फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Without playground the players won medals in Nayagaon

मैदान नहीं फिर भी खिलाड़ियों ने जीते पदक, सो रही सरकार, लोगों में कसक

Sun, 29 May 2022 01:39 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 01:39 AM IST
विज्ञापन
Without playground the players won medals in Nayagaon
नयागांव। इलाके के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हॉकी से लेकर क्रिकेट तक में इलाके के युवा देश के लिए खेल चुके हैं। इसके बाद भी इलाके में अभी तक खेलने के लिए कोई मैदान नहीं है। मजबूरी में युवाओं को खेलने के लिए चंडीगढ़ या पंचकूला जाना पड़ता है। इतना ही नहीं, इस वजह से यह खिलाड़ी पंजाब नहीं बल्कि अन्य शहरों के लिए खेलना शुरू कर देते हैं। इलाके के लोगों का मानना है कि अभी न्यू चंडीगढ़ बस रहा है। इसके अलावा इलाके में काफी सरकारी जमीन है। सरकार को युवाओं की तरफ ध्यान देकर मैदान बनाना चाहिए।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की तरफ से खेलो इंडिया कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को खेलकूद में आगे लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इलाके में कोई खेल का मैदान ही नहीं है। इस कारण बच्चे पूरी तरह चंडीगढ़ के मैदानों पर निर्भर हैं। इलाके के लोगों की मांग है कि सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुएखेल के मैदान उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन

पिछले दो साल से कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई करने के कारण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर काफी असर पड़ा है। इलाके के बच्चों ने अपने स्तर पर मेहनत कर खेल में नाम कमाया है। इलाके की रहने वाली रीना खोखर हॉकी ओलंपिक में हिस्सा ले चुकी है। इसके साथ क्रिकेट में प्रशांत चोपड़ा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलकर इलाके का नाम रोशन कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि अगर बच्चों को खेल के मैदान मिल जाए तो वे नाम रोशन करेंगे। ऐसी ही स्थिति खरड़ में बनी हुई है। वहां के खिलाड़ियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेल मैदान की हो व्यवस्था
जिस प्रकार बच्चों के लिए खाना-पीना जरूरी है, उसी प्रकार मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए खेलकूद भी बहुत जरूरी है। यह इलाके का दुर्भाग्य है कि यहां पर कोई खेल का मैदान नहीं है। -सुल्तान ग्रोवर, क्रिकेट कोच
खेलकूद के महत्व को समझे सरकार
बच्चों के लिए खेलकूद जरूरी है। अगर बचपन में खेलकूद की व्यवस्था न हो तो बच्चों में चिड़चिड़ापन हो जाता है। सरकार को बच्चों के लिए आउटडोर गेम के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। -महिंदर शर्मा, स्थानीय वासी
प्रतिभा की कमी नहीं, सरकार पूरी करे जिम्मेदारी
पढ़ाई के साथ स्कूल में बच्चों के लिए खेल की व्यवस्था जरूरी है। अगर खेल की व्यवस्था न हो तो बच्चों का पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है। हमारे इलाके के युुवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरा करे। -मनोज कुमार, शिक्षक

इलाके में खेल मैदान न होना दुर्भाग्य
इलाके का दुर्भाग्य है कि यहां पर कोई खेल का मैदान नहीं है। जो बच्चे नयागांव से बाहर नहीं जा पाते हैं, उनके लिए खेल में रुचि होने के बावजूद आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
गणेश शर्मा, स्थानीय वासी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed