{"_id":"c67fafc415e0d5ed34d79b506ff9c367","slug":"one-year-imprisonment-to-former-mla-lopoke","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक लोपोके को एक साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक लोपोके को एक साल कैद
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Wed, 18 Sep 2013 11:07 PM IST
विज्ञापन
अमृतसर में जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन और अकाली दल बादल के पूर्व विधायक वीर सिंह लोपोके को मानहानि के एक मामले में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संदीप सिंह जोसन की अदालत ने बुधवार को एक साल कैद की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
लोपोके ने जुर्माना राशि मौके पर ही अदा कर दी। इसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करते हुए फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दे दिया। राजासांसी से कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव के दौरान लोपोके के खिलाफ यह केस दर्ज करवाया था।
लोपोके पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव के दौरान सरकारिया के खिलाफ राजासांसी हलके में रैलियां करके अपशब्द कहे और चुनाव के दिन एक पंजाबी अखबार में अपशब्द लिखा विज्ञापन भी लगवाया था। इस बात से खफा होकर ही सरकारिया ने उन्होंने केस दर्ज करवाया था।
विज्ञापन
विधायक सरकारिया ने बताया कि चुनाव में हार के डर से पहले तो रैलियां कर यह बोला जाता रहा कि उनके खिलाफ दुष्कर्म और अन्य कई केस चल रहे हैं, जबकि ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं था। अपशब्द लिखे पोस्टर भी लगवा दिए।
इतना ही नहीं चुनाव के दिन एक अखबार में विज्ञापन लगवा दिया गया। इसी के आधार पर उन्होंने केस दर्ज करवाया। बाद में लोपोके इस पूरी कार्रवाई को झूठा करार देते रहे।
वीर सिंह लोपोके वर्ष 2002 से लेकर 2007 तक राजासांसी हलके के विधायक रहे हैं, जबकि 2007 और 2012 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। दोनों बार उन्हें सरकारिया ने पटखनी दी।
विज्ञापन
लोपोके ने जुर्माना राशि मौके पर ही अदा कर दी। इसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करते हुए फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दे दिया। राजासांसी से कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव के दौरान लोपोके के खिलाफ यह केस दर्ज करवाया था।
विज्ञापन
लोपोके पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव के दौरान सरकारिया के खिलाफ राजासांसी हलके में रैलियां करके अपशब्द कहे और चुनाव के दिन एक पंजाबी अखबार में अपशब्द लिखा विज्ञापन भी लगवाया था। इस बात से खफा होकर ही सरकारिया ने उन्होंने केस दर्ज करवाया था।
विज्ञापन
विधायक सरकारिया ने बताया कि चुनाव में हार के डर से पहले तो रैलियां कर यह बोला जाता रहा कि उनके खिलाफ दुष्कर्म और अन्य कई केस चल रहे हैं, जबकि ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं था। अपशब्द लिखे पोस्टर भी लगवा दिए।
इतना ही नहीं चुनाव के दिन एक अखबार में विज्ञापन लगवा दिया गया। इसी के आधार पर उन्होंने केस दर्ज करवाया। बाद में लोपोके इस पूरी कार्रवाई को झूठा करार देते रहे।
वीर सिंह लोपोके वर्ष 2002 से लेकर 2007 तक राजासांसी हलके के विधायक रहे हैं, जबकि 2007 और 2012 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। दोनों बार उन्हें सरकारिया ने पटखनी दी।