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बिजली मुलाजिमों की जत्थेबंदी
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:32 PM IST
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बिजली मुलाजिमों का 11 अप्रैल को हड़ताल का एलान
लेबर कमिश्नर पंजाब और पावरकॉम मैनेजमेंट से बातचीत रही बेनतीजा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के नुमाइंदों की बैठक सहायक लेबर कमिश्नर मोना पुरी और पावरकाम मैनेजमेंट के साथ हुई। यह बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इसके बाद फोरम ने 11 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल का एलान कर दिया। इस दौरान फोरम की ओर से बिजली मुलाजिम नेता कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह, जैल सिंह और पावरकॉम मैनेजमेंट से डिप्टी सचिव आईआर व भलाई बीएस गुरम शामिल हुए।
इसमें ज्वाइंट फोरम के नुमाइंदों ने लेबर कमिश्नर को बताया कि पावरकॉम मैनेजमेंट ने विश्वास दिलाया था कि 10 जनवरी तक जत्थेबंदी के साथ हुई मीटिंगों के फैसले और मानी मांगें लागू कर दी जाएंगी। वहीं मैनेजमेंट की ओर से दिए भरोसे के अनुसार मीटिंग में मानी गई मांगों के सर्कुलर लाने में असमर्थ रही और टाल मटोल की नीति ही अपनाई। फोरम नुमाइंदों ने साफ किया कि जब तक मुलाजिमों की मानी मांगें पे बैंड में एक दिसंबर 2011 से बढ़ोतरी, 23 साल की सेवा बाद तरक्की वृद्धि, वर्कचार्ज व कांट्रैक्ट कर्मी पक्के करने, योग्य मुलाजिमों की पदोन्नितयां, मृतकों के वारिसों को पहल के आधार पर नौकरियां देने, खाली पड़े पदों पर नई भर्ती, सियासी व गलत आधार पर किए नाजायज तबादले रद्द करने जैसी मांगें लागू नहीं होंगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। 31 मार्च तक सूबे के सारे विधायकों व मंत्रियों के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजे जाएंगे। 11 अप्रैल को प्रदेश स्तर पर एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
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लेबर कमिश्नर पंजाब और पावरकॉम मैनेजमेंट से बातचीत रही बेनतीजा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के नुमाइंदों की बैठक सहायक लेबर कमिश्नर मोना पुरी और पावरकाम मैनेजमेंट के साथ हुई। यह बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इसके बाद फोरम ने 11 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल का एलान कर दिया। इस दौरान फोरम की ओर से बिजली मुलाजिम नेता कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह, जैल सिंह और पावरकॉम मैनेजमेंट से डिप्टी सचिव आईआर व भलाई बीएस गुरम शामिल हुए।
इसमें ज्वाइंट फोरम के नुमाइंदों ने लेबर कमिश्नर को बताया कि पावरकॉम मैनेजमेंट ने विश्वास दिलाया था कि 10 जनवरी तक जत्थेबंदी के साथ हुई मीटिंगों के फैसले और मानी मांगें लागू कर दी जाएंगी। वहीं मैनेजमेंट की ओर से दिए भरोसे के अनुसार मीटिंग में मानी गई मांगों के सर्कुलर लाने में असमर्थ रही और टाल मटोल की नीति ही अपनाई। फोरम नुमाइंदों ने साफ किया कि जब तक मुलाजिमों की मानी मांगें पे बैंड में एक दिसंबर 2011 से बढ़ोतरी, 23 साल की सेवा बाद तरक्की वृद्धि, वर्कचार्ज व कांट्रैक्ट कर्मी पक्के करने, योग्य मुलाजिमों की पदोन्नितयां, मृतकों के वारिसों को पहल के आधार पर नौकरियां देने, खाली पड़े पदों पर नई भर्ती, सियासी व गलत आधार पर किए नाजायज तबादले रद्द करने जैसी मांगें लागू नहीं होंगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। 31 मार्च तक सूबे के सारे विधायकों व मंत्रियों के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजे जाएंगे। 11 अप्रैल को प्रदेश स्तर पर एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
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