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मोहाली में करते थे एटीएम कार्ड क्लोनिंग, जालंधर में खातों से निकालते थे पैसे
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मोहाली। थाना फेज-1 की पुलिस ने एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो शातिर सावेज और राजीव कुमार निवासी जालंधर को काबू किया था। जबकि तीसरा आरोपी बिमल मेहरा अभी फरार है। इस गिरोह की खासियत यह है कि यह कार्ड क्लोनिंग मोहाली में करते थे, पुलिस इन्हें जल्दी से पकड़ न पाए, इसलिए यह शातिर लोगों के खातों से पैसे जालंधर जाकर वहां के एटीएम से निकालते थे। वह जल्दी से पकड़े न जाएं, इसलिए साइबर एक्सपर्ट की तरह ही काम करते थे। उन्हें कार्ड क्लोनिंग से लेकर एटीएम कार्ड तैयार करने में पूरी महारत हासिल थी। इनसे अब तक एटीएम के जरिये लोगों के बैंक खातों से पैसे निकल जाने के 100 केस सुलझे हैं। इन केस में कुल आठ लाख रुपये अलग-अलग एटीएम खातों से निकाले गए हैं। साथ ही इनसे काफी सामान पकड़ा है। वहीं, तीन लाख रुपये बैंक में फ्रीज करवाए गए हैं।
सोमवार को एसएसपी साइबर सेल गुरजोत सिंह कलेर ने इसकी पुष्टि करते हुए लोगों को नसीहत दी है कि वह सतर्क रहें, जिससे इस तरह की ठगी से बजा जा सके।
जानकारी के मुताबिक थाना फेज-1 के इलाके में कई लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने की शिकायतें पुलिस के पास लगातार आ रही थीं। इसके बाद इस केस में जिला साइबर सेल पुलिस ने काम शुरू किया और सभी चीजों और डिजिटल फुट फ्रिंट के सहारे पुलिस शातिरों तक पहुंचने में कामयाब रही और इन्हें कुछ दिन पहले फेज-5 में चीमा अस्पताल के पास से दबोच लिया गया था। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह केवल उन्हीं एटीएम को निशाना बनाते थे, जहां पर सिक्योरिटी गार्ड तैैनात नहीं होते थे। इस दौरान वह कार्ड डालने वाली जगह पर एटीएम कार्ड की कॉपी करने वाली मशीन चिपका देते थे। इसके बाद जैसे ही कोई व्यक्ति कार्ड का इस्तेमाल करता था, तो उनके एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल उनके पास आ जाती थी। साथ ही यह एटीएम की छत पर धुएं वाले सेंसर पर कैमरा फिट कर देते थे। जिससे जो लोग अपने पासवर्ड एटीएम पर हाथ रखकर नहीं भरते थे, उनके पासवर्ड की जानकारी मिल जाती थी। इसके बाद वह मौका पाकर एटीएम में लगाई गई मशीन और कैमरे को निकालकर जालंधर ले जाते थे। अगर एटीएम में यह कार्रवाई करते समय कोई अंदर आ जाता था तो अपने आपको बैंक मुलाजिम बताते थे।
जालंधर पहुंचकर एमएस और मशीन, लैपटॉप और साफ्टवेयर की मदद से जाली क्लोन किए एटीएम कार्ड तैयार करते थे। इसके बाद वहां के एटीएम से पैसे निकाल लेते थे। जबकि एटीएम कार्ड लोगों की जेब में होता था।
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एटीएम से पैसे निकालते समय इन चीजों का रखें ध्यान
जिला पुलिस ने लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए नसीहत दी है कि जब भी एटीएम में पैसे निकालने जाएं तो हमेेशा पिन नंबर भरते समय अपने हाथ से ढक कर भरें। जिससे अगर कोई कैमरा आदि लगा हो तो उसमें आपका पासवर्ड रिकॉर्ड न हो सके। एटीएम कार्ड डालने वाली जगह को अपने हाथों से चेक करें। अगर वह हिल रहा हो तो उस जगह कार्ड का इस्तेमाल न करें। इसकी जानकारी तुरंत बैंक में या गार्ड को दें। इसके साथ ही कुछ अंतराल के बाद अपना पासवर्ड बदलते रहें। बिना सिक्योरिटी गार्ड वाला एटीएम इस्तेमाल करने से बचें। इसके अलावा जिस एटीएम में एक या दो लोग अंदर हैं। वहां पर भी पैसे निकालने से बचें।
ठगी के पैसो से एप्पल के मोबाइल फोन और घड़ी खरीदी
पुलिस ने आरोपियों से फायर सेंसर में लगा कैमरा, एक लैपटॉप, दो लाख 99 हजार की नकदी, ठगी के पैसों से खरीदा एक एप्पल का मोबाइल फोन 12 प्रो, एक वन प्लस मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी की घड़ी खरीदी थी। जब शावेज के बैंक खाते में पड़े तीन लाख रुपये को फ्रीज करवाया गया है। इतना ही नहीं आरोपियों ने ठगी के लिए इस्तेमाल किया पूरा सामान ऑनलाइन खरीदा है।
