{"_id":"610700f08ebc3e8436745602","slug":"unclaimed-animals-on-kharar-chandigarh-highway-invite-accidents-fear-of-big-accident-mohali-news-pkl4221219196","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर लावारिस पशु दे रहे हादसों को न्योता, बड़े हादसे का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर लावारिस पशु दे रहे हादसों को न्योता, बड़े हादसे का डर
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मोहाली। खरड़-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-5 पर करोड़ों रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाने के बाद भी लोगों का सफर सुरक्षित नहीं है। साथ ही यातायात जाम की समस्या पहले की तरह आम हो गई है। यह दिक्कत पैदा हो रही है बलौंगी से लेकर खरड़ तक लावारिस पशुओं का हाईवे पर बने फ्लाईओवर के ऊपर या नीचे अचानक रोड पर जाने से। इसके अलावा अवैध रेहड़ी-फड़ी वाले भी दिक्कत बने हुए हैं। इस तरफ कोई भी सरकारी एजेंसी ध्यान नहीं दे रही है। जबकि आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस संबंधी खरड़ निवासी दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि इस दिशा में उचित कार्रवाई की जाए, जिससे लोगों को इस समस्या से निजात दिलाई जा सके ।
जानकारी के मुताबिक बलौंगी से लेकर खानपुर तक फ्लाईओवर बनाया गया था। उस समय उम्मीद थी कि लोगों को यातायात जाम से छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही लोगों का सफर आसान होगा, लेकिन जब से फ्लाईओवर शुरू हुआ, तभी से नई दिक्कतें शुरू हो गई हैं। फ्लाईओवर पर सबसे बड़ी दिक्कत लावारिस पशुओं की आ रही है, जो कि पूरे फ्लाईओवर पर अचानक कहीं भी बैठे मिल जाते हैं। हालांकि हाईवे के बीच में लोहे की ग्रिल लगाई गई हैं, लेकिन किनारों से पशु रोड पर आ जाते हैं। इनके कारण कई हादसे हो चुके हैं। यहां तक कि गाड़ियां तक पलट रही हैं। इसके अलावा फ्लाईओवर के नीचे वाले हिस्से में नई अवैध मार्केट बस गई है। इस इलाके में सड़क पर दूर तक रेहड़ियां और फड़ी लग गई हैं। इनके पास कोई भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगा देता है। इससे भी हादसे का खतरा बना रहता है। निज्जर चौक से लेकर देसूमाजरा प्वाइंट तक रोजाना जाम लग रहा है। खरड़ से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले लोग यहां 5-7 मिनट के जाम में फंस जाते हैं। यही दिक्कत फ्लाईओवर के दूसरी तरफ बलौंगी से खरड़ जाने वाले वाहन चालकों को आ रही है। ट्रैफिक पुलिस के जवान मात्र चौक पर ट्रैफिक संभालने में लगे रहते हैं। जबकि फ्लाईओवर पर रोजाना आ रही इस दिक्कत की तरफ कोई ध्यान नहीं देता है।
फ्लाईओवर से रोजाना गुजरते हैं 40 हजार से अधिक वाहन
जानकारी के मुुताबिक खरड़ चंडीगढ़ हाईवे काफी महत्वपूर्ण है। इस रोड से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने वाले वाहन निकलते हैं। इसके अलावा लोकल ट्रैफिक भी चलता है। अनुमान है कि कोरोना काल में भी दिन में 40 हजार से अधिक वाहन 24 घंटे में यहां से गुजरते हैं। जबकि हालात सामान्य होने पर यह संख्या दोगुनी हो जाती है। वहीं, इस हाईवे पर आगे बनूड़-खरड़ और लुधियाना रोड से आने वाले यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है।
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पशुओं के गले में डाली जाए रेडियम वाली पट्टी
स्थानीय निवासी मोहित वर्मा ने बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं। उनका काम रात 10 बजे तक चलता है। लेकिन जब घर आते हैं तो हाईवे पर अचानक पशु निकल पड़ते हैं। पुलिस को चाहिए कि जब तक इन पशुओं को हाईवे पर आने से रोकने का पक्का समाधान नहीं हो पाता, तब तक इनके गले में रेडियम वाली पट्टी ही डाल दी जाए। जिससे लोगों को दूर से ही दिख जाए कि आगे सड़क पर पशु है। ऐसा करने से लोग हादसे होने से बच सकते हैं। हालांकि मोहाली सिटी में पुलिस की ओर से इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभागों से तालमेल कर हल करेंगे समस्या
