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सात घंटे तक चंडीगढ़ बार्डर पर लगाया शिक्षकों ने जाम
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Tue, 06 Sep 2016 09:45 AM IST
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11 मई को एचआरटीसी कर्मचारी गेट मीटिंग कर कार्यालय के प्रांगण में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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टीचर्स-डे से ठीक एक दिन पहले प्रदेशभर आए मास्टरों ने मोहाली में करीब सात घंटे तक चंडीगढ़ बार्डर जाम लगाया। सात घंटे बाद यह जाम स्कूल एजुकेशन के डायरेक्टर जनरल प्रदीप अग्रवाल के आश्वासन के बाद खुला। अग्रवाल ने बार्डर पर जाम लगाकर बैठे प्रदेशभर के शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वह जल्द मुख्यमंत्री से उनकी मीटिंग कराने का समय लेंगे। वहीं, डायरेक्टर जनरल ने यह भी आश्वासन दिया कि 20 सितंबर को पंजाब के शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा से मीटिंग का समय तय हो चुका है। रविवार को कैडर यूनियन की ओर से दिए गए धरने में पंजाब भर से आए मास्टरों ने भाग लिया। इस धरने में शामिल होने के लिए पहुंचे मास्टरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले फेज-8 में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए सूबा प्रधान बलदेव सिंह बुट्टर ने कहा कि पंजाब सरकार से मास्टर कैडर की मांगों मनवा कर ही दम लेंगे। इस मौके पर हरसेवक सिंह, हरमिंदर सिंह उप्पल, मुहेंदर सिंह राणा, बलजिंदर सिंह धालीवाल, जसवीर सिंह सिद्धू, हरबंस लाल जालंधर, हरमिंदर दुरेजा फाजिल्का, पंकज बांसल, जसपाल सिंह बरनाला, सुखदेव काजल, हरभजन सिंह होशियारपुर, कुलजीत सिंह मान और जगजीत सिंह मौजूद रहे।
सेक्टर-52 में पुलिस ने रोका
दोपहर को धरने स्थल से मास्टरों की रैली चंडीगढ़ सीएम हाउस की ओर रवाना हुई। जिसे चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सेक्टर-52 सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मास्टर वहीं धरने पर बैठ गए और रात को करीब साढ़े नौ बजे तक बैठे रहे।
सीएम से मुलाकात नहीं होने से बढ़ा गुस्सा
धरने के दौरान प्रशासन द्वारा यूनियन के सदस्यों को सीएम हाउस में मीटिंग के लिए ले जाया गया, जहां पर उनको समय नहीं मिलने के कारण सभी मास्टर गुस्से से आ गए। वहीं, धरने पर बैठे मास्टरों ने एलान कर दिया कि जब तक उनकी मांगे नही मानी जाती तब तक वह धरने पर ही बैठे रहेगें। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जाम खोलने के लिए काफी मान मनोव्वल किया, लेकिन वह नहीं माने।
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धरना स्थल से ना उठने की जिद पर अडे़ मास्टर
धरना स्थल से न उठने की जिद करते हुए मास्टरों ने प्रशासन को चेतावनी दी की वह यहां से नहीं उठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चाहे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ले। साथ ही एलान किया कि लांडरां में होने वाले राज्य स्तरीय समागम में यूनियन की ओर से रैली की जाएगी।
ये हैं प्रमुख मांगे
-मास्टर कैडर के स्टेटस को बहाल नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
-सरकार के साथ हुई बैठकों में मास्टर कैडर की मांगों को मान कर आज तक लागू नहीं किया।
- प्रमोशन के मामलों में बाहरी विश्वविद्यालयों का बहाना बनाया जा रहा है।
-शिक्षा विभाग की तरफ से मास्टर कैडर से लेक्चरर और मुख्य अध्यापकों की तरक्की जल्द की जाए।
- 89 दिनों की सेवा का लाभ देना, पुरानी पेंशन बहाल करना।
-7654, 3442 अध्यापकों के रहते आर्डर जारी करना, 5178 अध्यापकों को पूरा स्केल रेगुलर करना
-ईटीटी से मास्टर कैडर की पद्द उन्नतियाँ करना, टैम्परेरी को रेगुलर करने जैसी मांगें उठाई गई
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सेक्टर-52 में पुलिस ने रोका
दोपहर को धरने स्थल से मास्टरों की रैली चंडीगढ़ सीएम हाउस की ओर रवाना हुई। जिसे चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सेक्टर-52 सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मास्टर वहीं धरने पर बैठ गए और रात को करीब साढ़े नौ बजे तक बैठे रहे।
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सीएम से मुलाकात नहीं होने से बढ़ा गुस्सा
धरने के दौरान प्रशासन द्वारा यूनियन के सदस्यों को सीएम हाउस में मीटिंग के लिए ले जाया गया, जहां पर उनको समय नहीं मिलने के कारण सभी मास्टर गुस्से से आ गए। वहीं, धरने पर बैठे मास्टरों ने एलान कर दिया कि जब तक उनकी मांगे नही मानी जाती तब तक वह धरने पर ही बैठे रहेगें। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जाम खोलने के लिए काफी मान मनोव्वल किया, लेकिन वह नहीं माने।
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धरना स्थल से ना उठने की जिद पर अडे़ मास्टर
धरना स्थल से न उठने की जिद करते हुए मास्टरों ने प्रशासन को चेतावनी दी की वह यहां से नहीं उठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चाहे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ले। साथ ही एलान किया कि लांडरां में होने वाले राज्य स्तरीय समागम में यूनियन की ओर से रैली की जाएगी।
ये हैं प्रमुख मांगे
-मास्टर कैडर के स्टेटस को बहाल नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
-सरकार के साथ हुई बैठकों में मास्टर कैडर की मांगों को मान कर आज तक लागू नहीं किया।
- प्रमोशन के मामलों में बाहरी विश्वविद्यालयों का बहाना बनाया जा रहा है।
-शिक्षा विभाग की तरफ से मास्टर कैडर से लेक्चरर और मुख्य अध्यापकों की तरक्की जल्द की जाए।
- 89 दिनों की सेवा का लाभ देना, पुरानी पेंशन बहाल करना।
-7654, 3442 अध्यापकों के रहते आर्डर जारी करना, 5178 अध्यापकों को पूरा स्केल रेगुलर करना
-ईटीटी से मास्टर कैडर की पद्द उन्नतियाँ करना, टैम्परेरी को रेगुलर करने जैसी मांगें उठाई गई