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Mohali News: तारों के मकड़जाल, फंस रही दमकल की गाड़ियां, आपात सेवाओं पर सवाल
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जीरकपुर। शहर में बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों पर बेतरतीब ढंग से बिछाई गई इंटरनेट और अन्य केबलों का जाल अब दमकल विभाग के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। 12 सितंबर को एक घटना के दौरान दमकल की गाड़ी रास्ते में लटकती तारों में फंस गई, जिससे आपात स्थिति में समय पर घटनास्थल तक पहुंचने की क्षमता पर सवाल खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद दमकल विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है और बिजली बोर्ड और नगर परिषद को पत्र लिखने का फैसला किया है। शहर के कई इलाकों में तारों का यह मकड़जाल सड़क की ओर झूल रहा है, जिससे बड़े वाहनों, खासकर दमकल की गाड़ियों के लिए संकरी गलियों से गुजरना मुश्किल हो गया है। आग लगने की स्थिति में कुछ मिनट की देरी भी भारी पड़ सकती है। यह पहली बार नहीं है जब बिजली के खंभों और तारों को लेकर चिंता सामने आई है। इससे पहले वीआईपी रोड पर बिजली का खंभा एक कार पर गिर चुका है, जबकि नाभा रोड पर भी अचानक बिजली का खंभा गिरने की घटना सामने आई थी।
भबात में करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौत भी हो चुकी है। तारों के जाल का कारण जीरकपुर में बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों पर तारों का यह जाल एक दिन में नहीं बना है, बल्कि सालों से लगातार बढ़ता गया है। अलग-अलग इंटरनेट और केबल कंपनियां नए कनेक्शन के लिए इन्हीं खंभों का सहारा लेती रही हैं। नया कनेक्शन डालते समय कई बार पुरानी या खराब हो चुकी तारों को हटाने के बजाय उनके ऊपर ही नई केबल डाल दी जाती है। इससे एक ही खंभे पर तारों की संख्या बढ़ती जाती है और कुछ समय बाद पूरा खंभा तारों के जाल में बदल जाता है। कनेक्शन बंद होने या केबल खराब होने के बाद भी कई तारें खंभों से नहीं हटाई जातीं। नई कंपनियां भी इन्हीं रास्तों से अपनी केबल बिछा देती हैं, जिससे बेकार और चालू दोनों तरह की तारें एक साथ लटकती रहती हैं।
आपात सेवाओं के लिए बढ़ता खतरा कई जगह तारों को निर्धारित ऊंचाई और व्यवस्थित तरीके से लगाने के बजाय खंभों से बांधकर छोड़ दिया गया है। स्ट्रीट लाइट के खंभों पर इंटरनेट केबल लगाए जाने से भी स्थिति बिगड़ रही है। इसकी नियमित निगरानी और कार्रवाई के अभाव में हर नई केबल के साथ यह मकड़जाल और घना होता जा रहा है। तारों के नीचे तक लटकने से बड़े वाहनों के फंसने का खतरा बना रहता है, जैसा कि शनिवार को दमकल की गाड़ी के साथ हुआ। सबसे गंभीर स्थिति तब हो सकती है जब आगजनी के दौरान दमकल की गाड़ी को इन्हीं रास्तों से गुजरना पड़े। ऐसे में तारों का यह जाल दमकल के लिए रास्ते में रोड़ा और लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।
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खंभों पर तारों का इतना जाल बना हुआ है कि कई जगह यह सड़क और गलियों तक लटक रहा है। इससे आम लोगों के साथ-साथ आपात स्थिति में दमकल की गाड़ियों को भी परेशानी हो सकती है। विभागों को जल्द कार्रवाई कर अनावश्यक तारें हटानी चाहिए। -अजीतपाल सिंह, काठगढ़।
बिजली और इंटरनेट की तारें अलग-अलग खंभों पर बेतरतीब तरीके से डाली गई हैं। कई जगह तारें काफी नीचे लटक रही हैं। अगर आग जैसी कोई घटना हो जाए तो दमकल की गाड़ी को रास्ता मिलने में दिक्कत हो सकती है। प्रशासन को हादसा होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही व्यवस्था ठीक करनी चाहिए। -हरप्रीत सिंह ढकोली।
