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छतबीड़ में उमड़े पर्यटक, अग्नि व अर्जुन बंगाल टाइगर को देखकर हुए रोमांचित
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जीरकपुर। हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी को देखते हुए शुक्रवार को छतबीड़ चिड़ियाघर में विशेष इंटरेक्टिव सेशन, पेंटिंग प्रतियोगिता, जागरूकता फिल्म शो और जू कीपर के भाषण जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के साथ लोगों को जागरुक किया गया। इस खास मौके पर छतबीड़ में आए पयर्टक अर्जुन और बंगाल टाइगर को देकर काफी रोमांचित हुए। बता दें दुनियाभर में बाघों की संख्या में 95 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। इन्हें बचाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि भारत ने साल 2018 में ही बाघों की प्रजातियों को दोगुना करने के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। साल 2018 में भारत में बाघों की संख्या 2900 से ज्यादा थी।
छतबीड़ जू में तैनात आईएफएस फील्ड निदेशक कल्पना ने इस विशेष दिन पर ग्रामीण स्कूलों के लिए विशेष इंटरेक्टिव सेशन, पेंटिंग प्रतियोगिता रखी। इनके अलावा जागरुकता के लिए फिल्म शो भी रखा गया था। इन सेशनों का मुख्य उद्देश्य बाघों की देखभाल व उनकी सुरक्षा के बारे में जागरूक करना था। विशेष सेशन और पेंटिंग प्रतियोगिता में आसपास के गांवों के विभिन्न स्कूलों के लगभग 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया। निदेशक कल्पना ने बताया कि छतबीड़ जू में इस समय चार बाघ और तीन बाघिन हैं। बाघ में अमन, अर्जुन व अमन बंगाल टाइगर व मादा में अग्नि, दिया व गौरी शामिल है जबकि एक छोटा नर टाइगर है।
सैलानियों के लिए बाघ रहे आकर्षण का केंद्र
आज जू में आने वाले सैलानियों के लिए बाघ मुख्य आकर्षक का केंद्र रहे। सैलानियों ने मस्ती कर रहे बाघों की फोटो अपने मोबाइल में कैद की। कल्पना ने कहा कि इस दिन को दुनियाभर में जंगली बाघों के आवासों के संरक्षण और विस्तार के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस मौके चिड़ियाघर शिक्षा अधिकारी हरपाल सिंह, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, चिड़ियाघर जीव विज्ञानी और चिड़ियाघर के सोनू सिंह और जू कीपर ने आए हुए पर्यटकों को स्कूली बच्चों को जागरूक किया।
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छतबीड़ जू में तैनात आईएफएस फील्ड निदेशक कल्पना ने इस विशेष दिन पर ग्रामीण स्कूलों के लिए विशेष इंटरेक्टिव सेशन, पेंटिंग प्रतियोगिता रखी। इनके अलावा जागरुकता के लिए फिल्म शो भी रखा गया था। इन सेशनों का मुख्य उद्देश्य बाघों की देखभाल व उनकी सुरक्षा के बारे में जागरूक करना था। विशेष सेशन और पेंटिंग प्रतियोगिता में आसपास के गांवों के विभिन्न स्कूलों के लगभग 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया। निदेशक कल्पना ने बताया कि छतबीड़ जू में इस समय चार बाघ और तीन बाघिन हैं। बाघ में अमन, अर्जुन व अमन बंगाल टाइगर व मादा में अग्नि, दिया व गौरी शामिल है जबकि एक छोटा नर टाइगर है।
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सैलानियों के लिए बाघ रहे आकर्षण का केंद्र
आज जू में आने वाले सैलानियों के लिए बाघ मुख्य आकर्षक का केंद्र रहे। सैलानियों ने मस्ती कर रहे बाघों की फोटो अपने मोबाइल में कैद की। कल्पना ने कहा कि इस दिन को दुनियाभर में जंगली बाघों के आवासों के संरक्षण और विस्तार के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस मौके चिड़ियाघर शिक्षा अधिकारी हरपाल सिंह, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, चिड़ियाघर जीव विज्ञानी और चिड़ियाघर के सोनू सिंह और जू कीपर ने आए हुए पर्यटकों को स्कूली बच्चों को जागरूक किया।
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