पढ़े लिखे हैं गिरफ्तार किए गए शातिर
पुलिस के मुुताबिक गिरफ्तार शातिर काफी पढ़े लिखे हैं। एक ने बीसीए तो एक ने एमबीए फाइनेंस कर रखी है। उन्हें बिजनेस संबंधी पूरी जानकारियां थीं और पूरी रणनीति से काम करते थे। मोहाली के जिन एटीएम में उन्होंने यह मशीन लगाई थी। वह काफी पुरानी थी और वहां सुरक्षा कर्मी नहीं थे।
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सोमवार को एसएसपी साइबर सेल गुरजोत सिंह कलेर ने इसकी पुष्टि करते हुए लोगों को नसीहत दी है कि वह सतर्क रहें, जिससे इस तरह की ठगी से बजा जा सके।
जानकारी के मुताबिक थाना फेज-1 के इलाके में कई लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने की शिकायतें पुलिस के पास लगातार आ रही थीं। इसके बाद इस केस में जिला साइबर सेल पुलिस ने काम शुरू किया और सभी चीजों और डिजिटल फुट फ्रिंट के सहारे पुलिस शातिरों तक पहुंचने में कामयाब रही और इन्हें कुछ दिन पहले फेज-5 में चीमा अस्पताल के पास से दबोच लिया गया था। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह केवल उन्हीं एटीएम को निशाना बनाते थे, जहां पर सिक्योरिटी गार्ड तैैनात नहीं होते थे। इस दौरान वह कार्ड डालने वाली जगह पर एटीएम कार्ड की कॉपी करने वाली मशीन चिपका देते थे। इसके बाद जैसे ही कोई व्यक्ति कार्ड का इस्तेमाल करता था, तो उनके एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल उनके पास आ जाती थी। साथ ही यह एटीएम की छत पर धुएं वाले सेंसर पर कैमरा फिट कर देते थे। जिससे जो लोग अपने पासवर्ड एटीएम पर हाथ रखकर नहीं भरते थे, उनके पासवर्ड की जानकारी मिल जाती थी। इसके बाद वह मौका पाकर एटीएम में लगाई गई मशीन और कैमरे को निकालकर जालंधर ले जाते थे। अगर एटीएम में यह कार्रवाई करते समय कोई अंदर आ जाता था तो अपने आपको बैंक मुलाजिम बताते थे।
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जालंधर पहुंचकर एमएस और मशीन, लैपटॉप और साफ्टवेयर की मदद से जाली क्लोन किए एटीएम कार्ड तैयार करते थे। इसके बाद वहां के एटीएम से पैसे निकाल लेते थे। जबकि एटीएम कार्ड लोगों की जेब में होता था।
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एटीएम से पैसे निकालते समय इन चीजों का रखें ध्यान
जिला पुलिस ने लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए नसीहत दी है कि जब भी एटीएम में पैसे निकालने जाएं तो हमेेशा पिन नंबर भरते समय अपने हाथ से ढक कर भरें। जिससे अगर कोई कैमरा आदि लगा हो तो उसमें आपका पासवर्ड रिकॉर्ड न हो सके। एटीएम कार्ड डालने वाली जगह को अपने हाथों से चेक करें। अगर वह हिल रहा हो तो उस जगह कार्ड का इस्तेमाल न करें। इसकी जानकारी तुरंत बैंक में या गार्ड को दें। इसके साथ ही कुछ अंतराल के बाद अपना पासवर्ड बदलते रहें। बिना सिक्योरिटी गार्ड वाला एटीएम इस्तेमाल करने से बचें। इसके अलावा जिस एटीएम में एक या दो लोग अंदर हैं। वहां पर भी पैसे निकालने से बचें।
ठगी के पैसो से एप्पल के मोबाइल फोन और घड़ी खरीदी
पुलिस ने आरोपियों से फायर सेंसर में लगा कैमरा, एक लैपटॉप, दो लाख 99 हजार की नकदी, ठगी के पैसों से खरीदा एक एप्पल का मोबाइल फोन 12 प्रो, एक वन प्लस मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी की घड़ी खरीदी थी। जब शावेज के बैंक खाते में पड़े तीन लाख रुपये को फ्रीज करवाया गया है। इतना ही नहीं आरोपियों ने ठगी के लिए इस्तेमाल किया पूरा सामान ऑनलाइन खरीदा है।
पढ़े लिखे हैं गिरफ्तार किए गए शातिर
पुलिस के मुुताबिक गिरफ्तार शातिर काफी पढ़े लिखे हैं। एक ने बीसीए तो एक ने एमबीए फाइनेंस कर रखी है। उन्हें बिजनेस संबंधी पूरी जानकारियां थीं और पूरी रणनीति से काम करते थे। मोहाली के जिन एटीएम में उन्होंने यह मशीन लगाई थी। वह काफी पुरानी थी और वहां सुरक्षा कर्मी नहीं थे।