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जागा प्रशासन, दरिया ब्यास पर पलटून पुल बनाया
अमर उजाला कपूरथला
Updated Mon, 21 Oct 2013 11:14 PM IST
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दरिया ब्यास में नाव हादसे का शिकार हुए 9 लोगों में से 2 का अभी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि गत 4 दिन से एनडीआरएफ, पीएपी के करीब 20 जवान मोटरबोट के जरिए सात लोगों के शव ढूंढ चुकी है।
उधर, प्रशासन इस हादसे के बाद प्रशासन की भी नींद खुल गई है। एसडीएम कुलदीप सिंह चंदी के आदेश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने दरिया ब्यास के मंड बाऊपुर के पास तीन महीने पूर्व हटाए गए पलटून पुल का निर्माण आरंभ कर दिया है।
पुल निर्माण के लिए विभाग द्वारा पकड़ी गई तेजी से आने वाले तीन दिनों तक पुल के मुकम्मल होने की संभावनाएं जताई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्यों में इसी तेजी के चलते पुल पर लगाए जा रहे लक्कड़ की कुछ बल्लियां बेहद खस्ता हाल में है कि जिसके चलते पुल निर्माण के बाद किसी अप्रिय घटना का अंदेशा जताया जा रहा है। दरिया ब्यास से संबंधित क्षेत्र का दौरा करने पर पता चला कि अभी भी दरिया के क्षेत्र में नाव चलाए के जाने दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार दरिया ब्यास से सटे जिला तरनतारन और जिला कपूरथला के 16 गांवों में लोगों द्वारा खुद की नाव निर्माण करवाकर उसके नावक को करीब 10 हजार वेतन पर रखा हुआ है। किसान संघर्ष कमेटी के नेता परमजीत सिंह बाऊपुर ने बताया कि एक छोटी नाव पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च आता है।
दरिया ब्यास में ऐसे 50 प्वाइंट है, जहां से नाव चलाई जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार 30 गांवों के पास अपनी नावें है। मंड बाऊपुर निवासियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इन गांवों में प्रशासन द्वारा मुहैया की गई दो मोटरबोट खराब पड़ी है।
दरिया ब्यास में स्थानीय लोगों द्वारा चलाई जा रही निजी नावों में लाइफ जैकट सहित सुरक्षा के अनेकों ऐसे अभाव पाए जा रहे हैं, जिसके चलते भविष्य में भी नाव दुर्घटना होने का अंदेशा बने हुए है।
3 अक्तूबर को जब नाव हादसा हुआ था, उस मौके सुरक्षित बचे लोगों ने बताया था कि मुंडा गांव के पत्तन से जैसे ही नाव दरिया में आगे बढ़ी तो नाव में मौजूद छिद्रों के जरिए पानी नाव के भीतर भरना शुरू हो गया था। नाव का एक हिस्सा खस्ता हालत में था।
जाहिर सी बात है कि नाव दरिया में उतरने के लायक ही नहीं थी। किसान संघर्ष कमेटी पंजाब के कन्वीनर कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने सरकार से मांग की है कि दरिया पर जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए। बाऊपुर के समीप बांधे जा रहे पलटून पुल की खस्ता हालत बल्लियों को बदला जाए।
उन्होंने मांग की है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होता तब तक जिला तरनतारन और जिला कपूरथला के पत्तनों पर सरकारी बोट चलाई जाए। उन्होंने मुंडा गांव के मृतकों को 10-10 लाख मुआवजा राशि देने की भी मांग की है। एसडीएम कुलदीप सिंह चंदी का कहना है कि नाव हादसे पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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उधर, प्रशासन इस हादसे के बाद प्रशासन की भी नींद खुल गई है। एसडीएम कुलदीप सिंह चंदी के आदेश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने दरिया ब्यास के मंड बाऊपुर के पास तीन महीने पूर्व हटाए गए पलटून पुल का निर्माण आरंभ कर दिया है।
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पुल निर्माण के लिए विभाग द्वारा पकड़ी गई तेजी से आने वाले तीन दिनों तक पुल के मुकम्मल होने की संभावनाएं जताई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्यों में इसी तेजी के चलते पुल पर लगाए जा रहे लक्कड़ की कुछ बल्लियां बेहद खस्ता हाल में है कि जिसके चलते पुल निर्माण के बाद किसी अप्रिय घटना का अंदेशा जताया जा रहा है। दरिया ब्यास से संबंधित क्षेत्र का दौरा करने पर पता चला कि अभी भी दरिया के क्षेत्र में नाव चलाए के जाने दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार दरिया ब्यास से सटे जिला तरनतारन और जिला कपूरथला के 16 गांवों में लोगों द्वारा खुद की नाव निर्माण करवाकर उसके नावक को करीब 10 हजार वेतन पर रखा हुआ है। किसान संघर्ष कमेटी के नेता परमजीत सिंह बाऊपुर ने बताया कि एक छोटी नाव पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च आता है।
दरिया ब्यास में ऐसे 50 प्वाइंट है, जहां से नाव चलाई जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार 30 गांवों के पास अपनी नावें है। मंड बाऊपुर निवासियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इन गांवों में प्रशासन द्वारा मुहैया की गई दो मोटरबोट खराब पड़ी है।
दरिया ब्यास में स्थानीय लोगों द्वारा चलाई जा रही निजी नावों में लाइफ जैकट सहित सुरक्षा के अनेकों ऐसे अभाव पाए जा रहे हैं, जिसके चलते भविष्य में भी नाव दुर्घटना होने का अंदेशा बने हुए है।
3 अक्तूबर को जब नाव हादसा हुआ था, उस मौके सुरक्षित बचे लोगों ने बताया था कि मुंडा गांव के पत्तन से जैसे ही नाव दरिया में आगे बढ़ी तो नाव में मौजूद छिद्रों के जरिए पानी नाव के भीतर भरना शुरू हो गया था। नाव का एक हिस्सा खस्ता हालत में था।
जाहिर सी बात है कि नाव दरिया में उतरने के लायक ही नहीं थी। किसान संघर्ष कमेटी पंजाब के कन्वीनर कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने सरकार से मांग की है कि दरिया पर जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए। बाऊपुर के समीप बांधे जा रहे पलटून पुल की खस्ता हालत बल्लियों को बदला जाए।
उन्होंने मांग की है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होता तब तक जिला तरनतारन और जिला कपूरथला के पत्तनों पर सरकारी बोट चलाई जाए। उन्होंने मुंडा गांव के मृतकों को 10-10 लाख मुआवजा राशि देने की भी मांग की है। एसडीएम कुलदीप सिंह चंदी का कहना है कि नाव हादसे पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।