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Mohali News: फेज-4 में ग्रीन बेल्ट हटाने पर बवाल, निवासियों ने अदालत का किया रुख

Mon, 01 Dec 2025 12:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:38 AM IST
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The removal of the green belt in Phase 4 sparked uproar, with residents approaching the court
मोहाली। शहर में नगर निगम, गमाडा और पुलिस घरों के बाहर और आसपास बनी ग्रीन बेल्ट हटाने के काम में लगी है। हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर की जा रही इस कार्रवाई के खिलाफ अब फेज-4 के निवासियों ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है। सीनियर एडवोकेट प्रितपाल सिंह बासी ने बताया कि नगर निगम की मनमानी और धक्केशाही के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की गई है, जिसमें नगर निगम मोहाली, गमाडा और पुलिस को पार्टी बनाया गया है।
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उन्होंने कहा कि अदालत ने इस मामले में एक दिसंबर को नगर निगम कमिश्नर, गमाडा सीए, ईओ, एसडीओ और एसएसपी मोहाली को तलब किया है। फेज-4 की काउंसलर रूपिंदर कौर रीना ने आरोप लगाया कि केवल उनके वार्ड को निशाना बनाया जा रहा है। यह कार्रवाई सियासी प्रेरित है क्योंकि वे हाउस मीटिंग्स में सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। वे वार्ड वासियों के साथ मिलकर इस धक्केशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगी। इस मौके पर पूर्व काउंसलर कुलदीप कौर कंग, एडवोकेट अमितोज सिंह, एडवोकेट दमनजीत सिंह धालीवाल, एडवोकेट हर्नीत सिंह उबराए, दर्शन सिंह साही, एनएस कलसी (रिटायर्ड एक्सियन), राजीव बंसल, किरणजीत कौर, डॉ. दलजीत कौर और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
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नोटिस दिए बिना की गई कार्रवाई?
एडवोकेट बासी ने बताया कि गमाडा की लैंडस्केपिंग पॉलिसी के अनुसार घरों के आगे सड़क किनारे पांच फुट जगह छोड़कर पौधे, घास और पेड़ लगाने की अनुमति है, जिसकी देखभाल प्लॉट मालिक कर सकता है। यदि कोई प्लॉट मालिक यह पांच फुट जगह नहीं छोड़ता है तो गमाडा को 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। इसके बाद ही जुर्माना लगाया जा सकता है। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई शुरू की जा सकती है। हैरानी की बात है कि किसी भी निवासी को कोई नोटिस नहीं दिया गया, जबकि अधिकांश घरों के बाहर पांच फुट से अधिक जगह खाली है। इसके बावजूद पुलिस की मदद से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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हाईकोर्ट के आदेशों का गलत हवाला
एडवोकेट बासी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों में केवल फुटपाथ, बाजार, सार्वजनिक रास्तों और सड़कों पर किए गए अवैध कब्जे हटाने की बात कही गई है। ग्रीन बेल्ट या घरों के सामने की लैंडस्केपिंग का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क किनारे पांच फीट क्षेत्र नगर निगम के अधिकार में आता है, लेकिन इसके आगे की जमीन गमाडा के अधीन है। अभी तक गमाडा ने यह क्षेत्र नगर निगम को सौंपने का कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इसलिए नगर निगम का तीन दिन का पब्लिक नोटिस गैरकानूनी है।
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