{"_id":"684f297b2ece9388cd0dc49d","slug":"water-pools-for-deer-and-bird-cages-covered-with-jute-mats-mohali-news-c-71-1-spkl1025-130179-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: हिरणों के लिए पानी के पूल और पक्षियों के पिंजरे जूट की चटाई से ढके गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: हिरणों के लिए पानी के पूल और पक्षियों के पिंजरे जूट की चटाई से ढके गए
विज्ञापन
जीरकपुर। छतबीड़ में हर साल जानवरों को उनके बेहतर रखरखाव के लिए विशेष मौसमी देखभाल और सहायता प्रदान की जाती है। गर्मियों में जानवर जिनमें सभी बाघों, तेंदुओं, शेरों, भालू और अन्य बिल्लियों/कुत्तों के रैन बसेरों में रेगिस्तानी कूलर और एयर सर्कुलेटर पंखे उपलब्ध कराए गए हैं। हाथी बाड़े, मणिपुर हिरण बाड़े, दलदली हिरण बाड़े और हिरण सफारी में जानवरों के वॉलीइंग और कीचड़ स्नान के लिए पानी से भरे हुए पूल बनाए गए हैं।
बाड़ों के कुछ हिस्सों को बेहतर शीतलन प्रभाव के लिए 75% घनत्व वाले एग्रो-नेट से ढका गया है। पक्षियों के सभी पिंजरों को 75% घनत्व वाले एग्रो-नेट और जूट की चटाई से कसकर ढक दिया गया है। पशु प्रबंधन सेल यह सुनिश्चित करने के लिए हर समय सतर्क रहता है कि रैन बसेरे ठंडे और सूखे रहें। मच्छर मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए सभी खिड़कियों को जाली से ढक दिया गया है। आपातकालीन स्थिति में चिड़ियाघर में हर जगह पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टैंकर और ट्रैक्टर हमेशा रहते हैं। शाकाहारी जानवरों के सभी बाड़ों में हीट स्ट्रोक और कड़ी धूप से सुरक्षा के लिए अस्थायी आश्रय/झोपड़ी का निर्माण किया गया है।
खाने को लेकर भी खास ख्याल
आहार देखभाल में पूरे गर्मी के मौसम में हर दिन प्रत्येक भालू को बर्फ का 100 किलो का टुकड़ा, सभी बंदरों, भालुओं और हाथियों को तरबूज दिया जा रहा है। सभी मांसाहारी और सर्वाहारी जानवरों के पीने के पानी में ग्लूकोन-डी पाउडर मिलाया जा रहा है। केले के फल की जगह पपीता दिया जा रहा है। जानवरों और पक्षियों के लिए पालक के पत्तों की जगह गोभी के पत्ते और खीरा दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाड़ों के कुछ हिस्सों को बेहतर शीतलन प्रभाव के लिए 75% घनत्व वाले एग्रो-नेट से ढका गया है। पक्षियों के सभी पिंजरों को 75% घनत्व वाले एग्रो-नेट और जूट की चटाई से कसकर ढक दिया गया है। पशु प्रबंधन सेल यह सुनिश्चित करने के लिए हर समय सतर्क रहता है कि रैन बसेरे ठंडे और सूखे रहें। मच्छर मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए सभी खिड़कियों को जाली से ढक दिया गया है। आपातकालीन स्थिति में चिड़ियाघर में हर जगह पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टैंकर और ट्रैक्टर हमेशा रहते हैं। शाकाहारी जानवरों के सभी बाड़ों में हीट स्ट्रोक और कड़ी धूप से सुरक्षा के लिए अस्थायी आश्रय/झोपड़ी का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
खाने को लेकर भी खास ख्याल
आहार देखभाल में पूरे गर्मी के मौसम में हर दिन प्रत्येक भालू को बर्फ का 100 किलो का टुकड़ा, सभी बंदरों, भालुओं और हाथियों को तरबूज दिया जा रहा है। सभी मांसाहारी और सर्वाहारी जानवरों के पीने के पानी में ग्लूकोन-डी पाउडर मिलाया जा रहा है। केले के फल की जगह पपीता दिया जा रहा है। जानवरों और पक्षियों के लिए पालक के पत्तों की जगह गोभी के पत्ते और खीरा दिया जा रहा है।
विज्ञापन