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खेलने के लिए मैदान नहीं, स्पोर्ट्स कांप्लेक्सों में फीस ज्यादा

Sat, 28 May 2022 01:24 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 28 May 2022 01:24 AM IST
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There is no ground to play in the city, but the fees are high in sports complexes
मोहाली। वीआईपी सिटी को भलेेे ही पूरी दुनिया में क्रिकेट और हॉकी के स्टेडियमों से अलग पहचान मिलती है। लेकिन इन खेलों लिए खिलाड़ियों की नई पौध कैसे तैयार होगी, यह चीज का सबब बनती जा रही है। इलाके में अब बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान उपलब्ध नहीं है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्सों में गेम्स की ट्रेनिंग की फीस काफी ज्यादा हैं। जबकि नगर निगम के पार्कों में खेलने पर मनाही है। ऐसे में मजबूरी में अपने इलाके के युवा खिलाड़ी चंडीगढ़ या दूसरे राज्यों की तरफ रुख कर रहे हैं। जबकि कई लोगों की प्रतिभा ऐसे ही दम तोड़ रही है। यह मामला कई बार उठ चुका है, लेकिन अभी तक इसका हल नहीं मिल पा रहा है।
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शहर में खेलों के लिए लिए करीब 12 साल पहले ही आवाज उठना शुरू हो गई थी। 2010-2011 में जब अकाली भाजपा सरकार थी, उस समय मोहाली में स्पोर्ट्स स्टेडियम न होने का मामला उठा था। लोगों की दलील थी कि मोहाली में बच्चों के लिए खेलने के लिए कोई मैदान या स्पोर्ट्स कांप्लेक्स तक नहीं है। ऐसे में उस समय करीब सात स्टेडियम बनाने का फैसला लिया था। स्टेडियम इस तरह बनाए गए थे कि हरेक फेज या सेक्टर के लोगों को इनका फायदा मिल पाए, लेकिन जब स्टेडियम तैयार हुए तो गमाडा ने दो स्टेडियम स्पोर्ट्स विभाग को सौंप दिए। जबकि अन्य स्टेडियम प्राइवेट ठेकेदारों को, जिनकी फीस अठारह सौ से दो हजार के बीच में थी। ऐसे में कई युवा जो अच्छी प्रतिभा रखते थे, लेकिन फीस भरने में सक्षम नहीं थे, वह या तो चंडीगढ़ या पंजाब के अन्य जिलों में चले गए या खेलना ही छोड़ दिया।
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यह मामला कई बार नगर निगम की हाउस की बैठक में उठा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हालात यह हैं कि कोरोना काल में दो ठेकेदार तो स्पोर्ट्स कांप्लेक्स छोड़कर चले गए हैं। सूत्रों की मानें तो उन्होंने गमाडा को भुगतान नहीं किया है जबकि एक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर तो निजी ठेकेदार ने गमाडा के पोस्टर बैनर हटाकर अपना नाम तक चस्पा किया है।
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सेक्टर-78 स्थित मल्टीपर्पज स्टेडियम स्थापित किया गया है। इस स्टेडियम में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। यह कांप्लेक्स स्पोर्ट्स विभाग के पास है। यहां चार सौ मीटर का ट्रैक है। यह साधारण कैरी वाला ट्रैक है। इसकी भी उचित तरीके से देखभाल नहीं हो रही है। जबकि अब मुकाबले सिंथेटिक ट्रैक में होते हैं, ऐसे में हमारे खिलाड़ी मुकाबले में खड़े नहीं हो पाते। इसके अलावा ऊंची कूद व अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं। इससे प्रतिभा पर असर पड़ रहा है।
गमाडा की तरफ से फेज-11, फेज-नौ, सेक्टर-69, सेक्टर-71, फेज-पांच, सात, सेक्टर-78 में स्टेडियम स्थापित किए गए हैं। अब गमाडा इन्हें नए सिरे से रेनोवेट कर रहा है। इसकी वजह से भी कांप्लेक्स बंद है। सूत्रों से पता चला है कि स्टेडियमों में पावर बैकअप तक नहीं है। ऐसे में रात के समय स्टेडियम में प्रोग्राम आयोजित करने पर खिलाड़ियों को काफी दिक्कत होती है।
फेज-आठ दशहरा ग्राउंड व इसके साथ वाले एरिया में गमाडा की काफी जमीन थी। इसमें दो बड़े ग्राउंड शामिल थे। इनमें खिलाड़ी खेलते थे। साथ ही लोक मेले आदि आयोजित होते थे, लेकिन कुछ समय पहले गमाडा की तरफ से उक्त जमीन को बेच दिया गया। इससे वहां पर मैदानों में अब शापिंग मॉल स्थापित हो गए हैं। इसके अलाव ाफ क्या कहते हैं बच्चों के परिजन
हरियाणा से सीख लें पंजाब सरकार
पंजाब सरकार को खेलों के मामले में हरियाणा सरकार से सीख लेनी चाहिए। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए फ्री में इंतजाम है। ऐसे ही मोहाली में इंतजाम होने चाहिए। ताकि उभरते खिलाड़ियों को बढ़िया तरीके से एक मंच मिल पाए। जबकि
संदीप बंसल परिजन
फीसों को कंट्रोल किया जाए
गमाडा द्वारा चलाए जा रहे स्पोर्ट्स कांप्लेक्स ठेके पर चल रहे हैं, उनकी फीस अधिक है। इसके अलावा स्टेडियम में उस हिसाब से सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। सरकार को चाहिए कि सारे स्पोर्ट्स कांप्लेक्स अपने अधीन ले ताकि अच्छे तरीके से खेल चल पाए। हमें हरियाणा से सीखना चाहिए कि कैसे खिलाड़ी तैयार किए जा रहे हैं।
विवेक कृष्ण जोशी परिजन
खिलाड़ियों की लूट बंद हो
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स खिलाड़ियों को मंच देने के लिए बनाए गए थे, लेकिन अब यह मात्र पैसे कमाने का जरिया बनकर रह गए हैं। सरकार को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही अगर सरकार चाहती है कि ओलंपिक मेडल या अन्य मेडल देश में आए तो अपने स्तर पर कोच नियुक्त कर खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशे। साथ ही खिलाड़ियों से लूट बंद होनी चाहिए।

सुखदेव सिंह पटवारी पार्षद
क्या कहते हैं डिप्टी मेयर
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को लेकर नगर निगम गंभीर है। जल्दी ही इन्हें गमाडा से टेकओवर करने की प्रक्रिया पूरी होगी। जहां तक रेटों की बात है तो इसमें भी लोगों को राहत दी जाएगी। ट्राइसिटी के सरकारी स्पोर्ट्स कांप्लेेक्सों के रेटों की स्टडी की जाएगी।
कुलजीत सिंह बेदी डिप्टी मेयर मोहाली
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