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Mohali News: गैंगवार का शिकार बना विक्की मिड्डूखेड़ा
Tue, 28 Jan 2025 01:35 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:35 AM IST
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बंबीहा और लॉरेंस गैंग के बीच वर्ष 2016 से चल रहा गैंगवार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदलती है, पुलिस रिकॉर्ड को देखें तो विक्की मिड्डूखेड़ा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वैसे, छात्र राजनीति के दौरान लारेंस बिश्नोई से नजदीकी और म्युजिक इंडस्ट्री में दबदबा अकाली दल के युवा नेता विक्की मिड्डूखेडा की हत्या की प्रमुख वजह बना।
बताया जाता है कि विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की साजिश शगनप्रीत सिंह के स्टूडियों में रची गई थी। पंजाबी सिंगर व रेपर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर शगनप्रीत था। दरअसल विक्की मिड्डूखेड़ा यूथ अकाली लीडर था। लॉरेंस बिश्नोई भी पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र नेता हुआ करता था। बताया जाता है कि विक्की मिड्डूखेड़ा ने लारेंस को चुनाव में प्रधान पद के लिए खड़ा किया था। विक्की मिड्डूखेड़ा की जान पहचान में पंजाब के कई नामी गायक थे।
मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद पंजाब में गैंगवार और हत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ तो अब तक नहीं थमा। कभी बंबीहा गैंग और कभी लॉरेंस गैंग के गुर्गे इसका शिकार बने। वैसे देखा जाए तो गैंगवार का यह सिलसिला वर्ष 2016 से ही शुरू हो चुका था।
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वर्ष 2016 में बंबीहा गैंग के सरगना दविंदर बंबीहा की हत्या के बाद कौशल चौधरी इस गैंग का हिस्सा बना। हत्या से पहले चौधरी और डागर ने दविंदर को गुरुग्राम में पनाह दी थी। दविंदर की मौत के बाद रोहिणी जेल में बंद डागर ने व्हाट्सएप के जरिये लक्की पटियाल से संपर्क किया और गठबंधन को और मजबूत किया।
2021 तक बंबीहा गैंग के मुख्य गुर्गें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कई अन्य गैंग के संपर्क में आए और अपने-अपने इलाकों और काम का दायरा बढ़ाने के इरादे से वारदात को अंजाम देने के लिए साथ काम करने लगे। जेलों से मोबाइल फोन के जरिये उनकी बातचीत, मुलाकात के कारण कई बड़ी घटनाएं हुईं। लॉरेंस बिश्नोई के ग्रुप ने अपने गैंग में प्रोफेशनल और शार्प शूटरों को शामिल किया। संदीप उर्फ काला जठेड़ी लॉरेंस का मुख्य साथी रहा है।
पीयू से शुरू हुई राजनीति और गैंगवार
सोई के युवा नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या भी छात्र राजनीति और गैंगवार की देन थी। मिड्डूखेड़ा पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय था। इसका उदाहरण पंजाब का गरचा गिरोह व गांधी गिरोह की गैंगवार भी है। गांधी और गरचा भी पीयू चंडीगढ़ की राजनीति से निकले। गरचा गिरोह ने गैंगस्टर रुपिंदर गांधी के भाई मनमिंदर सिंह उर्फ मिंडी की हत्या कर दी थी। इस हत्या का कारण भी छात्र राजनीति के दौरान हुए मेतभेद ही थे।
ऐसे चला गैंगवार का सिलसिला
अक्तूबर 2020 में बंबीहा गैंग ने चंडीगढ़ में गुरलाल बराड़ की हत्या कर दी थी। वह गोल्डी बराड़ का छोटा भाई था और गोल्डी बिश्नोई गैंग का सदस्य है।
मार्च 2021 में बंबीहा गैंग ने दिनेश गांधी के इशारे पर थाईलैंड से एक दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।
अगस्त 2021 में बंबीहा गैंग ने शिरोमणि अकाली दल के युवा नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की।
सितंबर 2021 में बंबीहा गैंग ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर अपने विरोधी जितेंद्र गोगी को मारने के लिए ताजपुरिया सिंडिकेट का साथ दिया और रोहिणी कोर्ट में सभी के सामने गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी।
मार्च 2022 में बंबीहा गैंग ने कबड्डी खिलाड़ी संदीप अंबिया की हत्या की।
मई 2022 में बिश्नोई गैंग ने पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या की।
मई 2022 में बंबीहा गैंग ने विक्की के करीबी पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख को जान से मारने की धमकी दी।
सितंबर 2022 में बंबीहा गैंग ने राजस्थान में संदीप बिश्नोई की गोली मारकर हत्या की।
जनवरी 2024 में बंबीहा गैंग ने बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजन का अपहरण किया और यमुनानगर में बेरहमी से हत्या की।
