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मैरिज पैलेसों पर पंजाब सरकार का फैसला सही: हाईकोर्ट
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 11 Jan 2014 12:50 PM IST
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पंजाब में मैरिज पैलेस मालिकों और सरकार के बीच गहराए विवाद पर फैसला हो गया है।
हाईकोर्ट ने मैरिज पैलेस धारकों की उन याचिकाओं को रद कर दिया है, जो राज्य सरकार द्वारा 2012 में जारी अधिसूचना के खिलाफ दाखिल की थी।
अधिसूचना के तहत बिल्डिंग बायलॉज के तहत मैरेज पैलेसों के रेगुलराइजेशन के लिए नए नियम तैयार किए हैं।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनाए अपने फैसले में पंजाब सरकार का फैसला सही है।
सरकार ने सारी परिस्थितियों को भांपकर ही इस पर फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों के साथ ही सभी याचिकाओं को रद करने के आदेश जारी कर दिए।
पंजाब मैरिज पैलेस एंड रिजार्ट एसोसिएशन एवं अन्यों ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी।
दाखिल याचिका में कहा गया कि पंजाब सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत मैरिज पैलेसों को तीन श्रेणियों में बांटा है।
इसमें एक नगर निगम की सीमा के अंदर, एक नगर निगम की सीमा के बाहर और एक 15 किलोमीटर के दायरे वाले। याचिका में दलील दी गई कि श्रेणी नंबर दो और तीन को आपस में मर्ज कर दिया जाना चाहिए।
याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सरकार को निर्देश जारी किए कि 7 जनवरी 2013 को मैरिज पैलेसों को लेकर संशोधित पॉलिसी को एक महीने में लागू किया जाए और प्रतिवादियों को भी नियमितिकरण करवाने की इजाजत दी जाए।
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हाईकोर्ट ने मैरिज पैलेस धारकों की उन याचिकाओं को रद कर दिया है, जो राज्य सरकार द्वारा 2012 में जारी अधिसूचना के खिलाफ दाखिल की थी।
अधिसूचना के तहत बिल्डिंग बायलॉज के तहत मैरेज पैलेसों के रेगुलराइजेशन के लिए नए नियम तैयार किए हैं।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनाए अपने फैसले में पंजाब सरकार का फैसला सही है।
सरकार ने सारी परिस्थितियों को भांपकर ही इस पर फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों के साथ ही सभी याचिकाओं को रद करने के आदेश जारी कर दिए।
पंजाब मैरिज पैलेस एंड रिजार्ट एसोसिएशन एवं अन्यों ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी।
दाखिल याचिका में कहा गया कि पंजाब सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत मैरिज पैलेसों को तीन श्रेणियों में बांटा है।
इसमें एक नगर निगम की सीमा के अंदर, एक नगर निगम की सीमा के बाहर और एक 15 किलोमीटर के दायरे वाले। याचिका में दलील दी गई कि श्रेणी नंबर दो और तीन को आपस में मर्ज कर दिया जाना चाहिए।
याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सरकार को निर्देश जारी किए कि 7 जनवरी 2013 को मैरिज पैलेसों को लेकर संशोधित पॉलिसी को एक महीने में लागू किया जाए और प्रतिवादियों को भी नियमितिकरण करवाने की इजाजत दी जाए।
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