हाईवे पर अगर पशु पहुंच रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। लोगों की सुरक्षा पहले है। इस मामले को संबंधित विभाग के अधिकारियों से तालमेल करके सुलझाया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार से दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- राजवंत राय शर्मा, गऊ सेवा कमीशन पंजाब के सदस्य।
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जानकारी के मुताबिक बलौंगी से लेकर खानपुर तक फ्लाईओवर बनाया गया था। उस समय उम्मीद थी कि लोगों को यातायात जाम से छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही लोगों का सफर आसान होगा, लेकिन जब से फ्लाईओवर शुरू हुआ, तभी से नई दिक्कतें शुरू हो गई हैं। फ्लाईओवर पर सबसे बड़ी दिक्कत लावारिस पशुओं की आ रही है, जो कि पूरे फ्लाईओवर पर अचानक कहीं भी बैठे मिल जाते हैं। हालांकि हाईवे के बीच में लोहे की ग्रिल लगाई गई हैं, लेकिन किनारों से पशु रोड पर आ जाते हैं। इनके कारण कई हादसे हो चुके हैं। यहां तक कि गाड़ियां तक पलट रही हैं। इसके अलावा फ्लाईओवर के नीचे वाले हिस्से में नई अवैध मार्केट बस गई है। इस इलाके में सड़क पर दूर तक रेहड़ियां और फड़ी लग गई हैं। इनके पास कोई भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगा देता है। इससे भी हादसे का खतरा बना रहता है। निज्जर चौक से लेकर देसूमाजरा प्वाइंट तक रोजाना जाम लग रहा है। खरड़ से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले लोग यहां 5-7 मिनट के जाम में फंस जाते हैं। यही दिक्कत फ्लाईओवर के दूसरी तरफ बलौंगी से खरड़ जाने वाले वाहन चालकों को आ रही है। ट्रैफिक पुलिस के जवान मात्र चौक पर ट्रैफिक संभालने में लगे रहते हैं। जबकि फ्लाईओवर पर रोजाना आ रही इस दिक्कत की तरफ कोई ध्यान नहीं देता है।
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फ्लाईओवर से रोजाना गुजरते हैं 40 हजार से अधिक वाहन
जानकारी के मुुताबिक खरड़ चंडीगढ़ हाईवे काफी महत्वपूर्ण है। इस रोड से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने वाले वाहन निकलते हैं। इसके अलावा लोकल ट्रैफिक भी चलता है। अनुमान है कि कोरोना काल में भी दिन में 40 हजार से अधिक वाहन 24 घंटे में यहां से गुजरते हैं। जबकि हालात सामान्य होने पर यह संख्या दोगुनी हो जाती है। वहीं, इस हाईवे पर आगे बनूड़-खरड़ और लुधियाना रोड से आने वाले यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है।
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पशुओं के गले में डाली जाए रेडियम वाली पट्टी
स्थानीय निवासी मोहित वर्मा ने बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं। उनका काम रात 10 बजे तक चलता है। लेकिन जब घर आते हैं तो हाईवे पर अचानक पशु निकल पड़ते हैं। पुलिस को चाहिए कि जब तक इन पशुओं को हाईवे पर आने से रोकने का पक्का समाधान नहीं हो पाता, तब तक इनके गले में रेडियम वाली पट्टी ही डाल दी जाए। जिससे लोगों को दूर से ही दिख जाए कि आगे सड़क पर पशु है। ऐसा करने से लोग हादसे होने से बच सकते हैं। हालांकि मोहाली सिटी में पुलिस की ओर से इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभागों से तालमेल कर हल करेंगे समस्या
हाईवे पर अगर पशु पहुंच रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। लोगों की सुरक्षा पहले है। इस मामले को संबंधित विभाग के अधिकारियों से तालमेल करके सुलझाया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार से दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- राजवंत राय शर्मा, गऊ सेवा कमीशन पंजाब के सदस्य।