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लिंग अनुपात में सुधार
Updated Wed, 17 Jan 2018 09:52 PM IST
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जिले में लड़के-लड़कियों के लिंग अनुपात में सुधार
लिंग अनुपात साल 2015-16 के 866 से बढ़कर साल 2016-17 में 890 पर पहुंचा
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम में नहीं दिए जाते वजीफे, झांसे में न आएं
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत आम लोगों में पैदा हो रही जागरूकता के कारण पटियाला मे लिंग अनुपात में काफी सुधार हुआ है। जिले का जन्म के समय का लिंग अनुपात साल 2015-16 में 866 से 24 अंक बढ़कर साल 2016-17 के दौरान 890 हो गया है। जिला प्रोग्राम अफसर सुखदीप सिंह ने साफ किया कि स्कीम के तहत किसी तरह की माली सहायता या वजीफे नहीं दिए जाते।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी 2015 में लागू की गई यह स्कीम देश के उन 100 जिलों में लागू की गई थी जहां लिंग अनुुपात बहुत कम है या तेजी के साथ कम हो रहा है। पटियाला भी इन 100 जिलों में शामिल था जबकि 2016 में 50 जिले और शामिल कर दिए गए।
सुखदीप सिंह ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सशक्तीकरण, शिक्षा का प्रसार और सामाजिक स्तर पर लिंग आधारित पक्षपात को रोकना है। यह स्कीम लिंग निर्धारण और लिंग चुनाव को काबू पाने के लिए पीसीपी एनडीटी एक्ट के सही अमल को यकीनी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पटियाला में इस स्कीम के तहत जागरूकता लाने के कारण लड़के-लड़कियों के जन्म के समय के लिंग अनुपात में लगातार सुधार आ रहा है।
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साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस स्कीम के नाम का दुरुपयोग करके लोगों को गुमराह करने वाले गैर सरकारी तत्व ऐसा करने से बचें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस स्कीम के तहत किसी तरह की वित्तीय सहायता या वजीफे के झांसे में न आएं इस तरह के झांसे देने वाले लोगों के बारे में पुलिस को सूचित करें।
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लिंग अनुपात साल 2015-16 के 866 से बढ़कर साल 2016-17 में 890 पर पहुंचा
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम में नहीं दिए जाते वजीफे, झांसे में न आएं
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत आम लोगों में पैदा हो रही जागरूकता के कारण पटियाला मे लिंग अनुपात में काफी सुधार हुआ है। जिले का जन्म के समय का लिंग अनुपात साल 2015-16 में 866 से 24 अंक बढ़कर साल 2016-17 के दौरान 890 हो गया है। जिला प्रोग्राम अफसर सुखदीप सिंह ने साफ किया कि स्कीम के तहत किसी तरह की माली सहायता या वजीफे नहीं दिए जाते।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी 2015 में लागू की गई यह स्कीम देश के उन 100 जिलों में लागू की गई थी जहां लिंग अनुुपात बहुत कम है या तेजी के साथ कम हो रहा है। पटियाला भी इन 100 जिलों में शामिल था जबकि 2016 में 50 जिले और शामिल कर दिए गए।
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सुखदीप सिंह ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सशक्तीकरण, शिक्षा का प्रसार और सामाजिक स्तर पर लिंग आधारित पक्षपात को रोकना है। यह स्कीम लिंग निर्धारण और लिंग चुनाव को काबू पाने के लिए पीसीपी एनडीटी एक्ट के सही अमल को यकीनी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पटियाला में इस स्कीम के तहत जागरूकता लाने के कारण लड़के-लड़कियों के जन्म के समय के लिंग अनुपात में लगातार सुधार आ रहा है।
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साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस स्कीम के नाम का दुरुपयोग करके लोगों को गुमराह करने वाले गैर सरकारी तत्व ऐसा करने से बचें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस स्कीम के तहत किसी तरह की वित्तीय सहायता या वजीफे के झांसे में न आएं इस तरह के झांसे देने वाले लोगों के बारे में पुलिस को सूचित करें।