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तबादलों पर भड़के बांधकर्मी
अमर उजाला, शाहपुरकंडी (पठानकोट)
Updated Tue, 21 Jan 2014 10:31 PM IST
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रणजीत सागर बांध परियोजना पर कार्यरत कर्मचारी संगठन थीन डैम वर्कर यूनियन की बैठक कार्यकारी अध्यक्ष जसवंत सिंह संधू की अध्यक्षता में शाहपुर कंडी स्थित कार्यालय में आयोजित की गई।
बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रदेश सरकार और बांध प्रशासन पर कर्मचारियों को परेशान करने का आरोप लगाया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि तबादलों और अन्य मांगों के विरोध में 30 जनवरी को परियोजना के मुख्य अभियंता कार्यालय के प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बांध प्रशासन नियमों के विपरीत तानाशाही रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत कर्मचारियों को सरप्लस पूल में डालकर परियोजना से तब्दील करने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले रणजीत सागर बांध परियोजना से तब्दील किए कर्मचारी अन्य विभागों में भेजे गए थे। उन्हें वहां ज्वाइन न कराकर वापस भेजा जा चुका है।
इसके चलते कर्मचारी मारे-मारे फिर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि परियोजना के कर्मचारी संगठनों के विरोध के कारण कुछ कर्मचारियों को जॉब आर्डर पर भेज दिया गया है।
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कुछ की परियोजना पर ही दोबारा हाजिरी लगानी शुरू कर दी गई है लेकिन उन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया गया।
इन सबके बावजूद बांध प्रशासन और कर्मचारियों के तबादले करने की योजना बना रहा है। इसके खिलाफ कर्मचारी विरोध जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 30 प्रतिशत एरियर का बकाया मिल चुका है लेकिन परियोजना की ओर से किसी भी फील्ड कर्मचारी को बकाया नहीं दिया गया है।
बैठक में जनक राज वशिष्ठ ,नंद लाल, सुरिंदर मान, करनैल सिंह, सकतर सिंह, तरसेम नागोके, कमल खटकर, गुरदीप संधू, कमल देबा मौजूद थे।
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बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रदेश सरकार और बांध प्रशासन पर कर्मचारियों को परेशान करने का आरोप लगाया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि तबादलों और अन्य मांगों के विरोध में 30 जनवरी को परियोजना के मुख्य अभियंता कार्यालय के प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बांध प्रशासन नियमों के विपरीत तानाशाही रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत कर्मचारियों को सरप्लस पूल में डालकर परियोजना से तब्दील करने की योजना बनाई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि पहले रणजीत सागर बांध परियोजना से तब्दील किए कर्मचारी अन्य विभागों में भेजे गए थे। उन्हें वहां ज्वाइन न कराकर वापस भेजा जा चुका है।
इसके चलते कर्मचारी मारे-मारे फिर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि परियोजना के कर्मचारी संगठनों के विरोध के कारण कुछ कर्मचारियों को जॉब आर्डर पर भेज दिया गया है।
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कुछ की परियोजना पर ही दोबारा हाजिरी लगानी शुरू कर दी गई है लेकिन उन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया गया।
इन सबके बावजूद बांध प्रशासन और कर्मचारियों के तबादले करने की योजना बना रहा है। इसके खिलाफ कर्मचारी विरोध जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 30 प्रतिशत एरियर का बकाया मिल चुका है लेकिन परियोजना की ओर से किसी भी फील्ड कर्मचारी को बकाया नहीं दिया गया है।
बैठक में जनक राज वशिष्ठ ,नंद लाल, सुरिंदर मान, करनैल सिंह, सकतर सिंह, तरसेम नागोके, कमल खटकर, गुरदीप संधू, कमल देबा मौजूद थे।