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वीआईपी शहर के मंदिर भी कोरोना के चलते हो सकते हैं बंद
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मोहाली। कोरोना वायरस की चपेट में आने से लोगों को बचाने के लिए देश के नामी मंदिर और शक्ति पीठ बंद हो गए हैं। वहीं, इसी कड़ी में वीरवार को केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद की अहम मीटिंग हुई। इस मौके पर सभी पुजारियों ने मंथन कर कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है। इस मुश्किल की घड़ी में सबको अपने निजी फायदों से ऊपर उठकर लोगों के हित में सोचना होगा। पुजारियों का तर्क था कि मंदिर बंद करना उनके हाथ में नहीं है। लेकिन केंद्रीय मंदिर कल्याण समिति और सभी मंदिर की कमेटियां इस पर फैसला ले सकती हैं। यह भी तय किया गया है कि सभी पुजारी अपने मंदिर कमेटी को अपनी परिषद के बारे में जागरूक करेंगे और अपील करेंगे कि भगत जनों के हित में फैसला लिया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए परिषद के महासचिव एनके शास्त्री ने बताया कि केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद की वीरवार को कोरोना वायरस से संबंधित हालत को लेकर मीटिंग हुई।
इसमें पुजारियों ने कहा कि वह फिलहाल मंदिरों में सैनिटाजर का प्रयोग कर रहे हैं। घंटियां खोल दी हैं। जल चढ़ाने वाले लोटे भी उठा दिए गए हैं। लेकिन कई बार इन चीजों को हटाने से श्रद्वालुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। इतना ही नहीं कई बार बहसबाजी की नौबत भी आ रही है। हालांकि वायरस का प्रकोप घातक है। ऐसे में पुजारी परिषद जिला प्रशासन के पूरी तरह साथ है। अपनी तरफ से पुजारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं, उन्हें उम्मीद है कि अब मंदिर कमेटियां, सेंटर बॉडी जो भी फैसला लेगी, वह आम जनता के हित में होगा। केंद्रीय पुजारी परिषद भी इस फैसले का सम्मान करेेगी। इस मौके पर केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान जगदंबा प्रसाद रतूड़ी, संस्थापक सुंदर लाल शास्त्री, चेयरमैन लक्की शर्मा, कोषाध्यक्ष सर्वेशर गौड़, शिवानंद जोशी, शंकर शास्त्री, योगेश्वर कंसवाल, शशि शास्त्री, सुधीर जोशी और अन्य मौजूद थे।
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इसमें पुजारियों ने कहा कि वह फिलहाल मंदिरों में सैनिटाजर का प्रयोग कर रहे हैं। घंटियां खोल दी हैं। जल चढ़ाने वाले लोटे भी उठा दिए गए हैं। लेकिन कई बार इन चीजों को हटाने से श्रद्वालुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। इतना ही नहीं कई बार बहसबाजी की नौबत भी आ रही है। हालांकि वायरस का प्रकोप घातक है। ऐसे में पुजारी परिषद जिला प्रशासन के पूरी तरह साथ है। अपनी तरफ से पुजारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं, उन्हें उम्मीद है कि अब मंदिर कमेटियां, सेंटर बॉडी जो भी फैसला लेगी, वह आम जनता के हित में होगा। केंद्रीय पुजारी परिषद भी इस फैसले का सम्मान करेेगी। इस मौके पर केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान जगदंबा प्रसाद रतूड़ी, संस्थापक सुंदर लाल शास्त्री, चेयरमैन लक्की शर्मा, कोषाध्यक्ष सर्वेशर गौड़, शिवानंद जोशी, शंकर शास्त्री, योगेश्वर कंसवाल, शशि शास्त्री, सुधीर जोशी और अन्य मौजूद थे।
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