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‘कृषि के तीन नए कानूनों को रद्द करवाने के बाद ही वापस आएंगे’

Wed, 13 Jan 2021 02:08 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 02:08 AM IST
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'Will come back only after repealing three new laws of agriculture'
मोहाली। जिले के सैकड़ों गांव से हजारों की संख्या में किसान केंद्र की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीन कानूनों के विरोध में दिल्ली में किसान आंदोलन में डटे हुए हैं। उनका कहना है कि अब वह नए काले कानूनों के रद्द होने के बाद ही घर वापस आएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पूूरी उम्मीद है कि उनका संघर्ष रंग लाएगा।
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अभी स्टे लगा है, हमने रद्द करवाना है
मोहाली के गांव नियामियां के किसान नेता जसपाल सिंह नियामियां भारतीय किसान यूनियन सिंधूपूरा के मोहाली इकाई के प्रधान हैं। उन्होंने बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने इन कानूनों पर स्टे लगाया है। इसके हक में हम लोग नहीं है। उन्होंने बताया कि मोहाली से दिल्ली के लिए चले काफिले में अब तक तीन किसानों की जान जा चुकी है। लेकिन हमारा हौसला कमजोर नहीं हुआ है। हम लोग यहां पूरी तरह तंदुरुस्त हैं। हमें यहां कोई तकलीफ नहीं है।
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अब है हमारी आरपार की लड़ाई
मोहाली जिले से भारतीय किसान यूनियन एकता के नेता मेहर सिंह थेड़ी ने बताया कि वे इन काले कानूनों को रद्द करवाने के पक्ष में हैं। मेहर सिंह थेड़ी ने बताया कि यह लड़ाई अब आर और पार की है। इसे हम लोग जीतकर ही लौटेंगे। उन्होंने बताया कि हमारे युवाओं का जोश जोरों पर है । उन्होंने बताया कि मेरी उम्र 80 के पास है और मैं पूरी तरह से तंदुरुस्त हूं।
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फैसला स्वागत योग, लेकिन कानून रद होने चाहिए
भारतीय किसान यूनियन सिंधूपुरा मोहाली इकाई के महासचिव ज्ञान सिंह धड़ाक ने बताया कि एक नेता होने के नाते मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। वहीं आम लोगों के इस आंदोलन की एक ही राय है कि वे किसी भी हालात में कानून को रद्द करवाकर ही लौटेंगे। इसके बिना वे दिल्ली बॉर्डर से नहीं हिलेंगे।

अब किसान नहीं पीछे हटने वाले
मोहाली के मिल्कमैन एसोसिएशन के प्रधान बलजिंदर सिंह का कहना है वे भी किसान हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई जा रही कमेटी पहले से ही सरकार के पक्ष में बोल रही है। पंजाब का बच्चा-बच्चा इस संघर्ष से जुड़ चुका है। अब इससे पीछे हटना नामुमकिन है। अगर सीधे तौर पर कहा जाए तो सुप्रीम कोर्ट इस आंदोलन को इस कमेटी के जरिये ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।
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