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बेरोजगार शिक्षक चढ़े टंकी पर, पुलिस प्रशासन में हड़कंप
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प्रदर्शन करते हुए बेरोजगार शिक्षक।
- फोटो : MOHALI
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खरड़। बेटे के शादी में व्यस्त चल रहे सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के आश्वासन के बाद भी तीन ईटीटी बीएड पास बेरोजगार शिक्षक शनिवार रात अचानक खरड़ बस स्टैंड पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शिक्षकों को उतारने की प्रक्रिया शुरू हुई। देर रात 12 बजे तक शिक्षकों की मनाने की कोशिश चल रही थी। पुलिस ने टंकी को चारों तरफ से अपने घेरे में ले लिया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं सुनी जाती, वे नहीं उतरेंगे। यदि किसी ने जोर जबरदस्ती की तो टंकी से कूदकर जान दे देंगे।
टंकी पर चढ़े बेरोजगार शिक्षक सुनील फाजिल्का, हरप्रीत मानसा, रनजीत है। धरना दे रहे शिक्षकों ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 2019, 20 और 21 में पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिल्टी टेस्ट (पीएसटीईटी) नहीं करवाया गया। इसके लिए सीधे-सीधे कांग्रेस जिम्मेदार है। जबकि अब सरकार 6635 पदों पर भरती करने जा रही है। ऐसे में उनके साथ धोखा किया जा रहा है। वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मांग की है कि उन्हें भी उक्त भरती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। इसके चलते उन्हें संघर्ष की राह पर आना पड़ा है।
नौ बजे अचानक चढ़ गए टंकी पर
पुलिस ने एहतियात के तौर पर टंकी की ओर जाने वाले रास्ते पर कंटीली तार और गार्ड लगा रखे हैं। पहले तो शिक्षकों ने प्रदर्शन शुरू किया। कुछ शिक्षक टंकी के सामने पहुंच गए। इस दौरान तीन शिक्षक पीछे की दीवार फांदकर टंकी पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। उन्हें टंकी पर चढ़े देख पुलिस में हड़कंप मच गया। तुरंत उन्हें उतारने की कोशिश शुरू हुई। भारी संख्या में अमला वहां पहुंच गया। लेकिन रात 12 बजे तक शिक्षक टंकी पर चढ़े हुए थे।
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सीएम बदलते ही खरड़ बना धरनों का गढ़
जिस दिन से चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से शिक्षकों व विभिन्न मुलाजिम जत्थेबंदियों के धरने खरड़ में हो रहे हैं। इस वजह से लोगों को भी दिक्कत आती है। क्योकिं प्रदर्शन करने वाले मुलाजिम नेशनल हाईवे पर जुट जाते हैं। आवाजाही प्रभावित होती है। कुछ समय पहले शिक्षकों की वजह से खरड़ चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब पांच घंटे आवाजाही ठप रही थी।
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टंकी पर चढ़े बेरोजगार शिक्षक सुनील फाजिल्का, हरप्रीत मानसा, रनजीत है। धरना दे रहे शिक्षकों ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 2019, 20 और 21 में पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिल्टी टेस्ट (पीएसटीईटी) नहीं करवाया गया। इसके लिए सीधे-सीधे कांग्रेस जिम्मेदार है। जबकि अब सरकार 6635 पदों पर भरती करने जा रही है। ऐसे में उनके साथ धोखा किया जा रहा है। वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मांग की है कि उन्हें भी उक्त भरती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। इसके चलते उन्हें संघर्ष की राह पर आना पड़ा है।
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नौ बजे अचानक चढ़ गए टंकी पर
पुलिस ने एहतियात के तौर पर टंकी की ओर जाने वाले रास्ते पर कंटीली तार और गार्ड लगा रखे हैं। पहले तो शिक्षकों ने प्रदर्शन शुरू किया। कुछ शिक्षक टंकी के सामने पहुंच गए। इस दौरान तीन शिक्षक पीछे की दीवार फांदकर टंकी पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। उन्हें टंकी पर चढ़े देख पुलिस में हड़कंप मच गया। तुरंत उन्हें उतारने की कोशिश शुरू हुई। भारी संख्या में अमला वहां पहुंच गया। लेकिन रात 12 बजे तक शिक्षक टंकी पर चढ़े हुए थे।
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जिस दिन से चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से शिक्षकों व विभिन्न मुलाजिम जत्थेबंदियों के धरने खरड़ में हो रहे हैं। इस वजह से लोगों को भी दिक्कत आती है। क्योकिं प्रदर्शन करने वाले मुलाजिम नेशनल हाईवे पर जुट जाते हैं। आवाजाही प्रभावित होती है। कुछ समय पहले शिक्षकों की वजह से खरड़ चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब पांच घंटे आवाजाही ठप रही थी।