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दूसरे राज्यों से आने वालों का ‘गेट वे ऑफ पंजाब’ में होता है ट्रैफिक जाम से स्वागत
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जीरकपुर। गेट वे ऑफ पंजाब के नाम से जाने जाते शहर जीरकपुर में बाहर से आने वाले वाहन चालकों का स्वागत ट्रैफिक जाम से होता है। यहां फ्लाईओवर बनने से पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या चली आ रही है और अब तक भी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही।
यहां शहर से फ्लाईओवर के दोनों ओर रोजाना सुबह जीरकपुर से निकलो तो जाम और शाम को वापिस लौटो तो भी ट्रैफिक जाम। जीरकपुर के तीन लाख निवासियों को इंतजार है तो सिर्फ इस बात का कि जाम उन्हें इस ट्रैफिक जाम से छुटकारा कब मिलेगा। सरकार की योजनाएं कब साकार होंगी और कब पूरा होगा पीआर-7 रिंग रोड को पंचकूला से जोड़ने का काम।
वैसे देखा जाए तो जीरकपुर में ट्रैफिक का प्रेशर कम करने के कई प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन जाम है कि हटता ही नहीं। मसलन, एयरपोर्ट रोड तैयार की गई, ढकौली से अंबाला के लिए सीधा रास्ता निकाल दिया गया। लेकिन ट्रैफिक का प्रेशर जीरकपुर-चंडीगढ़ हाईवे पर खत्म नहीं हुआ।
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स्थानीय लोगों ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में यह कहा...
-मैं एक न्यूरो सर्जन हूं। सामान्य रूप से तो मैं ट्रैफिक जाम भी फंस ही जाता हूं। कई बार आपातकालीन स्थिति में मुझको आपरेशन करने के लिए अस्पताल तक आना पड़ता है। जीरकपुर के ट्रैफिक जाम की जो स्थिति है उसमें सिर्फ मुझको ही नहीं, मेरे कई साथी डाक्टरों को भी समय का काफी ध्यान रखना पड़ता है। मैंने जो देखा है उससे लगता है कि जाम की स्थिति जीरकपुर में काफी ज्यादा विकराल हो चुकी है। इसका हल प्रशासनिक अधिकारी, एनएचएआई और पंजाब के आला अधिकारियों द्वारा ही निकाला जा सकता है। हां, इतना जरूर कहूंगा कि इसको जल्द कंट्रोल करें, वरना कहीं स्थिति मुंबई की तरह न हो जाए।
-डॉ. रवि गर्ग न्य़ूरोलाजिस्ट, जेपी अस्पताल, जीरकपुर
मैं रोजाना लालड़ू जाती हूं। यूं तो लालड़ू तक के लिए बामुश्किल आधा घंटा लगना चाहिए, पर मुझको जीरकपुर से लालड़ू तक पहुंचने के लिए औसतन दो घंटे से ज्यादा का समय लगता है। मेरे लिए समस्या यह है, कि मुझको इसी रोड से होकर जाना होता है। मैं पिछले 10 साल से जाम की स्थिति ऐसी ही देख रही हूं। मुझको लगता है कि यदि फ्लाईओवर के नीचे से रेहड़ी फड़ी हटा दी जाएं तो जाम नहीं लगेगा। इसके साथ ही पटियाला रोड पर भी रेहड़ी-फड़ी को हटाने से समस्या का थोड़ा हल निकलेगा और रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगाम लगानी जरूरी है। इसकी वजह से न सिर्फ वाहन रुक जाते हैं बल्कि सड़क हादसे भी होते हैं।
-रेनू अरोड़ा, चार्टर्ड अकाउंटेंट
-पटियाला रोड पर रेहड़ी राज है। मैं यहां पिछले 10 साल से देखता आ रहा हूं स्थिति वैसी है, जैसी पहले थी। रेहड़ी राज की वजह से ही जाम लगता है। सड़क के दोनों ओर रेहड़ी लगी होंगी तो वाहनों का निकलना मुश्किल ही होगा। जैसे ही हम पटियाला चौक के नजदीक पहुंचते हैं, तो वहां ऑटो वाले डेरा डाले बैठे होते हैं। इस कारण पटियाला से जीरकपुर आने वाला ट्रैफिक बाधित होता है। ऑटो के कारण जाम तो लगता ही है साथ ही इसकी वजह से हादसे भी खूब होते हैं। अब यदि चंडीगढ़ से जीरकपुर की ओर देखें तो भी सब्जीमंडी के पास सिर्फ एक गाड़ी निकलने के लिए ही जगह बचती है। ऐसे में समस्या बढ़ जाती है।
-राजेश नागर, बिजनेसमैन
-जीरकपुर में जाम की एक वजह लोगों में ट्रैफिक में गाड़ी चलाने की समझ कम होना है। हाईवे पर कार को पार्क कर देना, रॉन्ग् साइड पर कार और स्कूटर ड्राइव करने जैसे कई मसले हैं जो कि जीरकपुर में हाईवे पर ट्रैफिक के लिए बाधा बन जाते हैं। मसलन, मैंने खुद कई बार देखा है कि जीरकपुर फ्लाईओवर के दोनों तरफ से वाहन रॉन्ग साइड में चलते हैं। इससे ट्रैफिक काफी बाधित होता है। इसी तरह फ्लाईओवर के दोनों ओर की मार्केट में गाड़ियां पार्क होती हैं। जिससे सड़क पर जगह कम बचती है। इसमें ट्रैफिक पुलिस, नगर काउंसिल को समझदारी दिखाते हुए सख्त कदम उठाने चाहिए। जिससे यहां के जाम की स्थिति पर कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सके।
-राज गुप्ता, बर्न जिम
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यहां शहर से फ्लाईओवर के दोनों ओर रोजाना सुबह जीरकपुर से निकलो तो जाम और शाम को वापिस लौटो तो भी ट्रैफिक जाम। जीरकपुर के तीन लाख निवासियों को इंतजार है तो सिर्फ इस बात का कि जाम उन्हें इस ट्रैफिक जाम से छुटकारा कब मिलेगा। सरकार की योजनाएं कब साकार होंगी और कब पूरा होगा पीआर-7 रिंग रोड को पंचकूला से जोड़ने का काम।
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वैसे देखा जाए तो जीरकपुर में ट्रैफिक का प्रेशर कम करने के कई प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन जाम है कि हटता ही नहीं। मसलन, एयरपोर्ट रोड तैयार की गई, ढकौली से अंबाला के लिए सीधा रास्ता निकाल दिया गया। लेकिन ट्रैफिक का प्रेशर जीरकपुर-चंडीगढ़ हाईवे पर खत्म नहीं हुआ।
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स्थानीय लोगों ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में यह कहा...
