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Mohali News: जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे कट बने खतरा, हादसों की आशंका

Mon, 02 Mar 2026 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:54 AM IST
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The cut under the Zirakpur flyover poses a risk of accidents.
बिलिंकर, स्पीड ब्रेकर और जेब्रा क्रॉसिंग नहीं होने की वजह से लोगों की जोखिम में रहती है जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर फ्लाईओवर के नीचे बनाए गए नए दो कट वाहन चालकों के लिए सुविधा से ज्यादा खतरा साबित हो रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पटियाला चौक से कोहिनूर चौक के बीच दो कट खोले गए हैं, लेकिन यहां किसी प्रकार के सेफ्टी इंतजाम नहीं किए गए हैं। जहां कट हैं वहां से अंबाला से चंडीगढ़ की ओर वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं। ऐसे में अचानक कट से मुड़ने वाले वाहनों के कारण हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का कहना है कि कट लगभग एक सप्ताह पहले खोले गए लेकिन अब तक बिलिंकर, स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं। दिनभर हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा संकेतों के कट खोलना लोगों की जान जोखिम में डालने जैसा है।

चेतावनी संकेत नहीं
कट तो खोल दिए हैं लेकिन कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया है। तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। इससे हमेशा हादसों का डर बना रहता है। एनएचएआई को दोनों कटों पर सेफ्टी पॉइंट बनाने चाहिए। -सतीश शर्मा
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यहां भारी ट्रैफिक रहता है।
सुबह-शाम ऑफिस टाइम में यहां भारी ट्रैफिक रहता है। बिना स्पीड ब्रेकर और जेब्रा क्रॉसिंग के यह कट किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। कई मनचले तो तेज रफ्तार में गुजरते हैं। एनएचएआई को उचित काम होने के बाद ही कट खोलने चाहिए थे। -जोगिंदर सिंह, ऑटो चालक
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दो दिन पहले हादसा होने से बचा

बच्चे और बुजुर्ग सड़क पार करते हैं। यहां न तो बिलिंकर है न ही कोई पुलिसकर्मी तैनात है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए। यहां से दो पहिया वाहन से लेकर ट्रक जैसे भारी वाहन भी गुजरते हैं। दो दिन पहले महिला चालक के साथ हादसा होने से बचा है। -रितेश वादवा

साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए थे
कट खोलने से पहले कम से कम रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए थे। रात के समय तो स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। आधे हाइवे पर तो वाहन पार्किंग करने वालों का ही कब्जा रहता है। रेलिंग के साइड ही वाहन अधिक चलते हैं, जो कि कटों के एकदम पास गुजरते हैं। -सरताज सिंह, ऑटो चालक

कोट
हमने कट नहीं खोले हैं। वाहन चालकों ने कट बनते ही बैरिकेडिंग हटा दी है। एनएचएआई सेफ्टी पॉइंट, चेतावनी बोर्ड भी जल्द लगाएगा। जब तक सेफ्टी पॉइंट नहीं बनते हैं तब तक वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। -राहुल सोखल, अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

कोट

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कट (मीडियन ओपनिंग) खोलने से पहले सड़क सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कट पर उचित सेफ्टी उपाय लगाए जाने चाहिए। सुरक्षा उपकरण लगाए बिना कट खोलना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इसलिए पहले सभी सेफ्टी पॉइंट स्थापित कर, उनकी गुणवत्ता जांचकर ही कट को यातायात के लिए खोला जाना चाहिए। - बलजिंदर सिंह, एडवॉकेट, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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