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Mohali News: नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ ने जान का खतरा बताकर दिया धरना

Tue, 10 Feb 2026 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:17 AM IST
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The staff of the drug de-addiction centre staged a sit-in, citing threat to their lives.
मोहाली। सेक्टर-66 स्थित सरकारी नशा छुड़ाऊ केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार को केंद्र में भर्ती करीब 40 मरीजों ने भागने का प्रयास किया था, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद केंद्र के स्टाफ ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सोमवार को काम ठप कर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे स्टाफ का कहना था कि पहले नशा छुड़ाऊ केंद्र में वे मरीज भर्ती होते थे, जो अपनी मर्जी से नशा छोड़ने आते थे, दवाइयों के माध्यम से उनका इलाज किया जाता था। अब बड़ी संख्या में ऐसे मरीज लाए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिस जबरन पकड़कर यहां भर्ती कर रही है, जबकि वे यहां रहना नहीं चाहते। इसी कारण मरीज बार-बार भागने का प्रयास करते हैं, जिससे स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की जान को खतरा बना रहता है। स्टाफ ने बताया कि इससे पहले भी दो मरीज केंद्र से फरार हो चुके हैं। वहीं, एक अन्य घटना में मरीजों ने सिक्योरिटी गार्ड्स पर जानलेवा हमला भी किया था। स्टाफ ने मांग की कि जब तक केंद्र में पुलिस सुरक्षा नहीं बढ़ाई जाती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
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धरने की सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल और थाना फेज-11 के एसएचओ अमन बैदवान मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्टाफ से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि अब नशा छुड़ाऊ केंद्र में छह पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाएंगे, जो तीन-तीन की शिफ्ट में सुबह और शाम ड्यूटी देंगे। इससे पहले केवल एक-एक पुलिस कर्मी ही तैनात था। अन्य मांगों को उपायुक्त के पास भेजने का भरोसा भी दिया गया। इसके बाद स्टाफ ने धरना समाप्त कर काम शुरू कर दिया।
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पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

जून 2025 में तेज आंधी-तूफान और ब्लैकआउट का फायदा उठाकर केंद्र से 23 मरीज खिडक़ी तोडक़र फरार हो गए थे। वहीं, सितंबर 2025 में दो मरीजों ने सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमला कर छत से कूदकर भागने में सफलता हासिल की थी। इन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं हुआ, जिससे स्टाफ में भारी रोष था।
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