलें लेकर मंडियों में आ रहे हैं। वहीं मंडियों में उन्हें अपनी फसलें रखने के लिए जगह न मिल पाने से परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एजेंसियों से लिया जाएगा प्रति कट्टा डैमेज कंट्रोल : धालीवाल
जिला मंडी अफसर जसविंदर धालीवाल ने कहा कि ट्रकों के टेंडरिंग में कुछ समस्या आने से लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। खास तौर से पनसप बिका माल नहीं उठा रही है। सभी एजेंसियां जो गेहूं खरीदने के बाद भी इसे नहीं उठा रही हैं, उन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसमें उनसे कानून के तहत 25 पैसे प्रति कट्टा डैमेज कंट्रोल लिया जाएगा। गेहूं खरीदने के 72 घंटे अंदर बिका माल उठाना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जिला फूड एंड सिविल सप्लाई अधिकारी नरिंदर सिंह ने कहा कि ट्रक यूनियनों का आपसी कोई विवाद था, जिसे सुलझा लिया गया है। जल्द ही सारे बिके माल की लिफ्टिंग करा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed