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हलका डेराबस्सी के तीनों शहरों में नहीं बस अड्ड़े की सुविधा, कहां से पकड़ें बसें लोगों में दुविधा
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जीरकपुर। विधानसभा चुनाव के दौर में हलका डेराबस्सी की समय-समय पर सत्ता संभालने वाली अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की ओर से इस हलके में विकास करवाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत में अभी तक इस हलके में बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है। हलका डेराबस्सी के तीनों ही शहरों जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू में सबसे ज्यादा जरूरी एक बस अड्डे तक की सुविधा भी नहीं है। बस अड्डे की सुविधा न होने के कारण सवारियों को जान जोखिम में डालकर सड़कों के किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है और यहीं से बसें पकड़ते हैं, जो कि उनकी जान के लिए खतरनाक है।
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित डेराबस्सी हलके के निवासी लंबे समय से बस अड्डे के निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन समय-समय की सरकारों की ओर से लोगों की इस मांग को अनदेखा किया जाता रहा है। चुनाव के दौरान बस अड्डे सहित अन्य सुविधा देने के बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं, लेकिन वोट बटोरने के बाद हलके की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जीरकपुर में बीते समय के दौरान कालका चौक के नजदीक बहु करोड़ी बस अड्डे का निर्माण किया गया था। लेकिन बस अड्डे के निर्माण के लिए गलत जगह का चुनाव करने के कारण यहां अंदर कोई भी बस दाखिल ही नहीं होती। इस कारण यह इमारत अब शोपीस ही बन कर रह गई है। इस पर खर्चे गए करोड़ों रुपये मिट्टी में मिल गए हैं। बस अड्डे न होने के कारण जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू में बारिश, कड़ाके की ठंड और गर्मी के मौसम में तपती धूप में सवारियों को सड़कों के किनारे खड़े होकर बसें पकड़नी पड़ती हैं। हाईवे पर हर समय भारी यातायात रहता है। इस कारण सड़क के किनारे खड़े होकर बस पकड़ना काफी खतरनाक है। डेराबस्सी और लालड़ू में तो एक जगह पर ही बस मिल जाती है। लेकिन जीरकपुर में जीरकपुर-पटियाला रोड, पंचकूला रोड और सिंघपुरा चौक के नजदीक अलग-अलग स्थानों पर खड़े होकर बस पकड़नी पड़ती है।
वहीं आजकल फिर से विधानसभा चुनाव जनदीक होने के कारण राजनेताओं की ओर से डेराबस्सी और लालड़ू में बस अड्डे के निर्माण करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण यह काम शुरू होने से पहले सिर्फ एलान तक ही सीमित है। अब आने वाले दिनों में सामने आएगा कि पंजाब में नई सरकार बनने बाद इस हलके को बस अड्डे मिलते हैं या सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।
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जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित डेराबस्सी हलके के निवासी लंबे समय से बस अड्डे के निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन समय-समय की सरकारों की ओर से लोगों की इस मांग को अनदेखा किया जाता रहा है। चुनाव के दौरान बस अड्डे सहित अन्य सुविधा देने के बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं, लेकिन वोट बटोरने के बाद हलके की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जीरकपुर में बीते समय के दौरान कालका चौक के नजदीक बहु करोड़ी बस अड्डे का निर्माण किया गया था। लेकिन बस अड्डे के निर्माण के लिए गलत जगह का चुनाव करने के कारण यहां अंदर कोई भी बस दाखिल ही नहीं होती। इस कारण यह इमारत अब शोपीस ही बन कर रह गई है। इस पर खर्चे गए करोड़ों रुपये मिट्टी में मिल गए हैं। बस अड्डे न होने के कारण जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू में बारिश, कड़ाके की ठंड और गर्मी के मौसम में तपती धूप में सवारियों को सड़कों के किनारे खड़े होकर बसें पकड़नी पड़ती हैं। हाईवे पर हर समय भारी यातायात रहता है। इस कारण सड़क के किनारे खड़े होकर बस पकड़ना काफी खतरनाक है। डेराबस्सी और लालड़ू में तो एक जगह पर ही बस मिल जाती है। लेकिन जीरकपुर में जीरकपुर-पटियाला रोड, पंचकूला रोड और सिंघपुरा चौक के नजदीक अलग-अलग स्थानों पर खड़े होकर बस पकड़नी पड़ती है।
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वहीं आजकल फिर से विधानसभा चुनाव जनदीक होने के कारण राजनेताओं की ओर से डेराबस्सी और लालड़ू में बस अड्डे के निर्माण करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण यह काम शुरू होने से पहले सिर्फ एलान तक ही सीमित है। अब आने वाले दिनों में सामने आएगा कि पंजाब में नई सरकार बनने बाद इस हलके को बस अड्डे मिलते हैं या सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।
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