पिंड दियां गल्लां: कपूरथला की पंचायत समिति ने लिखी विकास की ऐसी इबारत...संवार दिए 132 गांव
कपूरथला पंचायत समिति की चेयरपर्सन बलजीत कौर कहती हैं कि काम इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे। इसी बदौलत ही समिति राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि गांवों की नुहार बदलने का सिलसिला का लगातार जारी रहेगा।
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पंजाब के ‘पेरिस’ कहे जाते कपूरथला की पंचायत समिति ने सही मायनों में इसे पेरिस के तुल्य लाकर खड़ा किया है। ब्लॉक के 132 गांव एक नई ही इबारत लिख रहे हैं। समिति के कुशल प्रबंधन से हर गांव में विकास की धारा बह रही है। गांव सुन्नड़वाल के छप्पड़ के पानी से खेत लहलहा रहे हैं। आरियांवाल का हरा-भरा पार्क पिकनिक स्पॉट बनकर उभर रहा है।
कम्यूनिटी हाल की आभा बरबस ही गांव की ओर सबका ध्यान केंद्रित कर रही है, तभी तो केंद्र सरकार की टीम ने जब कपूरथला पंचायत समिति का दौरा करके दफ्तरी कामकाज और गांवों में विकास की नई कहानी देख तो दंग ही रह गए। ब्लॉक के अधीन आते 132 गांवों का दिल्ली व चंडीगढ़ की केंद्रीय टीम की ओर से साल 2020-21 में मूल्यांकन किया गया तो पंचायत समिति समेत हर गांव मानक पर खरा उतरा। इसने सूबे की तमाम पंचायत समितियों के लिए नजीर बनते हुए दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार अपने नाम करके पहली पंचायत समिति होने का गौरव हासिल किया। इस पुरस्कार के साथ पंचायत समिति को 25 लाख रुपये की राशि भी मिली। इससे पंचायत समिति की चेयरपर्सन बलजीत कौर व ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) अमरजीत सिंह की अथक मेहनत पर केंद्र सरकार की मुहर लगी है। इससे अब पंचायत समिति और भी बढ़िया कार्यशैली से इस गौरव को बरकरार रखने के लिए तन्मयता से जुटी हुई है।
धर्मशाला, कम्युनिटी हॉल, श्मशानघाट व गलियां देखने लायक
गांव कोट करार खां में इंटरलॉक टाइलों का ऐसा जाल बिछाया गया है, जैसे किसी शहर में घूम रहे हों। व्यवस्थित ढंग से गांव की गलियों का न केवल विकास करवाया गया है, बल्कि समय-समय पर इसकी जांच के लिए दौरे भी जारी हैं। गांव बिशनपुर की धर्मशाला विकास की कहानी बयां करती है। गांव सुन्नड़वाल के छप्पड़ के पानी को इस ढंग से चैनेलाइज किया गया है, जिससे फसलों की सिंचाई में इस पानी का सदुपयोग हो सके। वहीं सुन्नड़वाल व गांव भवानीपुर का श्मशानघाट देख कर नहीं लगता कि यह श्मशानघाट है। गांव खुसरोपुर में सॉलिड वेस्ट के लिए विशेष प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है, जिससे गांव की गंदगी का समुचित ढंग से निष्पादन हो रहा है। गांव आरियांवाल में थापर मॉडल छप्पड़ पूरी तरह से ढका हुआ है। जबकि यहां पर हरे-भरे पौधे व रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित पार्क महानगरों के पार्कों की तर्ज पर पिकनिक स्पॉट के तौर पर उभरा है। गांव नत्थूचाहल का स्टेडियम इतने बढ़िया ढंग से बना है, जहां पर क्रिकेट के साथ-साथ वालीबाल खेलने गांव के युवा रोज शाम को पहुंचते हैं। ऐसे ही विकास के कार्य गांव अलौदीपुर, खुसरोपुर, सिधवां दोनां समेत पूरे ब्लाक के गांवों में हुए हैं, जिसकी बदौलत कपूरथला पंचायत समिति का नाम राष्ट्रीय पटल पर विख्यात हुआ है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से जिम्मेदारी बढ़ी है, बढ़िया काम करते रहेंगे : बीडीपीओ
बीडीपीओ कपूरथला अमरजीत सिंह बताते हैं कि दफ्तरी कार्य को बेहतरीन ढंग से करने के साथ-साथ कुशल प्रबंध और उम्दा रिकार्ड कीपिंग के अलावा ब्लाक अधीन आते 132 गांवों की आभा बदलने के लिए समिति को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि काम को बेहतरीन ढंग से करने की आदत ने ही उन्हें देश भर में ख्याति दिलाई है। इस परंपरा और उचित ढंग से गांवों की कायाकल्प का प्रयास लगातार जारी रखेंगे। कार्यशैली में आधुनिकता के साथ बदलाव को अपनाकर हर गांव को शहर की तरह बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। गांवों में विकास के लिए जारी फंड के एक-एक पैसे के उचित इस्तेमाल के लिए लगातार जांच दौरे जारी रखे गए, जिनकी बदौलत गांवों की नुहार बदल पाई है। कपूरथला पंचायत समिति की चेयरपर्सन बलजीत कौर की अगुवानी में हर तीन माह बाद नियमानुसार समिति की बैठकें होती रही हैं, जिनमें हर गांव के विकास की प्रगति पर चर्चा होती रही और दफ्तर का रिकार्ड भी लगातार मेंटेन रखा जाता है।
काम इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे : चेयरपर्सन
कपूरथला पंचायत समिति की चेयरपर्सन बलजीत कौर कहती हैं कि काम इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे। इसी बदौलत ही समिति राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि गांवों की नुहार बदलने का सिलसिला का लगातार जारी रहेगा। ब्लॉक का हर गांव का विकास इस ढंग से करेंगे कि अगली बार भी राष्ट्रीय पुरस्कार पर समिति ही काबिज हो। अभी भी गांवों में कई कार्यों को पूरा किया जाना है। इस पर लगातार फोकस रखा गया है, जिससे हर ग्रांट का सदुपयोग करके गांव को मॉडल गांव के तौर पर विकसित किया जा सके। इसके लिए वह लगातार समिति की बैठकों में हर काम का जायजा लेती हैं।
कपूरथला पंचायत समिति बनी जिले के लिए मार्गदर्शक, कार्य सराहनीय : डीडीपीओ
कपूरथला जिला विकास व पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) हरजिंदर सिंह ने कहा कि कपूरथला पंचायत समिति ने उम्दा काम किया है, तभी तो उसे राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ नेशनल स्तर पर सम्मान मिला है। इसके लिए पंचायत समिति व बीडीपीओ अमरजीत सिंह बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि कपूरथला पंचायत समिति जिले की अन्य समितियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हैं, इसलिए बाकी समितियों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार फिर कोशिश होगी कि समिति फिर से राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करे। इसके लिए पंचायत विभाग पूरी तरह से तत्पर है। उन्होंने जिले की समितियों व ग्राम पंचायतों से अपील की है कि वह भी इस तरह से आगे आएं, पंचायत विभाग हरसंभव मदद करेगा।