वर्ष 2024 में राजन की हत्या के बाद बिश्नोई सिंडिकेट ने बंबीहा गैंग के गुर्गे की हत्या करवाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदलती है, पुलिस रिकॉर्ड को देखें तो विक्की मिड्डूखेड़ा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वैसे, छात्र राजनीति के दौरान लारेंस बिश्नोई से नजदीकी और म्युजिक इंडस्ट्री में दबदबा अकाली दल के युवा नेता विक्की मिड्डूखेडा की हत्या की प्रमुख वजह बना।
बताया जाता है कि विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की साजिश शगनप्रीत सिंह के स्टूडियों में रची गई थी। पंजाबी सिंगर व रेपर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर शगनप्रीत था। दरअसल विक्की मिड्डूखेड़ा यूथ अकाली लीडर था। लॉरेंस बिश्नोई भी पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र नेता हुआ करता था। बताया जाता है कि विक्की मिड्डूखेड़ा ने लारेंस को चुनाव में प्रधान पद के लिए खड़ा किया था। विक्की मिड्डूखेड़ा की जान पहचान में पंजाब के कई नामी गायक थे।
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मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद पंजाब में गैंगवार और हत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ तो अब तक नहीं थमा। कभी बंबीहा गैंग और कभी लॉरेंस गैंग के गुर्गे इसका शिकार बने। वैसे देखा जाए तो गैंगवार का यह सिलसिला वर्ष 2016 से ही शुरू हो चुका था।
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वर्ष 2016 में बंबीहा गैंग के सरगना दविंदर बंबीहा की हत्या के बाद कौशल चौधरी इस गैंग का हिस्सा बना। हत्या से पहले चौधरी और डागर ने दविंदर को गुरुग्राम में पनाह दी थी। दविंदर की मौत के बाद रोहिणी जेल में बंद डागर ने व्हाट्सएप के जरिये लक्की पटियाल से संपर्क किया और गठबंधन को और मजबूत किया।
2021 तक बंबीहा गैंग के मुख्य गुर्गें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कई अन्य गैंग के संपर्क में आए और अपने-अपने इलाकों और काम का दायरा बढ़ाने के इरादे से वारदात को अंजाम देने के लिए साथ काम करने लगे। जेलों से मोबाइल फोन के जरिये उनकी बातचीत, मुलाकात के कारण कई बड़ी घटनाएं हुईं। लॉरेंस बिश्नोई के ग्रुप ने अपने गैंग में प्रोफेशनल और शार्प शूटरों को शामिल किया। संदीप उर्फ काला जठेड़ी लॉरेंस का मुख्य साथी रहा है।
पीयू से शुरू हुई राजनीति और गैंगवार
सोई के युवा नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या भी छात्र राजनीति और गैंगवार की देन थी। मिड्डूखेड़ा पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय था। इसका उदाहरण पंजाब का गरचा गिरोह व गांधी गिरोह की गैंगवार भी है। गांधी और गरचा भी पीयू चंडीगढ़ की राजनीति से निकले। गरचा गिरोह ने गैंगस्टर रुपिंदर गांधी के भाई मनमिंदर सिंह उर्फ मिंडी की हत्या कर दी थी। इस हत्या का कारण भी छात्र राजनीति के दौरान हुए मेतभेद ही थे।
ऐसे चला गैंगवार का सिलसिला
अक्तूबर 2020 में बंबीहा गैंग ने चंडीगढ़ में गुरलाल बराड़ की हत्या कर दी थी। वह गोल्डी बराड़ का छोटा भाई था और गोल्डी बिश्नोई गैंग का सदस्य है।
मार्च 2021 में बंबीहा गैंग ने दिनेश गांधी के इशारे पर थाईलैंड से एक दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।
अगस्त 2021 में बंबीहा गैंग ने शिरोमणि अकाली दल के युवा नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की।
सितंबर 2021 में बंबीहा गैंग ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर अपने विरोधी जितेंद्र गोगी को मारने के लिए ताजपुरिया सिंडिकेट का साथ दिया और रोहिणी कोर्ट में सभी के सामने गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी।
मार्च 2022 में बंबीहा गैंग ने कबड्डी खिलाड़ी संदीप अंबिया की हत्या की।
मई 2022 में बिश्नोई गैंग ने पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या की।
मई 2022 में बंबीहा गैंग ने विक्की के करीबी पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख को जान से मारने की धमकी दी।
सितंबर 2022 में बंबीहा गैंग ने राजस्थान में संदीप बिश्नोई की गोली मारकर हत्या की।
जनवरी 2024 में बंबीहा गैंग ने बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजन का अपहरण किया और यमुनानगर में बेरहमी से हत्या की।
वर्ष 2024 में राजन की हत्या के बाद बिश्नोई सिंडिकेट ने बंबीहा गैंग के गुर्गे की हत्या करवाई।