जीरकपुर में शनिवार को तारों के मकड़जाल से दमकल की गाड़ी फंसने का मामला सामने आया है, जिसकी जानकारी मिलने के बाद बिजली बोर्ड और नगर परिषद को पत्र लिखा जाएगा। इसमें तारों के मकड़जाल को हटाने के लिए कहा जाएगा, ताकि भविष्य में दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी न हो। -सहबाज सिंह बल, एडीएफओ, मोहाली।
प्रशासन द्वारा किसी भी कंपनी या व्यक्ति को स्ट्रीट लाइट के पोल पर इंटरनेट अथवा अन्य तारें लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है। इसके बावजूद यदि नियमों का उल्लंघन कर पोल पर तारें डाली जा रही हैं तो इसकी जांच करवाई जाएगी। लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए अब ऐसे मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।
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भबात में करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौत भी हो चुकी है। तारों के जाल का कारण जीरकपुर में बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों पर तारों का यह जाल एक दिन में नहीं बना है, बल्कि सालों से लगातार बढ़ता गया है। अलग-अलग इंटरनेट और केबल कंपनियां नए कनेक्शन के लिए इन्हीं खंभों का सहारा लेती रही हैं। नया कनेक्शन डालते समय कई बार पुरानी या खराब हो चुकी तारों को हटाने के बजाय उनके ऊपर ही नई केबल डाल दी जाती है। इससे एक ही खंभे पर तारों की संख्या बढ़ती जाती है और कुछ समय बाद पूरा खंभा तारों के जाल में बदल जाता है। कनेक्शन बंद होने या केबल खराब होने के बाद भी कई तारें खंभों से नहीं हटाई जातीं। नई कंपनियां भी इन्हीं रास्तों से अपनी केबल बिछा देती हैं, जिससे बेकार और चालू दोनों तरह की तारें एक साथ लटकती रहती हैं।
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आपात सेवाओं के लिए बढ़ता खतरा कई जगह तारों को निर्धारित ऊंचाई और व्यवस्थित तरीके से लगाने के बजाय खंभों से बांधकर छोड़ दिया गया है। स्ट्रीट लाइट के खंभों पर इंटरनेट केबल लगाए जाने से भी स्थिति बिगड़ रही है। इसकी नियमित निगरानी और कार्रवाई के अभाव में हर नई केबल के साथ यह मकड़जाल और घना होता जा रहा है। तारों के नीचे तक लटकने से बड़े वाहनों के फंसने का खतरा बना रहता है, जैसा कि शनिवार को दमकल की गाड़ी के साथ हुआ। सबसे गंभीर स्थिति तब हो सकती है जब आगजनी के दौरान दमकल की गाड़ी को इन्हीं रास्तों से गुजरना पड़े। ऐसे में तारों का यह जाल दमकल के लिए रास्ते में रोड़ा और लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।
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खंभों पर तारों का इतना जाल बना हुआ है कि कई जगह यह सड़क और गलियों तक लटक रहा है। इससे आम लोगों के साथ-साथ आपात स्थिति में दमकल की गाड़ियों को भी परेशानी हो सकती है। विभागों को जल्द कार्रवाई कर अनावश्यक तारें हटानी चाहिए। -अजीतपाल सिंह, काठगढ़।
बिजली और इंटरनेट की तारें अलग-अलग खंभों पर बेतरतीब तरीके से डाली गई हैं। कई जगह तारें काफी नीचे लटक रही हैं। अगर आग जैसी कोई घटना हो जाए तो दमकल की गाड़ी को रास्ता मिलने में दिक्कत हो सकती है। प्रशासन को हादसा होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही व्यवस्था ठीक करनी चाहिए। -हरप्रीत सिंह ढकोली।
जीरकपुर में शनिवार को तारों के मकड़जाल से दमकल की गाड़ी फंसने का मामला सामने आया है, जिसकी जानकारी मिलने के बाद बिजली बोर्ड और नगर परिषद को पत्र लिखा जाएगा। इसमें तारों के मकड़जाल को हटाने के लिए कहा जाएगा, ताकि भविष्य में दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी न हो। -सहबाज सिंह बल, एडीएफओ, मोहाली।
प्रशासन द्वारा किसी भी कंपनी या व्यक्ति को स्ट्रीट लाइट के पोल पर इंटरनेट अथवा अन्य तारें लगाने की अनुमति नहीं दी जाती है। इसके बावजूद यदि नियमों का उल्लंघन कर पोल पर तारें डाली जा रही हैं तो इसकी जांच करवाई जाएगी। लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए अब ऐसे मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।