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मोहाली का हाल: दाह संस्कार से महंगा शव को श्मशानघाट ले जाना, मजबूरी में लुट रहे लोग 

Mon, 17 May 2021 02:19 AM IST
मोहाली ब्‍यूरो अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली Published by: मोहाली ब्‍यूरो Updated Mon, 17 May 2021 02:19 AM IST
सार

इस आपदा में प्रशासन को इस तरह की सुविधा मुफ्त उपलब्ध करवानी चाहिए। जिस तरह टीकाकरण या कोरोना टेस्ट मुफ्त किया जा रहा है, इसी तरह जब कोई अपनों की जान गंवा देता है तो उसकी मदद करनी चाहिए।  

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Fees of Ambulance taking dead body to crematorium is costly than funeral in Mohali
ambulance - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में कई लोग दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें लूटने में लगे हैं। हाल ये है कि शव को श्मशान घाट तक पहुंचाना अंतिम संस्कार से महंगा पड़ रहा है। मोहाली में कोरोना की वजह से जिन मरीजों की मौत हो रही है, उनके शवों को श्मशानघाट तक पहुंचाने के लिए निजी एंबुलेंस या अन्य वाहन चालक परिजनों से 2500 से 5000 रुपये तक वसूल रहे हैं। जबकि श्मशान घाट में दाह संस्कार 600 रुपये में हो रहा है। करीब चार-पांच किलोमीटर की दूरी तक शव ले जाने का इतना ज्यादा किराया वसूल कर लोगों को मजबूरी में लूटा जा रहा है। लेकिन इस पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

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मोहाली के दस अस्पतालों में कोविड के मरीजों का इलाज हो रहा है जहां पर पिछले एक माह से औसतन 7-8 मरीजों की मौत रोजाना हो रही है। इनमें जिले के और बाहरी राज्यों के मरीज भी शामिल होते हैं। सभी लोगों को अपने परिजनों का संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत करना होता है। लेकिन अधिकतर अस्पतालों में शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस या अन्य वाहन मुहैया नहीं करवाए जाते हैं।
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लोगों को खुद ही अपने खर्चे पर अस्पतालों के बाहर से एंबुलेंस करनी पड़ती है। जैसे ही अस्पताल के बाहर बने स्टैंड पर लोग जाते हैं और वहां पर एंबुलेंस वाले शव को संस्कार के लिए ले जाने की बात सुनते है तो तुरंत 2500 से लेकर 5000 रुपये प्रति गाड़ी के हिसाब से पैसे बताए जाते हैं। लोगों के पास मजबूरी में कोई विकल्प नहीं होता है और उन्हें इस लूट का शिकार होना ही पड़ता है। समाजसेवी और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता विनीत वर्मा का कहना है कि यह एक गंभीर मामला है। कोरोना काल में इस तरह लोगों के साथ की जा रही लूट के इस मामले को वह जिला प्रशासन के सामने उठाएंगे।
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सैनिटाइजर और दस्तानों का इंतजाम अलग से करो
स्थानीय निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार की मोहाली के एक निजी अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी। वह श्मशान घाट में दाह संस्कार का समय लेकर जब अस्पताल में शव लेने गए तो अस्पताल प्रबंधन का जवाब था कि शव ले जाने के लिए उन्हें निजी एंबुलेंस करनी होगी। अस्पताल की गाड़ी नहीं जाएगी। जब वह एंबुलेंस करने गए तो शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए सीधे चार हजार रुपये बताए। एक ने जोर देने पर 2500 रुपये बताए तो उन्होंने मजबूरी में एंबुलेंस बुक कर ली। साथ ही एंबुलेंस वालों को सैनिटाइजर और ग्लब्स अलग से खरीदकर देने पड़े। 


समस्या का किया जाएगा हल
नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि इस बात की जानकारी थी कि लोगों से इस तरह पैसे वसूले जा रहे हैं। इस समस्या का हल जल्द किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड मृतकों के दाह संस्कार के लिए मोहाली श्मशान घाट में उचित व्यवस्था की गई है। नए थड़े बनाए गए हैं। कोविड से मृतकों के शव श्मशान घाट तक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी करने की कोशिश करेंगे।
 

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