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लालड़ू की सड़कों और बाजारों में पर मौत बनकर घूम रहे लावारिस पशु

Mon, 20 Dec 2021 01:51 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 01:51 AM IST
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Unclaimed animals roaming the streets and markets of Laldu as death
लालड़ू। शहर की सड़कों और बाजारों में घूमते लावारिस पशु वाहन चालकों और पैदल चलते लोगों सामने अचानक आ जाने से मौत बनकर घूम रहे हैं। यहां आलम यह है कि शहर में दो गोशाला होने के बावजूद नगर काउंसिल की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लालड़ू शहर चंडीगढ़-अंबाला हाईवे के दोनों और बसा हुआ है और यहां हाईवे से तेज गति से वाहन गुजरते हैं। ऐसे में हाईवे पर घूमते लावारिस पशुओं के कारण हुए हादसों का शिकार होकर दर्जनों लोग जख्मी हो चुके हैं।
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इसके अलावा इन लावारिस पशुओं की ओर से खेतों में फसलों को खराब करने के कारण किसान बेहद परेशान हैं। शहर निवासियों से गो सेस लेने के बाद भी नगर काउंसिल इन लावारिस पशुओं पर नकेल डालने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। इस कारण लोगों में सरकार के प्रति भारी रोष पाया जा रहा है।
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बता दें कि नगर काउंसिल लालड़ू के तहत आते गांव मगरा की 32 एकड़ पंचायती जमीन में करोडों रुपये की लागत से गोशाला बनाई गई थी। इसके अलावा लालड़ू मंडी में एक अन्य गोशाला है। लेकिन शहर में दो गोशाला होने के बावजूद लावारिस पशुओं की भरमार से स्थानीय निवासी बहुत परेशान हो चुके हैं। हर समय झुंड बनाकर घूमने वाले यह लावारिस पशु उग्र रूप धारण कर गली मोहल्लों, बाजारों में झुंड बनाकर दिन-रात घूम रहे हैं। इस कारण बहुत से लोग इनका शिकार बन चुके हैं। इन पशुओं के हमलों से बच्चे, बूढे़ और महिलाएं घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। दूसरी ओर अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर घूम रहे लावारिस पशु बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। इस कारण कई हादसों में लोगों की मौत भी हो चुकी है। उक्त समस्या संबंधी नगर कांउसिल अधिकारी पिछले करीब सात वर्षों से हल करने का आश्वासन देते आ रहे हैं। लेकिन आज तक समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। किसान उदय राणा, उतम राणा, बिट्टू सहित अन्य किसानों ने बताया कि लावारिस पशु जिस खेत में घुस जाते हैं पूरी फसल तबाह कर देते हैं। किसानों को दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। किसानों ने बताया कि जब वे इन पशुओं को पकड़ कर गोशाला में ले जाते हैं तो वे पशुओं को लेने से मना कर देते हैं। इस कारण किसानों में काफी रोष भी है।
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जानकारी के मुताबिक कुछ वर्ष पहले पशु पालन और डायरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू एवं पूर्व जिला उपायुक्त ने गांव मगरा गोशाला का दौरा किया था। उन्होंने इलाके में घूम रहे लावारिस पशुओं को उठाने वाला वाहन उपलब्ध करवा और इस समस्या से छुटकारा दिलवाने का भरोसा दिया था। जो आज तक अधूरा ही नहीं हुआ है।
पशुओं के कारण जा चुकी कई की जान
लावारिस पशुओं का शिकार होने से कई लोगों की जान जा चुकी है। 27 जुलाई, 2019 में बाइक पर जा रहे 30 वर्षीय बजिंद्र कुमार के सामने अचानक लावारिस पशु आ जाने के कारण हुए हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा मनजीत कौर पत्नी सोहन सिंह लालड़ू मंडी को लावारिस पशु ने जोरदार टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसको अंबाला के एक निजी अस्पताल में करीब 60-70 टांके लगवाने पड़े थे। हाईवे पर लावारिस पशु से टकरा कर बाइक से गिरकर 28 वर्षीय युवक महिन्द्र सिंह निवासी उत्तराखंड की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा छोटू, लज्जा राम, अजमेर सिंह, भिंदी, जय देव भट्टी, निखिल, संदीप कुमार के अलावा लालड़ू में अपने घर के आगे बैठे बुजुर्ग बलवंत सिंह सहित एक अन्य बुजुर्ग को लावारिस पशु ने टक्कर मार दी थी। इस तरह कई लोगों की जान जा चुकी है और कई गंभीर घायल हो चुके हैं।

इस बारे में संपर्क करने पर नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी जगजीत सिंह ने कहा कि समय-समय पर मुहिम चलाकर घूम रहे लावारिस पशुओं को गिरफ्तार किया जाता है। जल्द ही शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को काबू कर गोशाला में पहुंचाया जाएगा।
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