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Mohali News: पति के आत्महत्या करने के मामले में आरोपी पत्नी अदालत से बरी
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मोहाली। पति के आत्महत्या करने के बाद पत्नी को दोषी बनाए जाने के मामले की सुनवाई अतिरिक्त एवं जिला सेशन जज की अदालत में हुई। अदालत ने आरोपों का सामना कर रही रीमा टांडा को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया। अदालत ने फैसला सुनाया कि मृतक धरमिंदर सिंह की मां ने अदालत में अपनी गवाही देते हुए कहा कि उसके बेटे ने आत्महत्या कर ली क्योंकि वह चार-पांच लोगों से लिए गए कर्ज की रकम को वापस न कर पाने के कारण वह तनाव में था और वे उससे पैसे वापस मांग रहे थे। उसने स्पष्ट कहा कि आरोपी रीमा टांडा की धरमिंदर की मौत में कोई भूमिका नहीं है।
अदालत ने कहा कि मृतक के भाई और मां ने अभियोजन पक्ष के बयान के विपरीत बयान दिया है। अभियोजन पक्ष ने मृतक के पड़ोसी तक से पूछताछ की थी, लेकिन इन गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष के मामले का जरा भी समर्थन नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि न तो उन्होंने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करवाया और न ही उन्होंने अपने इलाके में किसी को झगड़ते देखा।
अदालत ने कहा कि पुलिस यह साबित करने के लिए बिल्कुल भी सबूत नहीं जुटा पाई कि आरोपी रीमा टांडा मृतक को परेशान करती थी और इस कारण धरमिंदर ने छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा, जांच अधिकारी एएसआई केवल कृष्ण की गवाही किसी भी तरह से आरोपी द्वारा अपराध के किए जाने को साबित नहीं करती है, जिसके लिए उस पर आरोप लगाया गया है। अदालत ने कहा कि केवल सरकारी गवाह की गवाही के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी ने अपराध किया है, जब शिकायतकर्ता के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण गवाहों ने उक्त बयान से इंकार किया है इसलिए अदालत ने रीमा टांडा को आरोपों से बरी कर दिया।
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यह था मामला
13 जुलाई 2023 को गांव बडाला में धरमिंदर सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एएसआई केवल कृष्ण पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने गांव के लोगों की मौजूदगी में घटनास्थल की तलाशी ली और पाया कि धरमिंदर सिंह ने छत के पंखे के साथ एक चुन्नी बांधी थी और खुद को फांसी लगा ली थी। जांच करने पर वह मृत पाया गया। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया था कि धरमिंदर सिंह की पत्नी रीमा टांडा उसे परेशान करती थी। इस कारण उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने रीमा टांडा के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज किया था।
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अदालत ने कहा कि मृतक के भाई और मां ने अभियोजन पक्ष के बयान के विपरीत बयान दिया है। अभियोजन पक्ष ने मृतक के पड़ोसी तक से पूछताछ की थी, लेकिन इन गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष के मामले का जरा भी समर्थन नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि न तो उन्होंने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करवाया और न ही उन्होंने अपने इलाके में किसी को झगड़ते देखा।
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अदालत ने कहा कि पुलिस यह साबित करने के लिए बिल्कुल भी सबूत नहीं जुटा पाई कि आरोपी रीमा टांडा मृतक को परेशान करती थी और इस कारण धरमिंदर ने छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा, जांच अधिकारी एएसआई केवल कृष्ण की गवाही किसी भी तरह से आरोपी द्वारा अपराध के किए जाने को साबित नहीं करती है, जिसके लिए उस पर आरोप लगाया गया है। अदालत ने कहा कि केवल सरकारी गवाह की गवाही के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी ने अपराध किया है, जब शिकायतकर्ता के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण गवाहों ने उक्त बयान से इंकार किया है इसलिए अदालत ने रीमा टांडा को आरोपों से बरी कर दिया।
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यह था मामला
13 जुलाई 2023 को गांव बडाला में धरमिंदर सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एएसआई केवल कृष्ण पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने गांव के लोगों की मौजूदगी में घटनास्थल की तलाशी ली और पाया कि धरमिंदर सिंह ने छत के पंखे के साथ एक चुन्नी बांधी थी और खुद को फांसी लगा ली थी। जांच करने पर वह मृत पाया गया। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया था कि धरमिंदर सिंह की पत्नी रीमा टांडा उसे परेशान करती थी। इस कारण उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने रीमा टांडा के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज किया था।