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जब तक कृषि कानून रद्द न हो जाएं नेता गांव में न आएं

Wed, 08 Sep 2021 02:02 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 02:02 AM IST
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The leaders should not come to the village until the agricultural laws are repealed.
मोहाली। गांव छज्जूमाजरा के ग्रामीणों ने सियासी नेताओं और उनके समर्थकों के गांव में आकर पार्टी का प्रचार करने पर पाबंदी लगा दी है। इसके लिए उन्होंने गांव के अंदर अलग-अलग जगहों पर चेतावनी के लिए बैनर और पोस्टर भी लगा दिए हैं। वहीं, बैनरों के माध्यम से राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं को चेतावनी दी है कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा बनाए कृषि के तीनों कानून रद्द नहीं होते तब तक कोई नेता हमारे गांव में अंदर आकर वोट मांगने की कोशिश न करें। हां, अगर कोई चेतावनी के बाद नेता गांव के अंदर दाखिल होकर राजनीति करेगा तो उसका जिम्मेदार वह खुद होगा।
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गांव छज्जूमाजरा के रहने वाले अवतार सिंह, सुरमुख सिंह, सज्जन सिंह, जसवीर सिंह, कुलदीप सिंह, परमजीत कौर, सुरिन्दर कौर, महिंदर कौर और अन्य ने बताया कि गांव के सभी निवासी किसान और मजदूर के साथ हैं और किसान संघर्ष की पूरी हिमायत करते हैं। गांववासियों का कहना है कि जब तक कृषि के नए तीन कानून रद्द नहीं किए जाते तब तक सभी सियासी दलों से संबंधित नेताओं के गांव में आने पर पाबंदी लगाई गई है।
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जबकि सियासी नेताओं के गांव में आने पर पाबंदी संबंधी बैनर और पोस्टर गांव के सार्वजनिक स्थानों से लेकर मुख्य रास्तों पर लगाए गए हैं, जिससे अगर कोई सियासी नेता भूलकर गांव में दाखिल होता है तो वह बैनर और पोस्टर लिखी चेतावनी देखकर अपने आप वापस मुड़ जाएं। वहीं, इसके बावजूद अगर कोई सियासी नेता गांव में दाखिल होकर राजनीति करता है, तो उसका जिम्मेदार वह खुद होगा।
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गांववासियों का आरोप है कि वह सियासी नेताओं के झूठे वादों से अब ऊब चुके हैं और ये सभी पार्टियां किसान संघर्ष से अपनी सियासी रोटियां सेक रही है और अपने मकसद को पूरा करने के लिए किसानों के आंदोलन को इस्तेमाल करना चाहती है। इसके अलावा गांव के सभी गांववासियों ने किसान संघर्ष को पूरी हिमायत देते हुए किसान मजदूर एकता पर जोर देते हुए सियासी नेताओं का विरोध करते हैं और गांववासियों की ओर से संयुक्त रूप से फैसला लेकर किसी भी सियासी पार्टी के नेता और समर्थक को गांव में तब तक दाखिल नहीं होने दिया जाएगा, जब तक केंद्र सरकार की ओर से बनाए कृषि के नए तीन कानून रद्द नहीं हो जाते।
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