मनी लॉन्ड्रिंग मामला: मोहाली की अदालत ने सुखपाल खैरा को सात दिन के रिमांड पर भेजा, दिल्ली में ईडी करेगी पूछताछ
2015 में दर्ज एनडीपीएस के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था जो पाकिस्तान के जरिए ड्रग्स, हथियारों और सोने की तस्करी करते थे। इसमें सुखपाल खैरा का नाम भी आया था। इसके बाद मार्च में चंडीगढ़ के सेक्टर 5 स्थित कोठी नंबर 6 में ईडी ने रेड की थी।
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मोहाली की अदालत ने पंजाब कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैरा को सात दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) खैरा को दिल्ली ले जाकर पूछताछ करेगी। अदालत से बाहर आते समय सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि वह निर्दोष है। भले ही समय लगेगा, लेकिन जीत उनकी ही होगी। उन्हें वाहेगुरु पर पूरा विश्वास है। खैरा को ईडी ने गुरुवार को गिरफ्तार किया था।
एक दिन का रिमांड पूरा होने के बाद शुक्रवार सुबह करीब दस बजे खैरा को अदालत में पेश किया गया लेकिन अदालत में सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि उनके पास उक्त केस को सुनने के अधिकार नहीं है। ऐसे में वह इस संबंधी जिला सेशन जज की अदालत में आवेदन दायर करें। उस वक्त जिला सेशन जज किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। दोपहर बाद आवेदन दायर हुआ।
केस की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी गई। शाम को केस की सुनवाई हुई। इस पूरी प्रक्रिया में आठ घंटे बीत गए। इस दौरान ईडी के वकीलों और सुखपाल सिंह खैरा के वकीलों में काफी लंबी बहस हुई। ईडी का तर्क था कि खैरा को विदेश से एक लाख डालर की फंडिंग हुई है। खैरा के वकीलों का तर्क था कि वे आम आदमी पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। इस संबंध में आप नेताओं को पता होगा। इससे संबंधित दस्तावेज वह सौंप चुके हैं।
ईडी ने मांगा था 14 दिन का रिमांड
ईडी ने यह भी तर्क दिया कि ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनसे पूछताछ करनी है। इसका भी खैरा के वकीलों ने विरोध किया। उनका कहना था उक्त केस खत्म हो चुका है। ऐसे में आरोप सही नहीं है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। उन्होंने गिरफ्तारी को भी गलत बताया। हालांकि ईडी के वकील अपनी बात पर अड़े थे। उनका कहना था कि खैरा को दिल्ली ले जाकर पूछताछ करनी है। क्योंकि केस से जुड़े सारे रिकॉर्ड वहीं है। आगे सरकारी छुट्टियां हैं। ऐसे में समय कम है। ईडी ने 14 दिन रिमांड की मांग की थी। बाद में अदालत ने सात दिन का रिमांड सौंपा।
पिता-पुत्र ने बर्गर खाकर मिटाई भूख
ईडी की टीम सुखपाल सिंह खैरा को शुक्रवार सुबह ही अदालत में लेकर पहुंच गई थी। इस दौरान वह सफेद रंग का कुर्ता पजामा व जैकेट पहने हुए थे। दोपहर में खाने की जगह उन्होंने बेटे के साथ बर्गर खाकर अपनी भूख मिटाई।
पंजाब सरकार के मंत्री का रोल है अहम
खुखपाल सिंह खैरा व उनके बेटे ने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी के पीछे पंजाब सरकार का एक मंत्री है। उनके मुताबिक जब वे नेता प्रतिपक्ष थे तो उनकी वजह से उस मंत्री को अपना पद खोना पड़ा था। अब वही ये सब कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें केस का कोई डर नहीं हे। उनके पास केस से जुड़ा हर दस्तावेज मौजूद है।