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Mohali News: संपत्तियां बेचकर कहां गए अरबों रुपये, डिप्टी मेयर ने गमाडा से मांगा जवाब
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मोहाली। डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने गमाडा की ओर से मोहाली की संपत्तियां बेचकर एकत्र किए गए अरबों रुपये पंजाब सरकार को उपहार में दिए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी है कि मोहाली की संपत्तियों को बेचकर एकत्र की गई धनराशि में से कितनी राशि मोहाली शहर के विकास पर खर्च की गई है या शहर के विकास कार्यों के लिए नगर निगम को कितनी राशि दी गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन साल में गमाडा ने शहर में जमीन बेचकर अरबों रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जबकि मोहाली नगर निगम को विकास कार्यों के लिए भारी मात्रा में धनराशि दी गई है। यहां तक कि गमाडा की ओर से मोहाली शहर के लिए शुरू किए गए विकास प्रोजेक्टों पर भी बड़ी राशि खर्च नहीं की गई है। बेदी ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत गमाडा से पिछले पांच साल (2020-21 से 2024-25) में मोहाली में बेची गई संपत्तियों के कुल मूल्य का पूरा ब्योरा मांगा है और यह भी बताने को कहा है कि संपत्तियां खरीदने वाले कितने बोलीदाताओं ने अपनी संपत्ति सरेंडर कर दी।
वहीं, गमाडा की संपत्तियां खरीदने वाले सफल बोलीदाताओं की ओर से लगाई गई अंतिम बोली के आधार पर बेची गई संपत्तियों की अंतिम राशि के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा उन्होंने गमाडा की ओर से 2020-21 से लेकर 2024-25 के बीच मोहाली क्षेत्र में विकास के लिए खर्च की गई राशि और पूरी की गई परियोजनाओं के साथ-साथ पाइपलाइन में परियोजनाओं और उन पर किए गए खर्च का हर साल के अनुसार विवरण भी मांगा गया है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन साल में गमाडा ने शहर में जमीन बेचकर अरबों रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जबकि मोहाली नगर निगम को विकास कार्यों के लिए भारी मात्रा में धनराशि दी गई है। यहां तक कि गमाडा की ओर से मोहाली शहर के लिए शुरू किए गए विकास प्रोजेक्टों पर भी बड़ी राशि खर्च नहीं की गई है। बेदी ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत गमाडा से पिछले पांच साल (2020-21 से 2024-25) में मोहाली में बेची गई संपत्तियों के कुल मूल्य का पूरा ब्योरा मांगा है और यह भी बताने को कहा है कि संपत्तियां खरीदने वाले कितने बोलीदाताओं ने अपनी संपत्ति सरेंडर कर दी।
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वहीं, गमाडा की संपत्तियां खरीदने वाले सफल बोलीदाताओं की ओर से लगाई गई अंतिम बोली के आधार पर बेची गई संपत्तियों की अंतिम राशि के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा उन्होंने गमाडा की ओर से 2020-21 से लेकर 2024-25 के बीच मोहाली क्षेत्र में विकास के लिए खर्च की गई राशि और पूरी की गई परियोजनाओं के साथ-साथ पाइपलाइन में परियोजनाओं और उन पर किए गए खर्च का हर साल के अनुसार विवरण भी मांगा गया है।
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