-मैं एक न्यूरो सर्जन हूं। सामान्य रूप से तो मैं ट्रैफिक जाम भी फंस ही जाता हूं। कई बार आपातकालीन स्थिति में मुझको आपरेशन करने के लिए अस्पताल तक आना पड़ता है। जीरकपुर के ट्रैफिक जाम की जो स्थिति है उसमें सिर्फ मुझको ही नहीं, मेरे कई साथी डाक्टरों को भी समय का काफी ध्यान रखना पड़ता है। मैंने जो देखा है उससे लगता है कि जाम की स्थिति जीरकपुर में काफी ज्यादा विकराल हो चुकी है। इसका हल प्रशासनिक अधिकारी, एनएचएआई और पंजाब के आला अधिकारियों द्वारा ही निकाला जा सकता है। हां, इतना जरूर कहूंगा कि इसको जल्द कंट्रोल करें, वरना कहीं स्थिति मुंबई की तरह न हो जाए।
-डॉ. रवि गर्ग न्य़ूरोलाजिस्ट, जेपी अस्पताल, जीरकपुर
मैं रोजाना लालड़ू जाती हूं। यूं तो लालड़ू तक के लिए बामुश्किल आधा घंटा लगना चाहिए, पर मुझको जीरकपुर से लालड़ू तक पहुंचने के लिए औसतन दो घंटे से ज्यादा का समय लगता है। मेरे लिए समस्या यह है, कि मुझको इसी रोड से होकर जाना होता है। मैं पिछले 10 साल से जाम की स्थिति ऐसी ही देख रही हूं। मुझको लगता है कि यदि फ्लाईओवर के नीचे से रेहड़ी फड़ी हटा दी जाएं तो जाम नहीं लगेगा। इसके साथ ही पटियाला रोड पर भी रेहड़ी-फड़ी को हटाने से समस्या का थोड़ा हल निकलेगा और रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगाम लगानी जरूरी है। इसकी वजह से न सिर्फ वाहन रुक जाते हैं बल्कि सड़क हादसे भी होते हैं।
-रेनू अरोड़ा, चार्टर्ड अकाउंटेंट
-पटियाला रोड पर रेहड़ी राज है। मैं यहां पिछले 10 साल से देखता आ रहा हूं स्थिति वैसी है, जैसी पहले थी। रेहड़ी राज की वजह से ही जाम लगता है। सड़क के दोनों ओर रेहड़ी लगी होंगी तो वाहनों का निकलना मुश्किल ही होगा। जैसे ही हम पटियाला चौक के नजदीक पहुंचते हैं, तो वहां ऑटो वाले डेरा डाले बैठे होते हैं। इस कारण पटियाला से जीरकपुर आने वाला ट्रैफिक बाधित होता है। ऑटो के कारण जाम तो लगता ही है साथ ही इसकी वजह से हादसे भी खूब होते हैं। अब यदि चंडीगढ़ से जीरकपुर की ओर देखें तो भी सब्जीमंडी के पास सिर्फ एक गाड़ी निकलने के लिए ही जगह बचती है। ऐसे में समस्या बढ़ जाती है।
-राजेश नागर, बिजनेसमैन
-जीरकपुर में जाम की एक वजह लोगों में ट्रैफिक में गाड़ी चलाने की समझ कम होना है। हाईवे पर कार को पार्क कर देना, रॉन्ग् साइड पर कार और स्कूटर ड्राइव करने जैसे कई मसले हैं जो कि जीरकपुर में हाईवे पर ट्रैफिक के लिए बाधा बन जाते हैं। मसलन, मैंने खुद कई बार देखा है कि जीरकपुर फ्लाईओवर के दोनों तरफ से वाहन रॉन्ग साइड में चलते हैं। इससे ट्रैफिक काफी बाधित होता है। इसी तरह फ्लाईओवर के दोनों ओर की मार्केट में गाड़ियां पार्क होती हैं। जिससे सड़क पर जगह कम बचती है। इसमें ट्रैफिक पुलिस, नगर काउंसिल को समझदारी दिखाते हुए सख्त कदम उठाने चाहिए। जिससे यहां के जाम की स्थिति पर कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सके।
-राज गुप्ता, बर्न जिम