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पटियाला
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:22 PM IST
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मांगों को लेकर भड़के मुलाजिमों का रोष प्रदर्शन
800 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
विभिन्न सरकारी और अर्ध सरकारी विभागों के चौथा दर्जा मुलाजिमों ने वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी सीनियर सेकेंडरी व प्राइमरी के दफ्तरों और सेहत विभाग के आफिस के आगे प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 800 प्राइमरी स्कूल बंद करने, आंगनबाड़ी मुलाजिमों पर अत्याचार करने का विरोध किया गया। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, मोहन सिंह नेगी और दीप चंद हंस ने कहा कि 800 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला कर सरकार ने गरीब बच्चों से शिक्षा हासिल करने का हक छीन लिया है। साथ ही मिड-डे मील कर्मचारियों और पार्ट टाइम कर्मचारियों को तनख्वाह न देने, 25 फीसदी कोटे के मुताबिक रेगुलर न करने और जिले में फैले डेंगू की रोकथाम में नाकाम रहने का विरोध किया। इस दौरान महंगाई भत्ता का बकाया जल्द देने, पार्टटाइम, दिहाड़ीदार, वर्कचार्ज, ठेका आधारित और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की गई। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि सेहत मंत्री ब्रहम मोहिंदरा और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिले में लोगों का डेंगू से बुरा हाल है, लेकिन सेहत विभाग इसकी रोकथाम नहीं कर पा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
फोटो नंबर-02पीटीएल01
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800 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
विभिन्न सरकारी और अर्ध सरकारी विभागों के चौथा दर्जा मुलाजिमों ने वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी सीनियर सेकेंडरी व प्राइमरी के दफ्तरों और सेहत विभाग के आफिस के आगे प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 800 प्राइमरी स्कूल बंद करने, आंगनबाड़ी मुलाजिमों पर अत्याचार करने का विरोध किया गया। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, मोहन सिंह नेगी और दीप चंद हंस ने कहा कि 800 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला कर सरकार ने गरीब बच्चों से शिक्षा हासिल करने का हक छीन लिया है। साथ ही मिड-डे मील कर्मचारियों और पार्ट टाइम कर्मचारियों को तनख्वाह न देने, 25 फीसदी कोटे के मुताबिक रेगुलर न करने और जिले में फैले डेंगू की रोकथाम में नाकाम रहने का विरोध किया। इस दौरान महंगाई भत्ता का बकाया जल्द देने, पार्टटाइम, दिहाड़ीदार, वर्कचार्ज, ठेका आधारित और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की गई। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि सेहत मंत्री ब्रहम मोहिंदरा और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिले में लोगों का डेंगू से बुरा हाल है, लेकिन सेहत विभाग इसकी रोकथाम नहीं कर पा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
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फोटो नंबर-02पीटीएल01