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लाखों की लागत से सड़कों पर लगाए साइन बोर्ड पर चोरो की नजर
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मोहाली। वीआईपी शहर में बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन तरफ से कुछ साल पहले पूरे शहर में साइन बोर्ड लगाए गए थे। यह साइन बोर्ड सड़कों के सेंटर से करीब दस से बारह फुट ऊंचे थे, ताकि लोगों को आसानी से नजर आ जाएं। लेकिन अब चंडीगढ़ सीमा से लगते एरिया कई एरिया में साइन बोर्ड गायब हो रहे हैं। मात्र उनके स्टैंड ही लगे रह गए हैं। लेकिन अधिकारी इसको लेकर अभी बेखबर है। इससे जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही इलाके की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है।
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में बड़े महानगरों की तर्ज पर गमाडा की तरफ से कुछ साल पहले साइन बोर्ड लगाए गए थे। यह साइन बोर्ड शहर की सभी सड़कों और चौराहों पर थे। इससे लोगों को यह फायदा होता है कि लोगों को ड्राइव करते समय गूगल या अन्य एप का सहारा नहीं लेना पड़ता है, बल्कि बोर्ड खुद ही मंजिल तक ले जाते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता था कि सड़कों से ट्रैफिक आसानी से निकलता था। लेकिन कोरोना काल के दो साल में शरारती तत्वों की इन पर नजर लग गई है। क्योंकि साइन बोर्ड पर काफी मात्रा में लोहा लगा होता है, जो कि आसानी से कबाड़ियों को बिक जाता है। जबकि इन शरारती तत्वों या चोरों ने केवल शहर के सीमावर्ती इलाकों में लगे बोर्डों को निशाना बनाया। जहां पर रात के समय पुलिस और आम जनता का चलन कम होता है। सबसे ज्यादा नुकसान वाईपीएस स्कूल से एसएसपी की तरफ जाने वाली सड़क पर हुआ। जहां से अधिक साइन बोर्ड गायब हो चुके हैं। ऐसी ही स्थित फ्रैंको लाइट प्वाइंट के पास बनी हुई है। जबकि एयरपोर्ट रोड पर कुछ जगह गायब हुए है। इसके अलावा खरड़-बनूड़ रोड से भी साइन बोर्ड गायब हो चुके हैं। इससे अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर स्थिति को कैसे सुधारा जाए।
निगम करवा रहा पूरे शहर के साइन बोर्डों पर रंग रोगन
हालांकि नगर निगम पूरे शहर में लगे साइन बोर्डों को रंग रोगन करवा रहा है। इसके लिए काफी समय से मुहिम चल रही है। इस मुहिम का आगाज उन दिनों में हुआ था। जब राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एक धार्मिक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। नगर निगम ने इस काम संबंधी हाउस में प्रस्ताव पास किया था। उस समय तक दिया था कि साइन बोर्डों के पोल आदि को रंग रोगन की काफी जरूरत है। क्योंकि काफी समय रंग आदि नहीं हुआ।
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कई जगह पेड़ अभी भी साइन बोर्डों के लिए मुसीबत
जानकारी मोहाली नगर निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। जिनमें मेंटेनेंस के सभी काम नगर निगम की ओर से ही किए जाते हैं। नगर निगम के पास पेड़ों की प्रूनिंग वाली चार मशीनें हैं। लेकिन अभी तक पूरे इलाके में पेड़ों की प्रूनिंग नहीं हुई। शापिंग स्ट्रीट पर ही कई जगह पेेड़ साइन बोर्ड के लिए मुसीबत बने हुए हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों की माने तो 15 दिसंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की करवाई जाएगी जांच
साइन बोर्ड के गायब होने संबंधी मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसे बात है तो इसे चैक करवाया जाएगा। साथ ही इसके लिए जो भी लोग जिम्मेदार होंगे। उन पर कड़ी कार्रवाई जाएगी।
- डॉ. कमल कुमार गर्ग, निगम कमिश्नर, मोहाली।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में बड़े महानगरों की तर्ज पर गमाडा की तरफ से कुछ साल पहले साइन बोर्ड लगाए गए थे। यह साइन बोर्ड शहर की सभी सड़कों और चौराहों पर थे। इससे लोगों को यह फायदा होता है कि लोगों को ड्राइव करते समय गूगल या अन्य एप का सहारा नहीं लेना पड़ता है, बल्कि बोर्ड खुद ही मंजिल तक ले जाते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता था कि सड़कों से ट्रैफिक आसानी से निकलता था। लेकिन कोरोना काल के दो साल में शरारती तत्वों की इन पर नजर लग गई है। क्योंकि साइन बोर्ड पर काफी मात्रा में लोहा लगा होता है, जो कि आसानी से कबाड़ियों को बिक जाता है। जबकि इन शरारती तत्वों या चोरों ने केवल शहर के सीमावर्ती इलाकों में लगे बोर्डों को निशाना बनाया। जहां पर रात के समय पुलिस और आम जनता का चलन कम होता है। सबसे ज्यादा नुकसान वाईपीएस स्कूल से एसएसपी की तरफ जाने वाली सड़क पर हुआ। जहां से अधिक साइन बोर्ड गायब हो चुके हैं। ऐसी ही स्थित फ्रैंको लाइट प्वाइंट के पास बनी हुई है। जबकि एयरपोर्ट रोड पर कुछ जगह गायब हुए है। इसके अलावा खरड़-बनूड़ रोड से भी साइन बोर्ड गायब हो चुके हैं। इससे अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर स्थिति को कैसे सुधारा जाए।
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निगम करवा रहा पूरे शहर के साइन बोर्डों पर रंग रोगन
हालांकि नगर निगम पूरे शहर में लगे साइन बोर्डों को रंग रोगन करवा रहा है। इसके लिए काफी समय से मुहिम चल रही है। इस मुहिम का आगाज उन दिनों में हुआ था। जब राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एक धार्मिक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। नगर निगम ने इस काम संबंधी हाउस में प्रस्ताव पास किया था। उस समय तक दिया था कि साइन बोर्डों के पोल आदि को रंग रोगन की काफी जरूरत है। क्योंकि काफी समय रंग आदि नहीं हुआ।
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कई जगह पेड़ अभी भी साइन बोर्डों के लिए मुसीबत
जानकारी मोहाली नगर निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। जिनमें मेंटेनेंस के सभी काम नगर निगम की ओर से ही किए जाते हैं। नगर निगम के पास पेड़ों की प्रूनिंग वाली चार मशीनें हैं। लेकिन अभी तक पूरे इलाके में पेड़ों की प्रूनिंग नहीं हुई। शापिंग स्ट्रीट पर ही कई जगह पेेड़ साइन बोर्ड के लिए मुसीबत बने हुए हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों की माने तो 15 दिसंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की करवाई जाएगी जांच
साइन बोर्ड के गायब होने संबंधी मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसे बात है तो इसे चैक करवाया जाएगा। साथ ही इसके लिए जो भी लोग जिम्मेदार होंगे। उन पर कड़ी कार्रवाई जाएगी।
- डॉ. कमल कुमार गर्ग, निगम कमिश्नर, मोहाली।